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मलिक अस्पताल के संचालक डॉ राजसिंह मलिक पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज

Fri, 23 Nov 2018 01:28 AM IST
Updated Fri, 23 Nov 2018 01:28 AM IST
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मलिक अस्पताल के संचालक डॉ राजसिंह मलिक पर आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज

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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। शहर के मलिक अस्पताल के संचालक डॉ. राज सिंह मलिक के खिलाफ कैनाल गार्ड सतीश को आत्महत्या के लिए उकसाने का केस दर्ज हुआ है। मृतक गांव हिंदवान वासी सतीश ने सुसाइड नोट लिखकर उस पर रुपयों के लिए दबाव बनाने व मानसिक रूप से परेशान करने का आरोप लगाया है। रेलवे पुलिस ने मृतक सतीश के भाई राजेश की शिकायत पर आरोपी डॉ. राजसिंह मलिक के खिलाफ आईपीसी की धारा 306 के तहत केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। मृतक की जेब से पुलिस को सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है।
गलत जे-फार्म को बताया आत्महत्या करने की वजह
पुलिस को दिए बयान में राजेश ने बताया कि उसका भाई सतीश कैनाल गार्ड की नौकरी करता था। वह पिछले चार-पांच साल से मलिक अस्पताल के संचालक डॉ. राजसिंह मलिक की खेती वाली जमीन ठेके पर लेता था। सतीश ने अपने भाई को बताया कि हर बार डॉक्टर जे-फार्म अपने नाम से कटवा लेता है और उस पर ज्यादा रुपये देने का दबाव बनाता है। आरोपी डॉक्टर उसे मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। मृतक सतीश ने आत्महत्या से पहले कई बार इस बात का जिक्र अपने भाई केे आगे किया था। राजेश के अनुसार इसी परेशानी के चलते उसके भाई सतीश ने मंगलवार को सिरसा रेलवे लाइन पर गांव जाखोद खेड़ा के पास ट्रेन से कटकर आत्महत्या कर ली।
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मुझे दुख है, मैं अपने बच्चों के सिर से पिता का साया खत्म कर जा रहा हूं
मेरी मौत का जिम्मेदार डॉ. राज सिंह मलिक है। मैं राजसिंह मलिक की जमीन पिछले चार-पांच साल से ठेके पर ले रहा हूं। डॉक्टर हर बार अपने नाम से जे फार्म कटवाता है और मुझ पर ज्यादा पैसे देने का दबाव बनाता है। इसी परेशानी में मैं आत्महत्या कर रहा हूं। मुझे दुख है कि मैं अपनी जिम्मेवारियों को नहीं निभा पाया। मैं मेरी बहन सुनीता, मेरी मां, मेरी बीवी, मेरे बच्चों से बहुत प्यार करता हूं। मुझे मेरी बीवी पर गर्व है, वह बहुत अच्छी है, मैं आशा करता हूं मेरे बाद मेरे परिवार की जिम्मेवारी वो अच्छे से निभाएगी। मैंने जाने-अनजाने परिवार के किसी सदस्य का दिल दुखाया हो तो मुझे माफ करना। मेरी किस्मत नहीं कि मैं ज्यादा दिन आपके बीच रह सकूं। मैं आज लिखते हुए बहुत रोया हूं। लेकिन और राह नहीं बची है, मेरी जिंदगी में पिता के सहारे की कमी हुई, अगर वो होते तो आज ऐसा न होता। आज मैं अपने बच्चों के सिर से पिता का साया खत्म करके जा रहा हूं। मेरा यह सुसाइड नोट मेरे परिवार के सभी भाइयों को पढ़ाना। एक बार फिर मैं अपनी पत्नी सुशीला व बहन सुनीता को मेरी बच्चों की परवरिश की गुहार लगाता हूं। आप दोनों ही मेरी जिंदगी की अहम कड़ी थीं, आपके बगैर मैं कहीं सुखी नहीं रह सकता। बहन से किया वादा पूरा ना हो सका, बीवी को सुख नहीं दे सका। बच्चों को टाइम नहीं दे सका और मां को सहारा व प्यार नहीं दे सका, इसके लिए मुझे माफ करना।
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पुलिस को शव जाखोद खेड़ा गांव के पास रेलवे ट्रैक पर मिला था। उसकी जेब से सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें उसने अपनी मौत की वजह डॉक्टर राजसिंह पर परेशान करना बताया है। पुलिस ने आरोपी डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। सुसाइड नोट को जांच के लिए लैब भेजा गया है। मामले की जांच की जा रही है।
-ऊषा शर्मा, केस जांच अधिकारी
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