हिसार: दवा-खाद फैक्टरी पर मुख्यमंत्री उड़नदस्ते ने मारा छापा, 14 सैंपल भरे
सीएम फ्लाइंग ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की है। इस दौरान भारी मात्रा में खाद व दवाइयां बरामद हुईं।
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गैबीपुर-प्रभुवाला मार्ग पर पुरानी नहर के पास उदय नगर में सोमवार शाम मुख्यमंत्री उड़नदस्ते की टीम ने कीटनाशक दवा और खाद बनाने की फैक्टरी पर छापा मारा। कार्रवाई के दौरान टीम को फैक्टरी का स्टॉक रजिस्टर व रिकॉर्ड सही नहीं मिला। इस दौरान टीम ने खाद और कीटनाशक दवा के 14 सैंपल भरे। टीम की अगुवाई सीएम फ्लाइंग के इंचार्ज इंद्र सिंह ने की। उनके साथ एसडीओ पवन ढींगड़ा और राजबीर सिंह भी मौजूद रहे। उन्होंने बताया कि यदि सैंपल फेल आए तो फैक्टरी मालिक के खिलाफ केस दर्ज कराया जाएगा।
जानकारी के अनुसार सीएम फ्लाइंग टीम को सूचना मिली थी कि गांव प्रभुवाला के नजदीक एक फैक्टरी में खाद व कीटनाशक दवा गलत ढंग से बनाई जा रही है। टीम ने कृषि विभाग के अधिकारियों के साथ मौके पर जाकर छापा मारा। इस दौरान भारी मात्रा में खाद व दवाइयां बरामद हुईं। आशंका है कि फैक्टरी में जिंक, कीटनाशक, खाद सहित अन्य कृषि उपयोग में आने जाने वाली सामग्री गलत तरीके से बनाई जा रही थी।
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जांच अधिकारी राजबीर सिंह ने बताया कि टीम ने खाद के 12 और दवा के 2 सैंपल भरे हैं। सैंपल को गाजियाबाद की सरकारी लैब में जांच के लिए भेजा जाएगा। जांच में सामने आया कि कंपनी के मालिक के पास लाइसेंस तो है लेकिन कुछ बायो केमिकल है उन पर इन्होंने किस केमिकल में कितनी मात्रा है ये नहीं दर्शाया गया है।
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गोदाम से बायो केमिकल बरामद
ढाणी में बने एक और गोदाम में सीएम फ्लाइंग टीम ने काफी मात्रा में बायो केमिकल पाया है। इसके अलावा डीएपी और यूरिया भी मिला है। कंपनी के लैब की हालत खस्ता है। न तो लैब चालू हालत में थी न ही कोई लैब को चलाने वाला डॉक्टर मौके पर मिला। इंस्पेक्टर इंद्र सिंह ने बताया कि आदेश थे कि फैक्टरी की जांच कर दवा और खाद की गुणवत्ता को जांचा जाए। फिलहाल कार्रवाई की जा रही है। कंपनी के मालिक कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्होंने 2019 में निदेशक कृषि विभाग चंडीगढ़ से लाइसेंस लिया हुआ है और 14 प्रोडक्ट बनाए जा रहे हैं, जबकि लाइसेंस 41 प्रोडक्ट बनाने का है।