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फर्जी डिग्री पर 16 साल पढ़ाया, अब तीन साल की कैद
ब्यूरो/अमर उजाला/हिसार
Updated Thu, 31 Mar 2016 01:31 AM IST
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अपराध
- फोटो : Bureau
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एडीजे चंद्रशेखर की अदालत ने फर्जी डिग्रियों पर 16 साल तक जूनियर लेक्चरर की नौकरी करने वाले हांसी के गोल कोठी क्षेत्र के भारत भूषण को बुधवार को तीन साल की कैद और 3500 रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने उसे सोमवार को दोषी मानते हुए उसके पिता धर्मपाल को बरी कर दिया था।
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अदालत में चले अभियोग के अनुसार हांसी के मॉडल टाउन के एडवोकेट धर्मपाल सिंह ने विजिलेंस को शिकायत देकर कहा था कि डाटा के सीनियर सेकेंडरी स्कूल में इंगलिश लेक्चरर भारत भूषण की बीएससी और एमए की डिग्री फर्जी है। वह हांसी के गोल कोठी क्षेत्र में रहता है।
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विजिलेंस ने शिकायत पर जांच की तो पाया कि 1997 में इंगलिश लेक्चरर के पद पर लगे भारत भूषण की मगध यूनिवर्सिटी से लाई गई बीएससी और एमए इंगलिश की डिग्री फर्जी है। जांच में पाया था कि नौकरी ज्वाइन करते समय उसका पिता धर्मपाल रतिया में शिक्षा विभाग में बीईओ लगा था। उसी ने अपने बेटे की फर्जी डिग्री सत्यापित की थी। विजिलेंस ने 14 नवंबर 2013 को दोनों पिता-पुत्रों के खिलाफ धोखाधड़ी और फर्जीवाड़े का केस दर्ज कर उन्हें आरोपी बनाया था। अदालत ने सोमवार को भारत भूषण को दोषी मानकर उसके पिता धर्मपाल को बरी कर दिया था।
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