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थाना प्रभारी के सामने बिलखते हुए छात्राएं बोलीं- सर! हमारे साथ काफी दिनों से गलत हो रहा है, बाबा और मैडम को छोड़ना मत
Updated Wed, 26 Sep 2018 01:26 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। पुलिस के पास मंगलवार को 100 नंबर पर फोन आने के बाद जैसे ही थाना प्रभारी उमेद सिंह अपनी टीम के साथ गुरुकुल पहुंचे तो वहां पर मौजूद छात्राएं थाना प्रभारी के सामने बिलख पड़ीं और रोते हुए बोलीं- सर जी! हमारे साथ काफी दिनों से गलत हो रहा है। हमारे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। आज भी जो पंचायत हुई थी, उसमें भी पंचायत के कुछ लोग इस मामले को रफा-दफा करने की बात कह रहे थे। हम आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना करती हैं कि बाबा और मैडम को छोड़ना मत। इस पर थाना प्रभारी ने जवाब दिया कि चिंता मत करो बेटा, आपको इंसाफ मिलेगा और आप अपने बयान दर्ज कराओ। इसके बाद छात्राएं थाना प्रभारी से बोलीं, बाबा को तो आपने पकड़ लिया, मैडम को भी गिरफ्तार कर लो। जब प्राचार्य मैडम को देखा गया तो वह गुरुकुल में नहीं मिली, फरार हो चुकी थी। इस पर थाना प्रभारी ने कहा कि अगर गुरुकुल की प्राचार्य फरार हो गई है तो उसको भी ढूंढ लेंगे। इसके बाद छात्राएं बयान दर्ज करवाने और हांसी जाने के लिए तैयार हुईं।
सरपंच ने कहा- बेटियों के साथ इंसाफ होना चाहिए
इस मामले में गांव के सरपंच ने कहा कि उनके सामने मामला आया तो वे पंचायत में पहुंचे। पंचायत हुई तो मामले में लड़कियों ने खुलकर अपनी बातें रखीं। सच्चाई जो भी है, वह लड़कियों ने कही है। इस मामले में जो कुछ हुआ है, वह बहुत ही गलत हुआ है। बेटियों के साथ इंसाफ होना चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
विवादों से गुरुकुल का पुराना नाता
गुरुकुल 1995 में बना था। करीब 12 साल पहले गुरुकुल प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत की जमीन को कब्जे में लेकर विवाद खड़ा किया गया था, जो काफी सालों तक जारी रहा। पंचायत की उसी जमीन पर मिलीभगत करके गुरुकुल महाविद्यालय बनाया जा रहा है। गांव वालों ने दबी जुबां में कहा कि यह तो कब का हो जाना चाहिए था। काफी दिनों से ऐसा हो रहा था, लेकिन खुलकर कोई सामने नहीं आ रहा था।
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पंचायत में संचालक ने छात्राओं पर ही जड़ दिए आरोप
पीड़ित छात्रा के पिता ने बताया कि सोमवार को उनकी बेटी ने अपनी मां को इस बारे में बताया था, जिसके बाद उन्हें इस मामले की जानकारी मिली। मंगलवार को वह गुरुकुल पहुंचा। सुबह गांव में कई घंटों तक पंचायत भी चली। पंचायत में गुरुकुल संचालक ने छात्राओं पर ही आरोप जड़ दिए। इस मामले को लेकर गांव के कुछ लोग गुरुकुल संचालक के समर्थन में भी आ गए, जबकि कुछ लोग छात्राओं के समर्थन में आ गए। इसके चलते पंचायत कोई फैसला नहीं ले सकी।
अमर उजाला ब्यूरो
हांसी। उपमंडल के एक गांव में स्थित कन्या गुरुकुल में छात्राओं के परिजनों के अनुसार पिछले लंबे समय से छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की जा रही थी। छात्राओं पर गुरुकुल संचालक व प्राचार्य द्वारा दबाव बनाए जाने के चलते यह बात उजागर नहीं हो पाई। गुरुकुल की ही एक छात्रा ने जैसे ही इसके विरोध में आवाज उठाई तो अन्य छात्राएं भी उसके समर्थन में आ गईं। छात्राओं ने जिस प्रकार बाबा कृष्णानंद व प्राचार्य सुनीता पर आरोप लगाए हैं, उससे लगता है कि पिछले काफी समय से गुरुकुल में यह घिनौना कार्य चल रहा था। ऐसे में आरोपी को पुलिस रिमांड पर लिए जाने के बाद इस मामले में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
