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फिर हुई ऑनलाइन ठगी, मनोज गुप्ता से 90 हजार, संचित से एक लाख रुपये ठगे

Mon, 08 Apr 2019 01:18 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 08 Apr 2019 01:18 AM IST
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फिर हुई ऑनलाइन ठगी, मनोज गुप्ता से 90 हजार, संचित से एक लाख रुपये ठगे
हिसार। जिले में ऑनलाइन ठगी या खाते से पैसे निकाले जाने के मामले थमने का नाम नहीं ले रहे हैं। अब तक जिले में 20 से अधिक लोगों के खातों से पैसे निकालने की वारदात हो चुकी हैं, जिनमें अलग-अलग थानों में केस दर्ज हुए हैं। ताजा मामले में सेक्टर-15 निवासी संचित ने उसके खाते से एक लाख रुपये निकाले जाने की शिकायत सिविल लाइन थाना पुलिस को दी है। दूसरी ओर सिरसा रोड की एचबीसी कॉलोनी निवासी मनोज गुप्ता ने शहर थाना पुलिस को 90 हजार रुपये निकाले जाने की शिकायत दी है।
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खास बात यह है कि कुछ दिन पहले तक जहां उपभोक्ताओं के खातों से पैसे निकल रहे थे और एक के बाद एक लगातार एक सप्ताह तक इस प्रकार से पैसे निकलने का सिलसिला जारी रहा था, वहीं अब यह ऑनलाइन पैसे ट्रांसफर करने के नाम पर निकाले जा रहे हैं। इसके बावजूद लोग समझ नहीं रहे हैं और लालच के चलते ठगी का शिकार हो रहे हैं। अर्बन एस्टेट थाना प्रभारी ने शनिवार को बैंक अधिकारियों के साथ मीटिंग की और ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए विचार-विमर्श किया गया।
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केस-1 : अलमारी खरीदने के बहाने लगा दिया एक लाख रुपये का चूना
सेक्टर-15 निवासी संचित चड्ढा ने सिविल लाइन थाना पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह सेक्टर-15 में गोदरेज इंटेरियो का काम करता है। दो-तीन दिन पहले उसके लैंडलाइन नंबर पर फोन आया, जिसने अपने आपको आर्मी ऑफिसर अमन कुमार बताया। उसने चार अलमारी की मांग की और पांच अप्रैल को करीब एक बजे उसने गूगल-पे या पैसे-पे एप पर राशि ट्रांसफर करने की बात कही। साथ ही उसने सिक्योरिटी कारण से किसी अन्य तरीके से पैसे देने में असमर्थता जताई। संचित ने बताया कि इस कारण से उसने अपने मोबाइल पर एप डाउनलोड की और उसके बताए अनुसार कार्य किया। संचित ने आरोप लगाया कि आरोपी अमन ने कुल सात ट्रांजेक्शन की, जिनमें 10 हजार, 20 हजार और 5 हजार की ट्रांजेक्शन शामिल हैं। इसके बाद उसने जब अपना अकाउंट चेक किया तो वह हैरान रह गया, क्योंकि उसमें पैसे आने के बजाय जो एक लाख रुपये थे, वे सभी गायब थे। उसने बताया कि उसके बाद उसने आरोपी के नंबर पर बार-बार कॉल की, लेकिन वह नहीं मिला। उसने आरोप लगाया कि उसके पैसे कटने के समय बैंक से न तो कोई ओटीपी आया और न ही कोई मैसेज आया। जांचकर्ता एसआई महेंद्र सिंह के अनुसार शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 379, 420 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
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केस- 2 : गाड़ी बेचने के चक्कर में गंवाए 90 हजार रुपये
पुलिस को दी शिकायत में मनोज गुप्ता ने बताया कि उसकी नागरिक अस्पताल के सामने अग्रवाल डेयरी के नाम से दुकान है। एक अप्रैल को सुबह करीब 10:35 बजे उसके पास एक कॉल आई, जिसमें कहा कि आपने एक साइट पर जो गाड़ी बेचने के लिए डाली है, उसे खरीदना चाहता है और आपके खाते में एडवांस 20 हजार रुपये डालने हैं। शिकायत में मनोज ने कहा कि फोन करने वाले ने कहा कि आपके पे-फोन पर पैसे ट्रांसफर करने हैं, इसलिए एक मैसेज आएगा, जिसमें आपको पे बटन दबाना है। मनोज के अनुसार उसने नासमझी में ऐसा कर दिया, जिससे उसके बैंक खाते से दो बार 20-20 हजार व एक बार में 50 हजार रुपये कट गए। जांचकर्ता हेड कांस्टेबल भगत लाल के अनुसार शिकायत के आधार पर अज्ञात के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 420, 379 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।

