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पंजाब एंड सिंध बैंक के लॉकर से कनाड़ा की 400 डॉलर व 32 तोले सोना चोरी
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Fri, 13 Jan 2017 12:18 AM IST
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चोर
- फोटो : अमर उजाला
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बस स्टैंड के पास गुरुद्वारा के सामने स्थित पंजाब एंड सिंध बैंक के लॉकर से ढंढूर निवासी सरदार जसविंद्र सिंह के कनाडा के 400 डॉलर व 32 तोले सोना चोरी किए जाने का मामला सामने आया है। मामले की शिकायत जसविंद्र ने सिटी थाना पुलिस को दी है। जसविंद्र का आरोप है कि इस मामले में जांच की जाए और लाखों रुपये के सोने के गहने व डॉलर बरामद करवाई जाए। उधर इस मामले के बाद बैंक प्रबंधन में हड़कंप मच गया है। बैंक प्रबंधन ने भी इस मामले में पुलिस को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज करने की मांग की है।
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यूं हुई लॉकर से चोरी
पुलिस को दी शिकायत में जसविंद्र सिंह ने कहा है कि उसने पंजाब एंड सिंध बैंक का लॉकर अलॉट करवाया था। बैंक ने उसे लॉकर अलॉट कर दिया। जब उसके बैंक के लॉकर से लाखों रुपये की गहने व डॉलर चोरी हुए तो उसे पता चला कि बैंक प्रबंधन ने यही लॉकर किसी और व्यक्ति को अलॉट किया हुआ था। उस व्यक्ति ने हालांकि लॉकर अलॉटमेंट को रद्द करवाने के लिए एप्लीकेशन भी लगाई हुई थी। बैंक प्रबंधन की लापरवाही से उस व्यक्ति को एप्लीकेेशन देने के बाद भी चार्ज लगता रहा। आरोप है कि पहले वाला अलॉटी बैंक में आया और आकर लॉकर खोल लिया अब जब वह आया तो उसने देखा कि उसके लॉकर में रखे 400 डॉलर विदेशी मुद्रा व 32 तोले सोने के गहने गायब थे। शिकायतकर्ता का आरोप है कि अब ये डॉलर व गहने किसी बैंक कर्मचारी ने चोरी किए हैं या पहले वाले लॉकर अलॉटी ने इसकी जांच की जाए और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई कर पैसे व गहने बरामद करवाए जाएं।
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बैंक प्रबंधन की लापरवाही, खड़े हुए सवाल
इस मामले के बाद बैंक प्रबंधन की लापरवाही को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। ऐसे में एक लॉकर दो लोगों के नाम कैसे अलॉट कर दिया गया। एक लॉकर की दो चाबियां होती हैं। जो एक बैंक के पास व दूसरी ग्राहक के पास रहती है। दोनों चाबियां एक साथ लगाने के बाद ही बैंक लॉकर खुलता है। अब पुराने अलॉटी के पास चाबी थी तो नए अलॉटी को कौन सी चाबी दी गई। एक लॉकर की फिर तीन चाबियां कैसे बनी। सबसे बड़ा सवाल कि लॉकर खुलवाते समय बैंक प्रबंधन अलॉटी की आइडी देखकर लॉकर नंबर के हिसाब से लॉकर खोलने की अनुमति देता है।
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नहीं होता बैंक के पास रिकॉर्ड लॉकर में अलॉटी ने कितना क्या रखा
लॉकर अलॉट करने के बाद बैंक प्रबंधन अलॉटी का ये रिकॉर्ड नहीं रखता कि उस लॉकर में उसने कितना क्या कुछ रखा है। इसका कोई डॉक्युमेंट नहीं बनाता। हां सामान्य तौर पर जब कोई लॉकर अलॉटी ये लॉकर खुलवाता है तो वे ये जरूर पूछ लेेते हैं कि बैग या थैले में क्या है।
मामले की ढंढूर निवासी जसविंद्र ने शिकायत दी है। जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता ने पंजाब एंड सिंध बैंक के लॉकर से कनाडा की करीब 400 डॉलर व 32 तोले सोना गायब होने की बात कही है।
- ओमप्रकाश, एसआई सिटी थाना