जैसे ही गुरुकुल में पढ़ने वाली छात्राओं के परिजनों को इस बात का पता चला तो उन्होंने अपनी बेटियों को हॉस्टल से निकालना शुरू कर दिया। गुरुकुल में पढ़ने वाली करीब 350 छात्राओं में से 72 छात्राएं हॉस्टल में रहती हैं। इनमें से 45 ने हॉस्टल छोड़ दिया था। मंगलवार शाम तक मात्र 27 छात्राएं ही गुरुकुल के हॉस्टल में रह गई थीं। देर रात तक छात्राओं के परिजनों के आने का सिलसिला जारी था।
हिसार। शिक्षण संस्थाओं में बच्चियों के साथ छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे को तार-तार कर दिया है। हिसार जिले के गुरुकुल संचालक द्वारा छात्रावास की नाबालिग छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का मामला हिसार के लिए नया नहीं है। इससे पहले भी जिले में कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिसने न केवल मानवता को शर्मसार किया है, बल्कि शिक्षा जैसे पवित्र पेशे की मर्यादा को भी कलंकित किया है। इन सभी मामलों में बच्चियों के साथ की गई छेड़छाड़ की घिनौनी घटनाएं समाज को कलंकित करने वाली हैं।
2007 को भी नहीं भूला शहर
वर्ष 2007 की घटना को शहर अभी तक नहीं भूला है। उस समय विश्वास स्कूल संचालन समिति के तत्कालीन मुखिया पर बच्चियों के यौन शोषण का आरोप लगा था। पीले वस्त्र धारण करने वाली यह संस्था हिसार के अलावा कई अन्य शहरों में स्कूल चलाती है। गुस्साए लोगों ने स्कूल में तोड़फोड़ कर शहर को बंद कर दिया था, जिसके बाद सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए स्कूल संचालन को अपने हाथों में ले लिया था, जिसे बाद में मैनेजमेंट को सौंपा गया था।
वर्ष 2015 : पास के गांव में स्थित आश्रम में यौन शोषण का मामला
वर्ष 2015 में शहर के साथ लगते गांव में यौन शोषण का खुलासा हुआ था। महिला अधिकारी ने मामले का खुलासा किया था, जिसके बाद पुलिस में शिकायत पहुंची। आश्रम संचालकों की पहुंच के कारण एफआईआर दर्ज करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। पुलिस जांच में छात्रा ने यौन शोषण की बात कही थी। यह पूरा मामला आश्रम संचालक की जानकारी में था। आश्रम संचालक ने पूरे मामले की जानकारी होने के बाद भी पुलिस को शिकायत देने के बजाय मामले को दबाने के प्रयास किए, जिसकी ऑडियो भी वायरल हुई थी। मामले में आश्रम केयर टेकर के भाई और एक अन्य युवक को अदालत से सजा हो चुकी है।
स्कूल से किया अपहरण, कुक ने बचाया था
14 दिसंबर 2017 को आदमपुर के स्कूल में आठ साल की बच्ची का अपहरण कर उससे दुष्कर्म का प्रयास किया गया, जिसमें स्कूल में खाना बनाने वाली कुक ने बच्ची को ले जा रहे युवक के सिर पर डंडा मारकर उसे छुड़ाया था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था।
जेबीटी टीचर ने बाथरूम में किया था दुष्कर्म
17 जुलाई 2018 को बास क्षेत्र के गांव में जेबीटी टीचर पर तीसरी कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा था। स्कूल के बाथरूम में ही नौ साल की बच्ची के साथ यौन शोषण करने का आरोप था। बच्ची को अस्पताल ले जाया गया तो दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। गांव के लोगों ने स्कूल को ताला लगा दिया था, जिसके बाद आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया था।
