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रेलूराम हत्याकांड के आरोपी संजीव के गायब होने के बाद पुलिस अलर्ट
Updated Wed, 13 Jun 2018 12:39 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया और उनके परिवार के सात लोगों की हत्या करने वाला दामाद संजीव के फरार होने के बाद हिसार पुलिस अलर्ट हो गई है। रेलूराम हत्याकांड के प्रमुख गवाह राम सिंह के बेटे जितेंद्र ने उकलाना के एसएचओ को पत्र लिखकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
उकलाना निवासी और पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया और उसके पूरे परिवार की नृशंस हत्या का आरोपी संजीव पेरोल के लाभ के बाद वापस जेल नहीं लौटा और भूमिगत हो गया। उम्रकैदी संजीव के जेल की सलाखों के बाहर होने के कारण स्व. रेलूराम पूनिया के परिजनों में दहशत बढ़ गई। रेलूराम के भतीजे जितेंद्र पूनिया ने उकलाना पुलिस को एक पत्र देकर जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि रेलूराम पूनिया उनके चाचा थे। 23 अगस्त 2001 को रेलू राम की बेटी सोनिया और दामाद संजीव ने मेरे चाचा रेलूराम, चाची कृष्णा, बहन प्रियंका, भाई सुनील, भाभी शकुंतला, तीन मासूम बच्चे लोकेश, शिवानी व प्रीति लोहे की वजनदार वस्तु से हत्या कर दी थी। हत्या के इस मामले में पुलिस ने रेलूराम की पुत्री सोनिया और दामाद संजीव को पकड़ा था। अदालत दोनों को फांसी की सजा सुना चुकी है। सुप्रीम कोर्ट में यह सजा उम्रकैद में तबदील हो चुकी है। रेलूराम का दामाद संजीव कुरुक्षेत्र जेल से 14 दिन पेरोल पर आया था। 31 मई को पेरोल खत्म होने के बाद भी वापस नहीं पहुंचा। पुलिस संजीव के घर पर छापा मार चुकी है लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। हत्याकांड में शामिल रेलूराम की पुत्री सोनिया और दामाद संजीव पहले फरीदाबाद जेल में थे। वहां संजीव ने पेरोल के लिए आवेदन किया था। उसके बाद दोनों कुरुक्षेत्र जेल में ट्रांसफर कर दिया था।
संजीव के जेल में वापस न आने पर अब हरियाणा पुलिस अलर्ट हो गई है। हिसार पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है। जितेंद्र पूनिया ने बताया कि उनका लितानी रोड गांव प्रभुवाला में पूनिया फार्म हाउस है। सोमवार रात करीब साढे़ 12 बजे कुत्तों का शोर सुनकर बाहर आया। कोठी के बाहर 4-5 व्यक्ति खड़े थे, जो ललकारने पर एक गाड़ी में सवार होकर फरार हो गए।
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यह लिखा पत्र में
जितेंद्र पूनिया ने पुलिस को दिए पत्र में लिखा कि संजीव के अंबाला जेल में रहते हुए आतंकवादियों के साथ संबंध रहे। यही नहीं उस समय पिंटो और हैदर अली जैसे आतंकवादियों के साथ सुरंग खोदी, जिसमें सजा भी चुकी है। अंदेशा है कि संजीव उन आतंकवादियों के साथ मिलीभगत करके मुझे और मेरे परिवार की हत्या कर सकता है। जितेंद्र ने बताया कि रेलूराम हत्याकांड में रेलूराम के भाई एवं उसके पिता राम सिंह प्रमुख गवाह थे। राम सिंह की दो मई 2017 को सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। उनका परिवार लितानी रोड पूनिया फार्म हाउस पर रहता है।
हिसार एसपी मनीषा चौधरी ने जितेंद्र पूनिया द्वारा दिए गए सुरक्षा संबंधी पत्र को गंभीरता से लेते हुए पूनिया फार्म हाउस की सुरक्षा बढ़ा दी है। वहां पर दो गनमैन तैनात कर दिए गए हैं। साथ ही उकलाना और बरवाला पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। उकलाना के थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि फार्म हाउस के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहां पर निगरानी के लिए दो पुलिस कर्मचारी हथियार सहित तैनात कर दिए गए हैं। इस एरिया में पुलिस की गश्त भी रहेगी।
