चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामला: आईपी एड्रेस के आधार पर कार्रवाई में जुटी सीबीआई, वीडियो या फोटो वायरल करने वालों तक पहुंचने का प्रयास
चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले में हिसार निवासी आरोपी सत्कार को सीबीआई ने नोटिस जारी कर 22 को दिल्ली पेश होने के आदेश जारी किए गए हैं। टीम अब आईपी एड्रेस के जरिये उन आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास में है, जिन्होंने ऐसी वीडियो या फोटो को वायरल किया।
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चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले में सीबीआई की ओर से आईपी एड्रेस के आधार पर जांच की जा रही है। टीम अब आईपी एड्रेस के जरिये उन आरोपियों तक पहुंचने के प्रयास में है, जिन्होंने ऐसी वीडियो या फोटो को वायरल किया। इसके अलावा आरोपी हिसार के बासड़ा गांव निवासी सत्कार की ओर से इस्तेमाल की जाने वाली वेबसाइट के बारे में भी टीम जांच कर रही है।
सीबीआई को पूछताछ में सत्कार ने बताया है कि वह इस वेबसाइट के माध्यम से फोटो या वीडियो वायरल करता था। इसकी एवज में उसे रुपये मिलते थे और अब तक वह करीब 50 हजार रुपये कमा भी चुका था। वहीं दूसरी तरफ चाइल्ड पोर्नोग्राफी मामले में सीबीआई ने सत्कार के खिलाफ साजिश की धारा, आईटी एक्ट की धारा के तहत केस दर्ज कर उसे नोटिस जारी कर 22 नवंबर को जांच में शामिल होने के लिए दिल्ली बुलाया है।
मोबाइल इस्तेमाल करते समय बच्चों पर रखें नजर
नागरिक अस्पताल की मनोचिकित्सक डॉ. पूनम दहिया ने बताया कि ऑनलाइन पढ़ाई के लिए बच्चे मोबाइल का इस्तेमाल पहले से ज्यादा करते हैं। ऐसे में इंटरनेट के माध्यम से मोबाइल पर कुछ आपत्तिजनक लिंक आ जाते हैं। ऐसे में हमें बच्चों पर नजर रखने की जरूरत है। बच्चे अकेलापन दूर करने के लिए मोबाइल में बिजी रहते हैं। मोबाइल फोन में चाइल्ड लॉक का इस्तेमाल करें। बच्चों को गुड टच व बैड टच की जानकारी दें। उन्होंने कहा कि बढ़ती उम्र में आने वाले बदलाव के बारे में बच्चों से जानकारी साझा करें। उन्हें आउटडोर एक्टिविटी के लिए प्रेरित करें। हालांकि नागरिक अस्पताल में बच्चे के साथ इस तरह का मामला सामने नहीं आया है। अगर आता है तो उसमें पहले काउंसिलिंग की जाती है।
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हमारे पास ऐसा कोई भी मामला आता है तो मामले की जांच कर उसके अनुसार धारा लगाई जाती है। उसकी धारा के आधार पर कार्रवाई की जाती है। अभिभावकों को चाहिए कि अपने बच्चों को मोबाइल फोन जरूरत के समय ही दें। - विकास कुमार, पुलिस प्रवक्ता, हिसार
हमारे पास अभी ऐसा मामला नहीं आया है। बच्चों से होने वाले अपराध को लेकर हमारी तरफ से सीडब्ल्यूसी के समक्ष पेश कर काउंसिलिंग की जाती है। उसके बाद उन्हें चाइल्ड केयर सेंटर भेज दिया जाता है। - कमलेश, डीसीपीओ, हिसार
10 साल की सजा या जुर्माने का प्रावधान
ऐसे मामलों में आईटी एक्ट में 10 साल की सजा और पांच हजार रुपये जुर्माना या दोनों। इसमें 6 महीने से पहले जमानत नहीं मिल सकती। अगर ऐसे मामले में कोई शिकायतकर्ता सामने आता है तो आरोपी के खिलाफ पोक्सो की धारा व सेक्सुअल चाइल्ड एब्यूस्ड एक्ट भी लगता है। सेक्सुअल चाइल्ड एब्यूस्ड एक्ट में करीब 10 साल सजा और करीब 10 हजार रुपये जुर्माना या दोनों लग सकता है। पोक्सो एक्ट में उम्रकैद जुर्माना 10 हजार रुपये या उससे भी ज्यादा या दोनों हो सकते हैं। - संदीप बूरा, सचिव, जिला बार एसोसिएशन, हिसार