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हिसार। पुलिस के पास मंगलवार को 100 नंबर पर फोन आने के बाद जैसे ही थाना प्रभारी उमेद सिंह अपनी टीम के साथ गुरुकुल पहुंचे तो वहां पर मौजूद छात्राएं थाना प्रभारी के सामने बिलख पड़ीं और रोते हुए बोलीं- सर जी! हमारे साथ काफी दिनों से गलत हो रहा है। हमारे मामले को दबाने की कोशिश की जा रही है। आज भी जो पंचायत हुई थी, उसमें भी पंचायत के कुछ लोग इस मामले को रफा-दफा करने की बात कह रहे थे। हम आपसे हाथ जोड़कर प्रार्थना करती हैं कि बाबा और मैडम को छोड़ना मत। इस पर थाना प्रभारी ने जवाब दिया कि चिंता मत करो बेटा, आपको इंसाफ मिलेगा और आप अपने बयान दर्ज कराओ। इसके बाद छात्राएं थाना प्रभारी से बोलीं, बाबा को तो आपने पकड़ लिया, मैडम को भी गिरफ्तार कर लो। जब प्राचार्य मैडम को देखा गया तो वह गुरुकुल में नहीं मिली, फरार हो चुकी थी। इस पर थाना प्रभारी ने कहा कि अगर गुरुकुल की प्राचार्य फरार हो गई है तो उसको भी ढूंढ लेंगे। इसके बाद छात्राएं बयान दर्ज करवाने और हांसी जाने के लिए तैयार हुईं।
सरपंच ने कहा- बेटियों के साथ इंसाफ होना चाहिए
इस मामले में गांव के सरपंच ने कहा कि उनके सामने मामला आया तो वे पंचायत में पहुंचे। पंचायत हुई तो मामले में लड़कियों ने खुलकर अपनी बातें रखीं। सच्चाई जो भी है, वह लड़कियों ने कही है। इस मामले में जो कुछ हुआ है, वह बहुत ही गलत हुआ है। बेटियों के साथ इंसाफ होना चाहिए और दोषियों को सजा मिलनी चाहिए।
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विवादों से गुरुकुल का पुराना नाता
गुरुकुल 1995 में बना था। करीब 12 साल पहले गुरुकुल प्रशासन द्वारा ग्राम पंचायत की जमीन को कब्जे में लेकर विवाद खड़ा किया गया था, जो काफी सालों तक जारी रहा। पंचायत की उसी जमीन पर मिलीभगत करके गुरुकुल महाविद्यालय बनाया जा रहा है। गांव वालों ने दबी जुबां में कहा कि यह तो कब का हो जाना चाहिए था। काफी दिनों से ऐसा हो रहा था, लेकिन खुलकर कोई सामने नहीं आ रहा था।
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पंचायत में संचालक ने छात्राओं पर ही जड़ दिए आरोप
पीड़ित छात्रा के पिता ने बताया कि सोमवार को उनकी बेटी ने अपनी मां को इस बारे में बताया था, जिसके बाद उन्हें इस मामले की जानकारी मिली। मंगलवार को वह गुरुकुल पहुंचा। सुबह गांव में कई घंटों तक पंचायत भी चली। पंचायत में गुरुकुल संचालक ने छात्राओं पर ही आरोप जड़ दिए। इस मामले को लेकर गांव के कुछ लोग गुरुकुल संचालक के समर्थन में भी आ गए, जबकि कुछ लोग छात्राओं के समर्थन में आ गए। इसके चलते पंचायत कोई फैसला नहीं ले सकी।
अमर उजाला ब्यूरो
हांसी। उपमंडल के एक गांव में स्थित कन्या गुरुकुल में छात्राओं के परिजनों के अनुसार पिछले लंबे समय से छात्राओं के साथ छेड़छाड़ की जा रही थी। छात्राओं पर गुरुकुल संचालक व प्राचार्य द्वारा दबाव बनाए जाने के चलते यह बात उजागर नहीं हो पाई। गुरुकुल की ही एक छात्रा ने जैसे ही इसके विरोध में आवाज उठाई तो अन्य छात्राएं भी उसके समर्थन में आ गईं। छात्राओं ने जिस प्रकार बाबा कृष्णानंद व प्राचार्य सुनीता पर आरोप लगाए हैं, उससे लगता है कि पिछले काफी समय से गुरुकुल में यह घिनौना कार्य चल रहा था। ऐसे में आरोपी को पुलिस रिमांड पर लिए जाने के बाद इस मामले में कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
