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स्टेट क्राइम ब्रांच ने विजिलेंस इंस्पेक्टर को किया गिरफ्तार
Updated Sat, 05 Aug 2017 12:44 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हांसी।
सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत के झूठे मामले में फंसाकर और बाद में गिरफ्तारी का खौफ दिखाकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने के मामले में स्टेट क्राइम ब्रांच हिसार की टीम ने भिवानी में तैनात विजिलेंस के इंस्पेक्टर देवीलाल को गिरफ्तार किया है। अक्तूबर 2016 में शहर पुलिस हांसी ने इस मामले में विजिलेंस इंस्पेक्टर देवीलाल समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपी इंस्पेक्टर को शनिवार स्टेट क्राइम ब्रांच टीम हिसार द्वारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। पहले इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी युवक से दो लाख रुपये और एक गाड़ी बरामद की थी। स्टेट क्राइम ब्रांच हिसार के डीएसपी सुभाष शर्मा ने बताया कि करीब 19 अक्तूबर को विजिलेंस टीम का खौफ दिखाकर सरकारी कर्मचारियों से पैसे ऐंठने के आरोप में दो युवकों को रंगे हाथ काबू किया गया था। इस मामले में उस समय जींद विजिलेंस में तैनात इंस्पेक्टर देवीलाल पर भी आरोप लगाए गए थे। उन्होंने बताया कि जांच के बाद यह साबित हो गया कि देवीलाल भी इस वारदात में शामिल था और जांच पूरी होने के बाद देवीलाल को शुक्रवार को भिवानी से गिरफ्तार कर लिया गया है।
फतेहाबाद के गाजूवाला निवासी उमेद सिंह भी था साजिश में शामिल
हिसार के पटेल नगर निवासी और उकलाना तहसील में तैनात क्लर्क राकेश कुमार ने आईजी को भेजी शिकायत में खुलासा किया था कि बरवाला निवासी सुरेंद्र खाती और फतेहाबाद के गाजूवाला निवासी उमेद सिंह विजिलेंस के एक इंस्पेक्टर देवीलाल के साथ मिलकर भोले-भाले कर्मचारियों को रिश्वत के झूठे मामलों में षड्यंत्र के तहत फंसाते हैं और बाद में ब्लैकमेलिंग करके लाखों की मोटी रकम ऐंठते हैं। राकेश ने बताया था कि उसका तबादला हिसार से उकलाना तहसील में हुआ था और जब वह हिसार में अपना चार्ज सौंपने के लिए आया हुआ था तो उमेद और सुरेंद्र ने उसे जबरन पैसे लेने का दबाव बनाया और पैसे न लेने के बावजूद उसके खिलाफ विजिलेंस में झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। इस मामले में समझौता करवाने के लिए 12 लाख की मांग की थी। राकेश ने दो लाख रुपये उसी समय दे दिए थे और दो लाख रुपये 19 अक्तूबर को हांसी में देने और बाकी के आठ लाख रुपये गवाही देने के बाद देने की बात कही। आईजी द्वारा गठित की गई टीम ने रंगे हाथों दो लोगों को रुपये लेते गिरफ्तार किया था।
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फोटो 60
फिलहाल भिवानी में तैनात आरोपी विजिलेंस इंस्पेक्टर देवीलाल
सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत के झूठे मामले में फंसाकर रुपये ऐंठने का आरोप
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हांसी।
सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत के झूठे मामले में फंसाकर और बाद में गिरफ्तारी का खौफ दिखाकर लोगों से लाखों रुपये ऐंठने के मामले में स्टेट क्राइम ब्रांच हिसार की टीम ने भिवानी में तैनात विजिलेंस के इंस्पेक्टर देवीलाल को गिरफ्तार किया है। अक्तूबर 2016 में शहर पुलिस हांसी ने इस मामले में विजिलेंस इंस्पेक्टर देवीलाल समेत पांच लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया था।
इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। गिरफ्तार किए गए आरोपी इंस्पेक्टर को शनिवार स्टेट क्राइम ब्रांच टीम हिसार द्वारा कोर्ट में पेश किया जाएगा। पहले इस मामले में पुलिस ने एक आरोपी युवक से दो लाख रुपये और एक गाड़ी बरामद की थी। स्टेट क्राइम ब्रांच हिसार के डीएसपी सुभाष शर्मा ने बताया कि करीब 19 अक्तूबर को विजिलेंस टीम का खौफ दिखाकर सरकारी कर्मचारियों से पैसे ऐंठने के आरोप में दो युवकों को रंगे हाथ काबू किया गया था। इस मामले में उस समय जींद विजिलेंस में तैनात इंस्पेक्टर देवीलाल पर भी आरोप लगाए गए थे। उन्होंने बताया कि जांच के बाद यह साबित हो गया कि देवीलाल भी इस वारदात में शामिल था और जांच पूरी होने के बाद देवीलाल को शुक्रवार को भिवानी से गिरफ्तार कर लिया गया है।
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फतेहाबाद के गाजूवाला निवासी उमेद सिंह भी था साजिश में शामिल
हिसार के पटेल नगर निवासी और उकलाना तहसील में तैनात क्लर्क राकेश कुमार ने आईजी को भेजी शिकायत में खुलासा किया था कि बरवाला निवासी सुरेंद्र खाती और फतेहाबाद के गाजूवाला निवासी उमेद सिंह विजिलेंस के एक इंस्पेक्टर देवीलाल के साथ मिलकर भोले-भाले कर्मचारियों को रिश्वत के झूठे मामलों में षड्यंत्र के तहत फंसाते हैं और बाद में ब्लैकमेलिंग करके लाखों की मोटी रकम ऐंठते हैं। राकेश ने बताया था कि उसका तबादला हिसार से उकलाना तहसील में हुआ था और जब वह हिसार में अपना चार्ज सौंपने के लिए आया हुआ था तो उमेद और सुरेंद्र ने उसे जबरन पैसे लेने का दबाव बनाया और पैसे न लेने के बावजूद उसके खिलाफ विजिलेंस में झूठा मुकदमा दर्ज करवा दिया। इस मामले में समझौता करवाने के लिए 12 लाख की मांग की थी। राकेश ने दो लाख रुपये उसी समय दे दिए थे और दो लाख रुपये 19 अक्तूबर को हांसी में देने और बाकी के आठ लाख रुपये गवाही देने के बाद देने की बात कही। आईजी द्वारा गठित की गई टीम ने रंगे हाथों दो लोगों को रुपये लेते गिरफ्तार किया था।
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फिलहाल भिवानी में तैनात आरोपी विजिलेंस इंस्पेक्टर देवीलाल
सरकारी कर्मचारियों को रिश्वत के झूठे मामले में फंसाकर रुपये ऐंठने का आरोप