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नौकरी लगवाने के नाम पर 7.50 लाख की धोखाधड़ी का आरोपी गिरफ्तार
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सरकारी नौकरी लगवाने और एचटेट का पेपर पास करवाने की एवज में सेक्टर-9-11 निवासी प्रदीप बूरा से 7 लाख 50 हजार रुपये हड़पने के आरोपी मुजादपुर निवासी कर्मबीर को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। मामले में सेक्टर- 9-11 निवासी प्रदीप बूरा ने 9 जनवरी को अर्बन एस्टेट थाना पुलिस को शिकायत दी थी कि करीब एक वर्ष पूर्व उसकी मुलाकात मुजादपुर गांव निवासी कर्मबीर सिंह के साथ हुई थी। उस वक्त कर्मबीर ने अपना नाम डॉ. परमजीत मलिक बताया था और कहा था कि वह एचएयू में भर्ती बोर्ड का एचओडी है।
प्रदीप ने आरोप लगाया कि उस दौरान कर्मबीर ने उसे बताया कि उसके पिता जयसिंह आईएएस हैं और उनकी पंचकूला शिक्षा विभाग में पोस्टिंग है। कर्मबीर ने बताया था कि उसके पिता जल्द हिसार में डीसी प्रमोट होने वाले हैं। प्रदीप के आरोप लगाया कि इसके बाद वह लगातार कर्मबीर के संपर्क में रहा। इसी बीच एक दिन कर्मबीर ने प्रदीप को फोन कर बताया कि लुवास में एनिमल अटेंडेंट के पद पर उसके पिता किसी को भी नौकरी लगवा सकते हैं, जिस पर एक लाख रुपये का खर्च आएगा। इसके कुछ दिन बाद कर्मबीर ने प्रदीप के रिश्तेदार अमित से एक लाख रुपये नौकरी लगवाने के नाम पर ले लिए। प्रदीप ने शिकायत में बताया कि इसके 10 दिन बाद उसके पास कर्मबीर का फोन आया और उससे कहा कि उसके पिता जयसिंह को एचटेट परीक्षा की जिम्मेदारी मिली है, और उसके पिता की बोर्ड सचिव जगबीर सिंह से अच्छी उठ-बैठ है। प्रदीप के अनुसार इस दौरान भी कर्मबीर ने कहा कि उसके पिता किसी को भी एचटेट का पेपर पास करवा सकते हैं, इसके लिए एक लाख रुपये का खर्च आएगा। प्रदीप के अनुसार उसने अपने रिश्तेदारों से बात कर कर्मबीर को 8 लोगों को नौकरी लगवाने के लिए 8 लाख रुपये दे दिए, जिसमें से साढ़े 3 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से दिए, कर्मबीर द्वारा रवि श्योकंद के बैंक खाते में ट्रांसफर किए। बाकी की राशि नकद दी। प्रदीप ने बताया कि उसे कुछ दिन बाद कर्मबीर के बारे में पता चला कि उसका नाम परमजीत है और उसके पिता का नाम लीलूराम है। जयसिंह कर्मबीर का चाचा है और दोनों मिलकर लोगों को ठगने का काम करते हैं। प्रदीप के अनुसार जब उसने कर्मबीर से इस बारे बात की तो कर्मबीर ने उसे 1 लाख 50 हजार रुपये लौटा दिए, लेकिन बाकी के रुपये वापस मांगने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दे डाली। मामले में पुलिस ने पीड़ित प्रदीप की शिकायत पर कर्मबीर के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
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प्रदीप ने आरोप लगाया कि उस दौरान कर्मबीर ने उसे बताया कि उसके पिता जयसिंह आईएएस हैं और उनकी पंचकूला शिक्षा विभाग में पोस्टिंग है। कर्मबीर ने बताया था कि उसके पिता जल्द हिसार में डीसी प्रमोट होने वाले हैं। प्रदीप के आरोप लगाया कि इसके बाद वह लगातार कर्मबीर के संपर्क में रहा। इसी बीच एक दिन कर्मबीर ने प्रदीप को फोन कर बताया कि लुवास में एनिमल अटेंडेंट के पद पर उसके पिता किसी को भी नौकरी लगवा सकते हैं, जिस पर एक लाख रुपये का खर्च आएगा। इसके कुछ दिन बाद कर्मबीर ने प्रदीप के रिश्तेदार अमित से एक लाख रुपये नौकरी लगवाने के नाम पर ले लिए। प्रदीप ने शिकायत में बताया कि इसके 10 दिन बाद उसके पास कर्मबीर का फोन आया और उससे कहा कि उसके पिता जयसिंह को एचटेट परीक्षा की जिम्मेदारी मिली है, और उसके पिता की बोर्ड सचिव जगबीर सिंह से अच्छी उठ-बैठ है। प्रदीप के अनुसार इस दौरान भी कर्मबीर ने कहा कि उसके पिता किसी को भी एचटेट का पेपर पास करवा सकते हैं, इसके लिए एक लाख रुपये का खर्च आएगा। प्रदीप के अनुसार उसने अपने रिश्तेदारों से बात कर कर्मबीर को 8 लोगों को नौकरी लगवाने के लिए 8 लाख रुपये दे दिए, जिसमें से साढ़े 3 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से दिए, कर्मबीर द्वारा रवि श्योकंद के बैंक खाते में ट्रांसफर किए। बाकी की राशि नकद दी। प्रदीप ने बताया कि उसे कुछ दिन बाद कर्मबीर के बारे में पता चला कि उसका नाम परमजीत है और उसके पिता का नाम लीलूराम है। जयसिंह कर्मबीर का चाचा है और दोनों मिलकर लोगों को ठगने का काम करते हैं। प्रदीप के अनुसार जब उसने कर्मबीर से इस बारे बात की तो कर्मबीर ने उसे 1 लाख 50 हजार रुपये लौटा दिए, लेकिन बाकी के रुपये वापस मांगने पर परिवार को जान से मारने की धमकी दे डाली। मामले में पुलिस ने पीड़ित प्रदीप की शिकायत पर कर्मबीर के खिलाफ केस दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया है।
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