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निजी अस्पताल में डिलीवरी के दौरान जच्चा की मौत, हंगामा
Updated Sat, 19 May 2018 01:52 AM IST
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हिसार (ब्यूरो)। शहर के एक निजी अस्पताल में शुक्रवार शाम को महिला की डिलीवरी के दौरान मौत हो गई। महिला के परिजनों ने हंगामा कर दिया। परिजनों ने कहा कि पहले अस्पताल स्टाफ ने उन्हें नॉर्मल डिलीवरी की बात कही थी। बाद में कहा कि जच्चा की मौत हो गई।
जानकारी के अनुसार मोरी गेट निवासी प्रियंका की डिलीवरी के लिए उसे मॉडल टाउन स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को महिला की डिलीवरी हुई तो निजी अस्पताल के बाहर खड़े परिजनों को बताया गया कि उनकी बेटी की नॉर्मल डिलीवरी हुई है। कुछ देर बाद उन्हें ऑपरेशन थियेटर से बाहर लाया जाएगा। कुछ देर बाद भी प्रियंका को बाहर नहीं लाया गया तो परिजनों ने अस्पताल काउंटर पर जाकर पूछा। इस दौरान चिकित्सकों ने बताया कि डिलीवरी के तुरंत बाद उनकी बेटी की अचानक से मौत हो गई है। कुछ समय तक चिकित्सकों ने उन्हें कारण नही बताया। इससे परिजनों ने गुस्से में होकर अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने करीब तीन घंटे तक अस्पताल के बाहर हंगामा किया। बाद में चिकित्सकों ने परिजनों को समझाया कि अस्पताल प्रशासन ने पूरा प्रयास किया था। अस्पताल के डॉक्टर पूरे प्रयास के बाद जच्चा को नहीं बचा सके। चिकित्सक केवल बच्चे को ही बचा सके। बाद में परिजन शांत हो गए। पीड़ित पक्ष ने इस मामले में पुलिस में भी शिकायत नहीं की।
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जानकारी के अनुसार मोरी गेट निवासी प्रियंका की डिलीवरी के लिए उसे मॉडल टाउन स्थित निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। शुक्रवार को महिला की डिलीवरी हुई तो निजी अस्पताल के बाहर खड़े परिजनों को बताया गया कि उनकी बेटी की नॉर्मल डिलीवरी हुई है। कुछ देर बाद उन्हें ऑपरेशन थियेटर से बाहर लाया जाएगा। कुछ देर बाद भी प्रियंका को बाहर नहीं लाया गया तो परिजनों ने अस्पताल काउंटर पर जाकर पूछा। इस दौरान चिकित्सकों ने बताया कि डिलीवरी के तुरंत बाद उनकी बेटी की अचानक से मौत हो गई है। कुछ समय तक चिकित्सकों ने उन्हें कारण नही बताया। इससे परिजनों ने गुस्से में होकर अस्पताल के बाहर हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों ने करीब तीन घंटे तक अस्पताल के बाहर हंगामा किया। बाद में चिकित्सकों ने परिजनों को समझाया कि अस्पताल प्रशासन ने पूरा प्रयास किया था। अस्पताल के डॉक्टर पूरे प्रयास के बाद जच्चा को नहीं बचा सके। चिकित्सक केवल बच्चे को ही बचा सके। बाद में परिजन शांत हो गए। पीड़ित पक्ष ने इस मामले में पुलिस में भी शिकायत नहीं की।
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