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परमिट के बावजूद लाइन की चालू, करंट से ठेका कर्मी की मौत, दूसरा गंभीर
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हिसार। सेक्टर 16-17 में रविवार को बिजली की लाइन पर काम करते समय करंट लगने से सातरोड़ निवासी 27 वर्षीय कुलदीप सैनी और 25 वर्षीय मुकेश कुमार झुलस गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें निजी अस्पताल में दाखिल कराया, जहां से उन्हें रेफर कर दिया। इलाज के दौरान कुलदीप ने दम तोड़ दिया। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने कुलदीप के शव को कब्जे में लेकर नागरिक अस्पताल पहुंचाया और सोमवार सुबह शव का पोस्टमार्टम करवा कर परिजनों को सौंप दिया। मुकेश ने पुलिस को दिए बयान में बिजली विभाग के फोरमैन के खिलाफ धारा 304ए, 337 के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
पुलिस को दिए बयान में मुकेश कुमार ने बताया कि वह और कुलदीप सैनी बिजली निगम के ठेकेदार राजेंद्र दूहन के अंडर काम करते हैं। 23 जून को ठेकेदार ने सेक्टर 16-17 में मकान नंबर 1972 के नजदीक ट्रांसफार्मर रखने की बात कही। दोपहर करीब दो बजे उन्होंने पोल खड़े कर दिए। इसके बाद ठेकेदार राजेंद्र दूहन से टेलीफोन पर बातचीत हुई तो उन्होंने कहा कि जेई पतराम सेक्टर 16-17 में तैनात है और फोरमैन कलीराम की वहां ड्यूटी है। मौके से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज के तार से बिजली बंद करने के लिए जेई व फोरमैन से परमिट लिया जाना था। फोरमैन कलीराम से संपर्क किया तो उसने कहा कि अभी दो लाइनमैन भेज रहा हूं। लाइनमैन पहुंचने पर कलीराम का फोन आया कि उसने बिजली लाइन बंद कर उी, जिसका परमिट नंबर आठ है, इसलिए वे काम कर सकते हैं। मुकेश ने बयानों में कहा कि परमिट मिलने के बाद वह और कुलदीप खड़े पोल पर ट्रांसफार्मर रखने के लिए लोहे के एंगल लगाने लगे। काम करते समय अचानक बिना सूचना दिए फोरमैन ने लाइन चालू कर दी, जिससे उसे और कुलदीप को करंट लगा। करंट के झटके से वह नीचे गिर गया, जबकि कुलदीप तार से चिपक गया। आसपास के लोगों ने उन्हें निजी अस्पताल में दाखिल कराया, जहां से उन्हें दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान कुलदीप की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार कुलदीप और मुकेश लगभग छह साल से ठेकेदार राजेंद्र दूहन के साथ कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर लाइनमैन के तौर पर काम कर रहे थे।
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पुलिस को दिए बयान में मुकेश कुमार ने बताया कि वह और कुलदीप सैनी बिजली निगम के ठेकेदार राजेंद्र दूहन के अंडर काम करते हैं। 23 जून को ठेकेदार ने सेक्टर 16-17 में मकान नंबर 1972 के नजदीक ट्रांसफार्मर रखने की बात कही। दोपहर करीब दो बजे उन्होंने पोल खड़े कर दिए। इसके बाद ठेकेदार राजेंद्र दूहन से टेलीफोन पर बातचीत हुई तो उन्होंने कहा कि जेई पतराम सेक्टर 16-17 में तैनात है और फोरमैन कलीराम की वहां ड्यूटी है। मौके से गुजर रही 11 हजार वोल्टेज के तार से बिजली बंद करने के लिए जेई व फोरमैन से परमिट लिया जाना था। फोरमैन कलीराम से संपर्क किया तो उसने कहा कि अभी दो लाइनमैन भेज रहा हूं। लाइनमैन पहुंचने पर कलीराम का फोन आया कि उसने बिजली लाइन बंद कर उी, जिसका परमिट नंबर आठ है, इसलिए वे काम कर सकते हैं। मुकेश ने बयानों में कहा कि परमिट मिलने के बाद वह और कुलदीप खड़े पोल पर ट्रांसफार्मर रखने के लिए लोहे के एंगल लगाने लगे। काम करते समय अचानक बिना सूचना दिए फोरमैन ने लाइन चालू कर दी, जिससे उसे और कुलदीप को करंट लगा। करंट के झटके से वह नीचे गिर गया, जबकि कुलदीप तार से चिपक गया। आसपास के लोगों ने उन्हें निजी अस्पताल में दाखिल कराया, जहां से उन्हें दूसरे अस्पताल में रेफर कर दिया, जहां इलाज के दौरान कुलदीप की मौत हो गई। जानकारी के अनुसार कुलदीप और मुकेश लगभग छह साल से ठेकेदार राजेंद्र दूहन के साथ कॉन्ट्रेक्ट के आधार पर लाइनमैन के तौर पर काम कर रहे थे।
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