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Hisar Triple Murder: आंगन में बिखरा खून, गोलियों के खाली खोल कह रहे थे खौफनाक मंजर की कहानी

Mon, 12 Jun 2023 08:10 AM IST
नवीन दलाल सुरेश सहारण, हिसार (हरियाणा)
सुरेश सहारण, हिसार (हरियाणा) Published by: नवीन दलाल Updated Mon, 12 Jun 2023 08:10 AM IST
सार

हिसार के कृष्णा कॉलोनी में हुए ट्रिपल मर्डर में आरोपी का पिता बोला मैं बीमार था अगर स्वस्थ होता तो कहानी और होती या वो फिर मुझे भी मार देता। आरोपी ने आपसी कहासुनी में पत्नी सहित दो सालों को मौत के घाट उतार दिया।

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Hisar Triple Murder: Blood splattered in courtyard, empty shells of bullets telling story of dreadful scene
आंगन में पड़े तीनों शव - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिसार की कृष्णा नगर में रविवार की सुबह साढ़े दस बजे दनादन गोलियों की आवाज सुनकर लोग दहशत में आ गए। लोग कुछ समझ पाते उससे पहले पार्षद प्रत्याशी रहा राकेश पंडित अपनी पत्नी और दो सालों की हत्या करने के बाद फरार हो चुका था। घर के अंदर का मंजर खौफनाक था। आंगन में 5 फीट के दायरे में बहन और उसके दो भाइयों के शव पड़े थे। आंगन में बिखरे लहू के आसपास गोलियों के आठ खोल बिखरे पड़े थे। जो दिल दहलाने वाली वारदात के सबूत थे। सुमन के हाथ में लिए हुए मोबाइल फोन की घंटी बज रही थी। लोग दीवार के अंदर बने झरोखों से अंदर का मंजर देख दहशत में थे।

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पांच साल पहले बेटी को तलाक दिलवा देता तो आज कलेजे के टुकड़ों में होती जान
पांच साल पहले बेटी सुमन पर फायर करने के बाद राकेश पंडित से तलाक करवा देता तो आज ये दिन नहीं देखना पड़ता। कलेजे के तीनों टुकड़े जिंदा होते। उनका लहू जमीन पर बहता नजर नहीं आता। मेरा तो पूरा परिवार उजड़ गया। यह कहना है धनाना गांव के रहने वाले और सुमन के पिता राजिंद्र का। उन्हाेंने बताया कि मेरी तबीयत खराब थी, अगर स्वस्थ होता तो मैं बेटी को लेने आता और कहानी कुछ और होती या तो वो मुझे भी मार देता। जब दामाद को गोली लगी थी उस समय परिवार का कोई सामने नहीं आया था। हमने अस्पताल में इलाज करवाया था और अब उसने ये वाक्य कर दिया।
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दोनाली बंदूक चोरी होने के बाद से अक्सर रहता था झगड़ा
नागरिक अस्पताल में पहुंचे मृतकों के पिता राजिंद्र ने बताया कि कुछ माह पहले दामाद राकेश ने अपनी दोनाली बंदूक चोरी होने की मनगढ़ंत कहानी बनाई थी। चोरी की घटना के अगले दिन सुबह बेटी सुमन के साथ बंदूक चोरी होने की बात कह कर झगड़ा करने लगा। उसके बाद हर रोज बेटी के साथ झगड़ा करता और उसे पीटता। उसको कई बार समझाया, लेकिन उसने एक न मानी। रात को अपने दोस्तों के साथ घर पर आता और सुमन को सभी के लिए खाना बनाने के लिए बोलता और मना करने पर उसके साथ मारपीट करता। शनिवार की रात को फोन पर बेटी ने बताया था कि आज फिर पिटाई की है, मुझे इसके साथ नहीं रहना लेने आ जाओ। रविवार सुबह दोनों बेटे घर से आठ बजे हिसार के लिए निकले थे।

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एक व्यक्ति तीनों को एक समान गोली नहीं मार सकता

अस्पताल पहुंचे मृतकों के परिजनों और परिचितों का कहना है कि एक व्यक्ति तीनों को एक समान गोली नहीं मार सकता। तीनों के मुंह और सीने पर गोली के निशान हैं। वारदात को अंजाम देने में राकेश के साथ कोई और भी शामिल है। तीनों को नजदीक से गोली मारी गई हैं। पत्नी के मुंह पर जो गोली मारी गई वो आर पार हाे गई है, जबकि एक- एक गोली तीनों के पेट से मिली है। हमें शक है कि अकेला राकेश वारदात को अंजाम नहीं दे सकता।

