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कोर्ट के आदेश पर दुष्कर्म का शिकार साढ़े तीन माह की गर्भवती नाबालिग का गर्भपात
Updated Tue, 16 Oct 2018 01:01 AM IST
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हांसी (हिसार)। कोर्ट से आदेश मिलने के बाद रोहतक के पीजीआई में डॉक्टरों के बोर्ड ने दुष्कर्म का शिकार साढ़े तीन माह की गर्भवती नाबालिग का गर्भपात कर दिया। चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर सुनीता यादव कोर्ट के आदेश लेकर सोमवार को पीजीआई पहुंचीं, जहां पीड़िता की मां से सहमति लेने के बाद उन्होंने कोर्ट के ऑर्डर की प्रोसीडिंग बोर्ड को हैंडओवर की। इसके बाद बोर्ड ने बिना सर्जरी के मेडिसन से ही बच्ची का गर्भपात करवा दिया। फिलहाल नाबालिग की हालत ठीक है। नाबालिग को कम से कम 48 घंटे तक अस्पताल में रखा जाएगा। नाबालिग की उम्र करीब साढ़े 15 साल है।
चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर सुनीता यादव सोमवार को कोर्ट के आदेश लेकर नाबालिग पीड़िता के गर्भपात के लिए रोहतक पीजीआई गई। कोर्ट की प्रोसीडिंग देखने के बाद बोर्ड ने नाबालिग का चेकअप किया। इसके बाद अगर बोर्ड की तरफ से बच्ची के गर्भपात की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। लेडी डॉक्टर सोनिया की अगुवाई में बोर्ड ने बच्ची का गर्भपात करवाया।
हांसी की एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके बेटी मंदबुद्धि है, जब उसकी तबीयत खराब हुई तो वह उसे डॉक्टर के पास लेकर गई, जहां उसे पता चला कि उसकी बेटी गर्भवती है। हांसी महिला थाने में चार अक्तूबर को पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। नाबालिग से दुष्कर्म किसने किया, इस बात की जानकारी नहीं लग सकी। नाबालिग भी इस बारे में कुछ नहीं बता सकी। बीते दिनों उसकी बेटी की हालत ज्यादा खराब हुई तो पीड़िता को रोहतक पीजीआई में रेफर कर दिया गया।
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पीड़िता की मां ने 11 अक्तूबर को चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर सुनीता यादव को पत्र में कहा कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तथा वह कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकती। वह अपनी बेटी की होने वाली संतान का खर्च भी नहीं उठा सकती और न ही उसकी बेटी इस हालत में है कि वह अपने बच्चे की पालन-पोषण कर सके। इसलिए उसकी बेटी का गर्भपात कराया जाए। इसके बाद ऑफिसर सुनीता यादव की तरफ से हांसी की अदालत में नाबालिग के गर्भपात को लेकर याचिका दाखिल की गई। इस पर कोर्ट ने नाबालिग के गर्भपात के आदेश दे दिए।
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चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर सुनीता यादव सोमवार को कोर्ट के आदेश लेकर नाबालिग पीड़िता के गर्भपात के लिए रोहतक पीजीआई गई। कोर्ट की प्रोसीडिंग देखने के बाद बोर्ड ने नाबालिग का चेकअप किया। इसके बाद अगर बोर्ड की तरफ से बच्ची के गर्भपात की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। लेडी डॉक्टर सोनिया की अगुवाई में बोर्ड ने बच्ची का गर्भपात करवाया।
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हांसी की एक महिला ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके बेटी मंदबुद्धि है, जब उसकी तबीयत खराब हुई तो वह उसे डॉक्टर के पास लेकर गई, जहां उसे पता चला कि उसकी बेटी गर्भवती है। हांसी महिला थाने में चार अक्तूबर को पोक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। नाबालिग से दुष्कर्म किसने किया, इस बात की जानकारी नहीं लग सकी। नाबालिग भी इस बारे में कुछ नहीं बता सकी। बीते दिनों उसकी बेटी की हालत ज्यादा खराब हुई तो पीड़िता को रोहतक पीजीआई में रेफर कर दिया गया।
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पीड़िता की मां ने 11 अक्तूबर को चाइल्ड प्रोटेक्शन ऑफिसर सुनीता यादव को पत्र में कहा कि उसकी आर्थिक स्थिति ठीक नहीं है तथा वह कानूनी कार्रवाई नहीं कर सकती। वह अपनी बेटी की होने वाली संतान का खर्च भी नहीं उठा सकती और न ही उसकी बेटी इस हालत में है कि वह अपने बच्चे की पालन-पोषण कर सके। इसलिए उसकी बेटी का गर्भपात कराया जाए। इसके बाद ऑफिसर सुनीता यादव की तरफ से हांसी की अदालत में नाबालिग के गर्भपात को लेकर याचिका दाखिल की गई। इस पर कोर्ट ने नाबालिग के गर्भपात के आदेश दे दिए।