जैसे ही गुरुकुल में पढ़ने वाली छात्राओं के परिजनों को इस बात का पता चला तो उन्होंने अपनी बेटियों को हॉस्टल से निकालना शुरू कर दिया। गुरुकुल में पढ़ने वाली करीब 350 छात्राओं में से 72 छात्राएं हॉस्टल में रहती हैं। इनमें से 45 ने हॉस्टल छोड़ दिया था। मंगलवार शाम तक मात्र 27 छात्राएं ही गुरुकुल के हॉस्टल में रह गई थीं। देर रात तक छात्राओं के परिजनों के आने का सिलसिला जारी था।
हिसार। शिक्षण संस्थाओं में बच्चियों के साथ छेड़छाड़ की बढ़ती घटनाओं ने बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ के नारे को तार-तार कर दिया है। हिसार जिले के गुरुकुल संचालक द्वारा छात्रावास की नाबालिग छात्राओं के साथ छेड़छाड़ का मामला हिसार के लिए नया नहीं है। इससे पहले भी जिले में कई ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिसने न केवल मानवता को शर्मसार किया है, बल्कि शिक्षा जैसे पवित्र पेशे की मर्यादा को भी कलंकित किया है। इन सभी मामलों में बच्चियों के साथ की गई छेड़छाड़ की घिनौनी घटनाएं समाज को कलंकित करने वाली हैं।
2007 को भी नहीं भूला शहर
वर्ष 2007 की घटना को शहर अभी तक नहीं भूला है। उस समय विश्वास स्कूल संचालन समिति के तत्कालीन मुखिया पर बच्चियों के यौन शोषण का आरोप लगा था। पीले वस्त्र धारण करने वाली यह संस्था हिसार के अलावा कई अन्य शहरों में स्कूल चलाती है। गुस्साए लोगों ने स्कूल में तोड़फोड़ कर शहर को बंद कर दिया था, जिसके बाद सरकार ने हस्तक्षेप करते हुए स्कूल संचालन को अपने हाथों में ले लिया था, जिसे बाद में मैनेजमेंट को सौंपा गया था।
वर्ष 2015 : पास के गांव में स्थित आश्रम में यौन शोषण का मामला
वर्ष 2015 में शहर के साथ लगते गांव में यौन शोषण का खुलासा हुआ था। महिला अधिकारी ने मामले का खुलासा किया था, जिसके बाद पुलिस में शिकायत पहुंची। आश्रम संचालकों की पहुंच के कारण एफआईआर दर्ज करने में भी दिक्कतों का सामना करना पड़ा था। पुलिस जांच में छात्रा ने यौन शोषण की बात कही थी। यह पूरा मामला आश्रम संचालक की जानकारी में था। आश्रम संचालक ने पूरे मामले की जानकारी होने के बाद भी पुलिस को शिकायत देने के बजाय मामले को दबाने के प्रयास किए, जिसकी ऑडियो भी वायरल हुई थी। मामले में आश्रम केयर टेकर के भाई और एक अन्य युवक को अदालत से सजा हो चुकी है।
स्कूल से किया अपहरण, कुक ने बचाया था
14 दिसंबर 2017 को आदमपुर के स्कूल में आठ साल की बच्ची का अपहरण कर उससे दुष्कर्म का प्रयास किया गया, जिसमें स्कूल में खाना बनाने वाली कुक ने बच्ची को ले जा रहे युवक के सिर पर डंडा मारकर उसे छुड़ाया था। आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया था।
जेबीटी टीचर ने बाथरूम में किया था दुष्कर्म
17 जुलाई 2018 को बास क्षेत्र के गांव में जेबीटी टीचर पर तीसरी कक्षा की छात्रा के साथ दुष्कर्म का आरोप लगा था। स्कूल के बाथरूम में ही नौ साल की बच्ची के साथ यौन शोषण करने का आरोप था। बच्ची को अस्पताल ले जाया गया तो दुष्कर्म की पुष्टि हुई थी। गांव के लोगों ने स्कूल को ताला लगा दिया था, जिसके बाद आरोपी टीचर को गिरफ्तार कर लिया था।