मां के सामने चलाईं गोलियां
राकेश पंडित के घर में उसकी मां और लकवाग्रस्त पिता है। यहां पर राकेश की पत्नी सुमन, दो बेटे सूर्यकांत और निर्भय, बेटी पदमा रहती है। सूर्यकांत दसवीं में, निर्भय आठवीं और पदमा पांचवीं कक्षा में पढ़ती है। गर्मियों की छुट्टियां होने के चलते पदमा अपनी बुआ आशा के पास सातरोड गई हुई है। रविवार सुबह करीब साढ़े दस बजे घर के आंगन में राकेश उसकी पत्नी सुमन, साले मंजीत और जितेश बैठकर आपस में बातचीत कर रह थे। राकेश की मां भी थोड़ी दूरी पर बैठी हुई थी। बातचीत के दौरान माहौल गर्म हुआ तो राकेश ने लाइसेंसी पिस्टल से एक के बाद एक आठ राउंड फायर कर डाले। सुमन, मंजीत और जितेश की मौत हो गई। पुलिस को घर से लाइसेंसी दोनाली बंदूक बरामद हुई है, लेकिन पिस्टल नहीं मिला। पुलिस के अनुसार गोलियां पिस्टल से ही चलाई गई हैं।

फोन की बजती रही घटी

राकेश पंडित के घर के आंगन में सुमन, मंजीत और जितेश के शव लहूलुहान हालत में पड़े थे। सुमन के एक हाथ में 20 और 10 रुपये का नोट था। मंजीत के हाथ में फोन था, जिसकी घंटी लगातार बज रही थी, लेकिन उठाने वाला कोई नहीं था। घटना का पता चलने के बाद आसपास के लोगों की भीड़ एकत्रित हो गई। लोग घरों की छत पर चढ़ कर घटना के बारे में चर्चा कर रहे थे।

घटना के बाद बच्चों को बहन के पास छोड़ा
पुलिस सूत्रों की मानें तो वारदात को अंजाम देने के बाद राकेश स्कूटी पर सवार होकर घर से निकला। उसके साथ दोनों बेटे भी अलग स्कूटी लेकर घर से निकले। पड़ोस में रह रहे पार्षद प्रीतम के घर के बाहर और राकेश के घर के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे में राकेश की फुटेज कैद है। बताया जा रहा है अपने दोनों बेटों को सातरोड गांव में अपनी बहन के पास छोड़ कर मौके से फरार हो गया। पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश में छापे मार रही हैं।

हमले के बाद से हमेशा अपने पास रखता था पिस्टल

तीन साल पहले राकेश को दो युवकों ने गोली मारी थी। उसके बाद राकेश ने अपनी सुरक्षा के लिए दोनाली बंदूक और पिस्टल का लाइसेंस लिया था। पिस्टल को हमेशा अपने साथ रखता था। घटना वाली सुबह भी वह पिस्टल उसके पास थी जिससे उसने वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया कि तीनों को नजदीक से गोली मारी गई है। सुमन के मुंह पर लगी गोली आर पार हो गई है।

पार्षद चुनाव में हुआ था हंगामा
2018 में हुए मेयर और पार्षद के चुनाव के दौरान आरोपी राकेश पंडित ने वार्ड नंबर 15 से पार्षद का चुनाव लड़ा था। पंचायत भवन में मतगणना के दौरान शाम को राकेश पंडित अपनी जीत की खुशी में ढोल बजाते हुए निकाला, लेकिन कुछ देर बाद दोबारा से उसे अधिकारियों ने वापस बुलाया और कहा कि वार्ड नंबर 15 से प्रीतम सैनी विजयी हुए हैं। कुछ गिनती बाकी थी। यह सुनने के बाद राकेश ने अपने समर्थकों के साथ काफी हंगामा किया था।

लोगों की जुबान पर था राकेश ऐसा नहीं कर सकता

जैसे ही स्थानीय लोगों को राकेश के घर में तीन हत्याओं की घटना का पता चला तो वे राकेश के घर के बाहर एकत्रित हो गए। सभी की जुबां पर घटना की चर्चा थी की राकेश ऐसा नहीं कर सकता। जो एक आवाज पर हर किसी के दुख सुख में शामिल होता हो वह ऐसा जघन्य अपराध नहीं कर सकता। लोगों की समस्याओं को दूर करने में हमेशा आगे रहता था। लोगों को घटना के बाद विश्वास नहीं हो रहा कि राकेश तीन हत्याएं कर सकता है।

हाथ जोड़े थे लड़ाई झगड़ा मत करो
वारदात के बाद आरोपी राकेश की मां माया ने बताया कि बेटा और बहू में अक्सर झगड़ा रहता था। सुबह बहू के भाई और बेटा आंगन में बैठकर बातचीत कर रहे थे। अचानक आपस में झगड़ा करने लगे। दोनों पक्षों को हाथ जोड़कर झगड़ा न करने को कहा था, लेकिन किसी ने एक न सुनी और अनहोनी हो गई। संवाद

हिसार एसपी के अनुसार
तीहरे हत्याकांड में कौन-कौन शामिल है ये जांच का विषय है। घटना स्थल पर जो कारतूस के खाली खोल मिल हैं, उनकी जांच की जाएगी। फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य एकत्रित किए हैं। बाकी पोस्टमार्टम के बाद पता लगेगा कि किस को कितनी गोली लगी हैं। - गंगाराम पूनिया, पुलिस अधीक्षक, हिसार।

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