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हांसी-9
Updated Wed, 05 Dec 2018 12:44 AM IST
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हांसी। बिजली माफी योजना स्कीम की जानकारी देने के लिए श्री पंचायती रामलीला ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में विभाग के ऑपरेशन निदेशक एसके बंसल आए हुए थे। उन्होंने लोगों की समस्याएं भी सुनीं। एक उपभोक्ता ने बताया कि बिजली निगम में बिल के तौर पर उसके 85 हजार रुपये ज्यादा जमा हैं। छह महीने से अधिकारियों के चक्कर लगा रहा हूं, मगर कार्रवाई नहीं हो रही है।
उपभोक्ता की इस बात पर ऑपरेशन निदेशक बंसल ने हांसी के एक्सईएन संकल्प परिहार को बकाया राशि का चेक उपभोक्ता को देने के लिए कहा। इस पर एक्सईएन ने ऑपरेशन निदेशक से कहा कि सर, रुपये वापस देने की बात रूल में नहीं लिखी है। इस पर निदेशक बोले- उपभोक्ता के रुपये वापस न दिए जाएं, ऐसा भी किसी रूल में नहीं लिखा है। एक्सईएन ने फिर जवाब दिया कि इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी उपभोक्ता को रुपये वापस दिए जाएं। इस पर ऑपरेशन निदेशक एसके बंसल ने कहा कि आज आप ऐसा करके इतिहास बदल दो।
बता दें कि पशुपालन विभाग के ब्लॉक लेवल एक्सटेंशन ऑफिसर पद से रिटायर डॉ. महेंद्र ने जींद रोड पर जंगले और चौखट बनाने का कारखाना लगा रखा है। छह महीने पहले उन्हें महसूस हुआ कि उनका बिजली बिल ज्यादा आया हुआ है। उन्होंने इसकी शिकायत निगम अधिकारियों को की, मगर उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि आपने बिजली ज्यादा प्रयोग की है। इसके बाद उन्होंने अपने मीटर की जांच लैब में कराई तो पता चला कि मीटर खराब है।
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सीजीआरएफ में की शिकायत
स्थानीय अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी तो उन्होंने सीजीआरएफ में इसकी शिकायत की, जहां से इस शिकायत को चीफ इंजीनियर के पास भेज दिया गया। चीफ इंजीनियर ने बिल को ओवरऑल करने के आदेश दिए। बिल ओवरऑल होने के बाद पता चला कि डॉ. महेंद्र की तरफ से बिजली निगम में 85 हजार रुपये बिजली का बिल अधिक जमा है। तभी से वो अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
डॉ. महेन्द्र के बिल में अडजेस्टमेंट हुई थी, कुछ पैसे एक्सट्रा जमा हैं। विभाग के ऑपरेशन निदेशक ने कहा है। उनसे अप्रूवल लेकर उपभोक्ता को पैसे वापस दिलवाने की कोशिश करेंगे।
- संकल्प परिहार, एक्सईन, बिजली निगम, हांसी
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उपभोक्ता की इस बात पर ऑपरेशन निदेशक बंसल ने हांसी के एक्सईएन संकल्प परिहार को बकाया राशि का चेक उपभोक्ता को देने के लिए कहा। इस पर एक्सईएन ने ऑपरेशन निदेशक से कहा कि सर, रुपये वापस देने की बात रूल में नहीं लिखी है। इस पर निदेशक बोले- उपभोक्ता के रुपये वापस न दिए जाएं, ऐसा भी किसी रूल में नहीं लिखा है। एक्सईएन ने फिर जवाब दिया कि इतिहास में ऐसा कभी नहीं हुआ कि किसी उपभोक्ता को रुपये वापस दिए जाएं। इस पर ऑपरेशन निदेशक एसके बंसल ने कहा कि आज आप ऐसा करके इतिहास बदल दो।
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बता दें कि पशुपालन विभाग के ब्लॉक लेवल एक्सटेंशन ऑफिसर पद से रिटायर डॉ. महेंद्र ने जींद रोड पर जंगले और चौखट बनाने का कारखाना लगा रखा है। छह महीने पहले उन्हें महसूस हुआ कि उनका बिजली बिल ज्यादा आया हुआ है। उन्होंने इसकी शिकायत निगम अधिकारियों को की, मगर उन्होंने यह कहते हुए पल्ला झाड़ लिया कि आपने बिजली ज्यादा प्रयोग की है। इसके बाद उन्होंने अपने मीटर की जांच लैब में कराई तो पता चला कि मीटर खराब है।
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सीजीआरएफ में की शिकायत
स्थानीय अधिकारियों ने उनकी बात नहीं सुनी तो उन्होंने सीजीआरएफ में इसकी शिकायत की, जहां से इस शिकायत को चीफ इंजीनियर के पास भेज दिया गया। चीफ इंजीनियर ने बिल को ओवरऑल करने के आदेश दिए। बिल ओवरऑल होने के बाद पता चला कि डॉ. महेंद्र की तरफ से बिजली निगम में 85 हजार रुपये बिजली का बिल अधिक जमा है। तभी से वो अधिकारियों के चक्कर काट रहे हैं।
डॉ. महेन्द्र के बिल में अडजेस्टमेंट हुई थी, कुछ पैसे एक्सट्रा जमा हैं। विभाग के ऑपरेशन निदेशक ने कहा है। उनसे अप्रूवल लेकर उपभोक्ता को पैसे वापस दिलवाने की कोशिश करेंगे।
- संकल्प परिहार, एक्सईन, बिजली निगम, हांसी