बॉक्स
अर्बन एस्टेट थाने में बैंक अधिकारियों के साथ मीटिंग
अर्बन एस्टेट थाने में थाना प्रभारी इंस्पेक्टर कुलदीप की अध्यक्षता में शनिवार शाम बैंक अधिकारियों के मीटिंग हुई। इसमें ऑनलाइन ठगी के बढ़ रहे मामलों पर विचार किया गया। बैठक में बैंक अधिकारियों ने बताया कि यदि उपभोक्ता थोड़ी सी सावधानी बरतें तो वे ठगी का शिकार होने से बच सकते हैं। आज कल फ्रॉड कॉल्स बहुत अधिक आ रही हैं और थोड़े के लालच में उपभोक्ता उनके झांसे में फंस जाते हैं, जिसके चलते ठगी का शिकार होते हैं। बैठक में जेके बिरथल, पीएनबी के अनुज वर्मा, एसबीआई-2 सुनील लोहान, एक्सिस बैंक के हेमंत गिरधर, आंध्रा बैंक के नरेश यादव, बैंक ऑफ बड़ौदा के विनोद कुमार, एसबीआई के प्रवीन कुमार, बंधन बैंक के प्रवीन, सेंट्रल बैंक के जगदीश, आईसीआईसीआई बैंक के गौरव कुमार, एचडीएफसी के दिव्यांशु आदि शामिल थे।


उपभोक्ता यह बरतें सावधानी
1 - अपना पासवर्ड, पिन नंबर आदि किसी को भी न दें, न ही किसी के सामने खोलें
2 - पेट्रोल-डीजल भरवाते समय अपना कोड भरते समय किसी को देखने न दें
3 - कार्ड को स्वाइप करवाने के बाद कोड वर्ड सावधानी से किसी के बिना देखे भरें
4 - कार्ड स्वाइप करते समय, या एटीएम से पैसे निकलवाते समय ध्यान दें कि जब कोड भर रहे हैं तो कोई कैमरा तो छिपाकर नहीं लगाया गया है
5 - जब भी कोई कॉल आए और आपके बैंक संबंधी जानकारी मांगे तो कतई न दें
6 - कोई भी बैंक आपके खाते संबंधी गोपनीय जानकारी कभी भी फोन पर नहीं मांगता
7 - ऑनलाइन ठगी से बचने का सबसे बड़ा उपाय इसके बारे में संपूर्ण जानकारी होना है
8 - किसी भी स्कीम या इनाम के लालच में न फंसें, क्योंकि ये अधिकांशत: फर्जी होते हैं और झांसे में लेने के लिए ही होते हैं
9 - आजकल सामान खरीदने के बहाने ठगी करने के मामले सामने आने लगे हैं, ऐसे में सामान खरीदने वाले को फोन के बजाय अपने पास बुलाएं।
10 - जब भी कोई इस तरह की कॉल आए तो कुछ समय लेकर इस बारे में बैंक अधिकारियों और पुलिस को पहले सूचना दें
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वर्जन
कोई भी उपभोक्ता फोन आने पर शिकायत नहीं करता। जब ठगी हो चुकी होती है, तब हमारे पास शिकायत आती है। ऑनलाइन ठगी को रोकने के लिए ही बैंक अधिकारियों की बैठक बुलाई गई थी। इसमें बहुत से सुझाव आए हैं, जो हमें जांच में सहयोग करेंगे और ऑनलाइन ठगी करने के आरोपियों तक पहुंचाने में मददगार होंगे।
- इंस्पेक्टर कुलदीप, थाना प्रभारी, अर्बन एस्टेट, हिसार
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