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भय के साये में पीड़ित परिवार छोड़ना चाहता है उकलाना, टोहाना में पुनर्वास की मांग
Updated Mon, 18 Dec 2017 12:46 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
उकलाना मंडी (हिसार)।
उकलाना में छह साल की मासूम बच्ची से दरिंदगी के बाद अब पीड़ित परिवार ने एसपी को पत्र लिखकर पुनर्वास की मांग की है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी बच्ची की हत्या के बाद वे भय के साये में हैं। रविवार को मासूम के परिजनों की ओर से एक मांग पत्र भारतीय दलित साहित्य अकादमी के प्रदेश महासचिव डॉ. सुरेंद्र सेलवाल ने एसपी को सौंपा। मांग पत्र में अवगत कराया गया है कि दर्दनाक हादसे के बाद उनको सुरक्षा का डर सताने लगा है, इसलिए उनका पुनर्वास टोहाना में किया जाए। उनको वहीं पर सरकारी मकान उपलब्ध कराया जाए। एसपी ने इस मांगपत्र पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया और आगामी कार्रवाई के लिए उसे एसडीएम को सौंप दिया।
एसपी से मिलने के बाद समिति ने अनिश्चितकालीन धरना किया स्थगित
मासूम हत्याकांड न्याय संघर्ष समिति ने शनिवार को इस प्रकरण की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने का एलान किया था। धरना उप तहसील कार्यालय के सामने शुरू कर दिया था। एसपी मनीषा चौधरी के मुलाकात करने के बाद समिति ने धरना अनिश्चित समय के लिए स्थगित कर दिया। इसकी घोषणा समिति के चेयरमैन ने अन्य साथियों के साथ किसान विश्राम गृह में की। समिति के निर्णय पर हरदीप नामक वामपंथी नेता ने सवाल उठाए कि धरना स्थगित करने का निर्णय एकतरफा है। आखिर समिति को बताना चाहिए कि 24 घंटे में उनकी इच्छा पूर्ति कैसे हो गई और धरना समाप्त कर दिया गया।
चालान पेश होने तक सूचना शेयर नहीं की जाएगी : एसपी
एसपी मनीषा चौधरी ने रविवार को किसान विश्राम गृह में मासूम बच्ची हत्याकांड की जांच से जुड़ी कानूनी डिटेल देने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जांच चल रही है और अदालत में चालान पेश होने तक किसी तरह की सूचना मीडिया या पब्लिक से शेयर नहीं की जाएगी। एसपी ने बताया कि गिरफ्तारी के समय परिजनों ने आरोपी की उम्र 19 वर्ष बताई थी। बाद में स्कूली प्रमाण-पत्र मिलने पर हमने आरोपी को जेजे बोर्ड के सामने पेश कर दिया। उन्होंने बताया कि हमने संघर्ष समिति को अपडेट कर दिया है। अब फैसला उन्होंने लेना है कि क्या करना है।
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उकलाना मंडी (हिसार)।
उकलाना में छह साल की मासूम बच्ची से दरिंदगी के बाद अब पीड़ित परिवार ने एसपी को पत्र लिखकर पुनर्वास की मांग की है। पीड़ित परिवार का कहना है कि उनकी बच्ची की हत्या के बाद वे भय के साये में हैं। रविवार को मासूम के परिजनों की ओर से एक मांग पत्र भारतीय दलित साहित्य अकादमी के प्रदेश महासचिव डॉ. सुरेंद्र सेलवाल ने एसपी को सौंपा। मांग पत्र में अवगत कराया गया है कि दर्दनाक हादसे के बाद उनको सुरक्षा का डर सताने लगा है, इसलिए उनका पुनर्वास टोहाना में किया जाए। उनको वहीं पर सरकारी मकान उपलब्ध कराया जाए। एसपी ने इस मांगपत्र पर उचित कार्रवाई का भरोसा दिलाया और आगामी कार्रवाई के लिए उसे एसडीएम को सौंप दिया।
एसपी से मिलने के बाद समिति ने अनिश्चितकालीन धरना किया स्थगित
मासूम हत्याकांड न्याय संघर्ष समिति ने शनिवार को इस प्रकरण की सीबीआई से जांच कराने की मांग को लेकर अनिश्चितकालीन धरने का एलान किया था। धरना उप तहसील कार्यालय के सामने शुरू कर दिया था। एसपी मनीषा चौधरी के मुलाकात करने के बाद समिति ने धरना अनिश्चित समय के लिए स्थगित कर दिया। इसकी घोषणा समिति के चेयरमैन ने अन्य साथियों के साथ किसान विश्राम गृह में की। समिति के निर्णय पर हरदीप नामक वामपंथी नेता ने सवाल उठाए कि धरना स्थगित करने का निर्णय एकतरफा है। आखिर समिति को बताना चाहिए कि 24 घंटे में उनकी इच्छा पूर्ति कैसे हो गई और धरना समाप्त कर दिया गया।
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चालान पेश होने तक सूचना शेयर नहीं की जाएगी : एसपी
एसपी मनीषा चौधरी ने रविवार को किसान विश्राम गृह में मासूम बच्ची हत्याकांड की जांच से जुड़ी कानूनी डिटेल देने से इनकार कर दिया। उनका कहना है कि जांच चल रही है और अदालत में चालान पेश होने तक किसी तरह की सूचना मीडिया या पब्लिक से शेयर नहीं की जाएगी। एसपी ने बताया कि गिरफ्तारी के समय परिजनों ने आरोपी की उम्र 19 वर्ष बताई थी। बाद में स्कूली प्रमाण-पत्र मिलने पर हमने आरोपी को जेजे बोर्ड के सामने पेश कर दिया। उन्होंने बताया कि हमने संघर्ष समिति को अपडेट कर दिया है। अब फैसला उन्होंने लेना है कि क्या करना है।
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