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हिसार। पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया और उनके परिवार के सात लोगों की हत्या करने वाला दामाद संजीव के फरार होने के बाद हिसार पुलिस अलर्ट हो गई है। रेलूराम हत्याकांड के प्रमुख गवाह राम सिंह के बेटे जितेंद्र ने उकलाना के एसएचओ को पत्र लिखकर सुरक्षा की गुहार लगाई है।
उकलाना निवासी और पूर्व विधायक रेलूराम पूनिया और उसके पूरे परिवार की नृशंस हत्या का आरोपी संजीव पेरोल के लाभ के बाद वापस जेल नहीं लौटा और भूमिगत हो गया। उम्रकैदी संजीव के जेल की सलाखों के बाहर होने के कारण स्व. रेलूराम पूनिया के परिजनों में दहशत बढ़ गई। रेलूराम के भतीजे जितेंद्र पूनिया ने उकलाना पुलिस को एक पत्र देकर जान-माल की सुरक्षा की मांग की है। जितेंद्र ने पुलिस को बताया कि रेलूराम पूनिया उनके चाचा थे। 23 अगस्त 2001 को रेलू राम की बेटी सोनिया और दामाद संजीव ने मेरे चाचा रेलूराम, चाची कृष्णा, बहन प्रियंका, भाई सुनील, भाभी शकुंतला, तीन मासूम बच्चे लोकेश, शिवानी व प्रीति लोहे की वजनदार वस्तु से हत्या कर दी थी। हत्या के इस मामले में पुलिस ने रेलूराम की पुत्री सोनिया और दामाद संजीव को पकड़ा था। अदालत दोनों को फांसी की सजा सुना चुकी है। सुप्रीम कोर्ट में यह सजा उम्रकैद में तबदील हो चुकी है। रेलूराम का दामाद संजीव कुरुक्षेत्र जेल से 14 दिन पेरोल पर आया था। 31 मई को पेरोल खत्म होने के बाद भी वापस नहीं पहुंचा। पुलिस संजीव के घर पर छापा मार चुकी है लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। हत्याकांड में शामिल रेलूराम की पुत्री सोनिया और दामाद संजीव पहले फरीदाबाद जेल में थे। वहां संजीव ने पेरोल के लिए आवेदन किया था। उसके बाद दोनों कुरुक्षेत्र जेल में ट्रांसफर कर दिया था।
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संजीव के जेल में वापस न आने पर अब हरियाणा पुलिस अलर्ट हो गई है। हिसार पुलिस को भी अलर्ट कर दिया गया है। जितेंद्र पूनिया ने बताया कि उनका लितानी रोड गांव प्रभुवाला में पूनिया फार्म हाउस है। सोमवार रात करीब साढे़ 12 बजे कुत्तों का शोर सुनकर बाहर आया। कोठी के बाहर 4-5 व्यक्ति खड़े थे, जो ललकारने पर एक गाड़ी में सवार होकर फरार हो गए।
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यह लिखा पत्र में
जितेंद्र पूनिया ने पुलिस को दिए पत्र में लिखा कि संजीव के अंबाला जेल में रहते हुए आतंकवादियों के साथ संबंध रहे। यही नहीं उस समय पिंटो और हैदर अली जैसे आतंकवादियों के साथ सुरंग खोदी, जिसमें सजा भी चुकी है। अंदेशा है कि संजीव उन आतंकवादियों के साथ मिलीभगत करके मुझे और मेरे परिवार की हत्या कर सकता है। जितेंद्र ने बताया कि रेलूराम हत्याकांड में रेलूराम के भाई एवं उसके पिता राम सिंह प्रमुख गवाह थे। राम सिंह की दो मई 2017 को सड़क हादसे में मौत हो चुकी है। उनका परिवार लितानी रोड पूनिया फार्म हाउस पर रहता है।
हिसार एसपी मनीषा चौधरी ने जितेंद्र पूनिया द्वारा दिए गए सुरक्षा संबंधी पत्र को गंभीरता से लेते हुए पूनिया फार्म हाउस की सुरक्षा बढ़ा दी है। वहां पर दो गनमैन तैनात कर दिए गए हैं। साथ ही उकलाना और बरवाला पुलिस को अलर्ट कर दिया गया है। उकलाना के थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि फार्म हाउस के बाहर सुरक्षा बढ़ा दी गई है। वहां पर निगरानी के लिए दो पुलिस कर्मचारी हथियार सहित तैनात कर दिए गए हैं। इस एरिया में पुलिस की गश्त भी रहेगी।