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भैस व्यापारी के साथ हुई 15 लाख की धोखाधड़ी, जातिसूचक गालियां दीं
Updated Wed, 02 Aug 2017 01:43 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
गांव गंगवा के सुरेंद्र नाम के भैंस व्यापारी ने सदर थाना पुलिस को शिकायत देकर उसके साथ 15 लाख रुपये की ठगी करने और जातिसूचक गालियां देने, जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज करवाया है।
सुरेंद्र ने बताया कि वह भैंस व्यापारी है और गांव में पशु डेयरी भी चलाता है। बालसमंद निवासी रणधीर, राजेश, बलदेव भी उसके साथ पार्टनरशिप में व्यापार करते हैं। उसने आरोप लगाया कि तीनों की तरफ भैंस दिलवाने के मामले को लेकर 15 लाख की उधार हो गई। काफी दिन बीतने के बाद जब उसने रुपये मांगे तो उसे धमकी दी गई और झगड़ा करने लगे। बार बार इस तरह की हरकत से तंग आकर गांव के प्रमुख लोगों को बुलाकर उसने पंचायत भी की। उन्होंने पंचायत के समक्ष जल्द रुपये देने की बात कहकर चले गए। जब निर्धारित समय पर फिर उनसे रुपये मांगे गए तो उन्होंने उसे जातिसूचक गालियां दीं, जिसकी मैंने पुलिस में शिकायत भी दे रखी है। उसके बाद 13 जुलाई को आरोपियों के पक्ष के राजेश, बलदेव एक अन्य बुद्धराम उसे कोर्ट में मिल गए। उन्होंने उससे बात की और कहा कि झगड़े में कुछ नहीं रखा, आपका समझौता करवा देते हैं। उन्होंने उसे रणधीर के घर बुला लिया। इस पर वे 29 जुलाई को उसके घर चले गए। उसके साथ उसका एक और साथी था। वहां जाकर भी उसके साथ रणधीर और उसके परिवार ने उसके साथ मारपीट की और जातिसूचक गालियां दीं। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।
- अनुसूचित जाति आयोग को भेजी शिकायत, केस दर्ज
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हिसार।
गांव गंगवा के सुरेंद्र नाम के भैंस व्यापारी ने सदर थाना पुलिस को शिकायत देकर उसके साथ 15 लाख रुपये की ठगी करने और जातिसूचक गालियां देने, जान से मारने की धमकी देने का केस दर्ज करवाया है।
सुरेंद्र ने बताया कि वह भैंस व्यापारी है और गांव में पशु डेयरी भी चलाता है। बालसमंद निवासी रणधीर, राजेश, बलदेव भी उसके साथ पार्टनरशिप में व्यापार करते हैं। उसने आरोप लगाया कि तीनों की तरफ भैंस दिलवाने के मामले को लेकर 15 लाख की उधार हो गई। काफी दिन बीतने के बाद जब उसने रुपये मांगे तो उसे धमकी दी गई और झगड़ा करने लगे। बार बार इस तरह की हरकत से तंग आकर गांव के प्रमुख लोगों को बुलाकर उसने पंचायत भी की। उन्होंने पंचायत के समक्ष जल्द रुपये देने की बात कहकर चले गए। जब निर्धारित समय पर फिर उनसे रुपये मांगे गए तो उन्होंने उसे जातिसूचक गालियां दीं, जिसकी मैंने पुलिस में शिकायत भी दे रखी है। उसके बाद 13 जुलाई को आरोपियों के पक्ष के राजेश, बलदेव एक अन्य बुद्धराम उसे कोर्ट में मिल गए। उन्होंने उससे बात की और कहा कि झगड़े में कुछ नहीं रखा, आपका समझौता करवा देते हैं। उन्होंने उसे रणधीर के घर बुला लिया। इस पर वे 29 जुलाई को उसके घर चले गए। उसके साथ उसका एक और साथी था। वहां जाकर भी उसके साथ रणधीर और उसके परिवार ने उसके साथ मारपीट की और जातिसूचक गालियां दीं। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर लिया है।
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- अनुसूचित जाति आयोग को भेजी शिकायत, केस दर्ज