{"_id":"5bf5b9efbdec2217277cdfd3","slug":"71542830575-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"3.5 करोड़ की स्मैक का मामला: सप्लायर समेत दो गिरफ्तार","category":{"title":"Crime","title_hn":"क्राइम ","slug":"crime"}}
3.5 करोड़ की स्मैक का मामला: सप्लायर समेत दो गिरफ्तार
Updated Thu, 22 Nov 2018 01:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
3.5 करोड़ की स्मैक का मामला: सप्लायर समेत दो गिरफ्तार
हांसी। 3.5 करोड़ रुपये की स्मैक के साथ गिरफ्तार दोनों बहनों से पूछताछ के बाद सीआईए पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा मुख्य आरोपी लखनऊ निवासी हाजी के नाम का खुलासा किया है। ये जानकारी डीएसपी आर्यन चौधरी ने पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान दोनों बहनों ने बताया कि उन्हें ग्वालियर के शिव नगर निवासी सफदर अली नाम के तस्कर ने पांच हजार रुपये देकर हांसी में स्मैक सप्लाई देने के लिए कहा था। इसके बाद सीआईए पुलिस ने मंगलवार देर रात रोहतक से सफदर अली को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को सीआईए इंचार्ज विक्रम जोशन व सहायक उपनिरीक्षक संजय कुुमार की टीम ने अंजाम दिया।
उन्होंने बताया कि सफदर अली से पूछताछ के दौरान पता चला कि उसने हांसी में सिसाय निवासी कुलदीप को ये सप्लाई देने के लिए कहा था। इसके बाद पुलिस ने कुलदीप को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा सफदर अली ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह लखनऊ निवासी हाजी के लिए काम करता है। अब सीआईए पुलिस इस नशे के कारोबार के मास्टरमाइंड हाजी के पीछे लगी हुई है। आरोपी हाजी की गिरफ्तारी के बाद नशे के व्यापार से जुड़े कई तस्करों के खुलासे हो सकते हैं।
गौरतलब है कि सीआईए पुलिस ने 19 नवंबर को नारनौंद के बस स्टैंड से जरीना व रेश्मा दोनों बहनों को 3.5 किलो स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों बहनों को तस्कर सफदर अली ने मात्र 5 हजार रुपये देकर हांसी में यह स्मैक सप्लाई करने के लिए कहा था। दोनों बहनों का कोर्ट से रिमांड लेने के बाद कई अन्य नाम सामने आए है। इसके बाद सीआईए पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, वहीं हाजी की गिरफ्तारी बाकी है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
विज्ञापन
विज्ञापन
हांसी। 3.5 करोड़ रुपये की स्मैक के साथ गिरफ्तार दोनों बहनों से पूछताछ के बाद सीआईए पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। इसके अलावा मुख्य आरोपी लखनऊ निवासी हाजी के नाम का खुलासा किया है। ये जानकारी डीएसपी आर्यन चौधरी ने पत्रकारों को दी। उन्होंने बताया कि पुलिस रिमांड के दौरान दोनों बहनों ने बताया कि उन्हें ग्वालियर के शिव नगर निवासी सफदर अली नाम के तस्कर ने पांच हजार रुपये देकर हांसी में स्मैक सप्लाई देने के लिए कहा था। इसके बाद सीआईए पुलिस ने मंगलवार देर रात रोहतक से सफदर अली को गिरफ्तार कर लिया। इस कार्रवाई को सीआईए इंचार्ज विक्रम जोशन व सहायक उपनिरीक्षक संजय कुुमार की टीम ने अंजाम दिया।
उन्होंने बताया कि सफदर अली से पूछताछ के दौरान पता चला कि उसने हांसी में सिसाय निवासी कुलदीप को ये सप्लाई देने के लिए कहा था। इसके बाद पुलिस ने कुलदीप को भी गिरफ्तार कर लिया। इसके अलावा सफदर अली ने पुलिस पूछताछ में बताया कि वह लखनऊ निवासी हाजी के लिए काम करता है। अब सीआईए पुलिस इस नशे के कारोबार के मास्टरमाइंड हाजी के पीछे लगी हुई है। आरोपी हाजी की गिरफ्तारी के बाद नशे के व्यापार से जुड़े कई तस्करों के खुलासे हो सकते हैं।
विज्ञापन
गौरतलब है कि सीआईए पुलिस ने 19 नवंबर को नारनौंद के बस स्टैंड से जरीना व रेश्मा दोनों बहनों को 3.5 किलो स्मैक के साथ गिरफ्तार किया था। दोनों बहनों को तस्कर सफदर अली ने मात्र 5 हजार रुपये देकर हांसी में यह स्मैक सप्लाई करने के लिए कहा था। दोनों बहनों का कोर्ट से रिमांड लेने के बाद कई अन्य नाम सामने आए है। इसके बाद सीआईए पुलिस ने दो अन्य आरोपियों को गिरफ्तार किया, वहीं हाजी की गिरफ्तारी बाकी है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है।
विज्ञापन