क्रिकेट छोड़ फुटबाल और हॉकी के 300 खिलाड़ी किए तैयार
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ग्रामीणों के क्रिकेट को लेकर ताना देने के चलते दो पूर्व क्रिकेटरों ने ठाना की इस गांव के बच्चों को अब क्रिकेट के खेल को छोड़कर फुटबाल व हॉकी में आगे बढ़ाना है। इन दोनों ने इस बात को संकल्प के तौर पर लिया और आज इस गांव के करीब 40 खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर फुटबाल प्रतियोगिताओं में पदक जीत चुके हैं, तो करीब 70 खिलाड़ी जिला स्तरीय प्रतियोगिताओं में भाग ले चुके हैं। हम बात कर रहे है गंगवा गांव के दो पूर्व क्रिकेट खिलाड़ी संदीप व वीर की। जिन्होंने अपने क्रिकेट जीवन में जहां राज्य स्तरीय टीम में चयनित होने तक का सफर तय किया। वहीं इन दोनों ने गंगवा गांव में फुटबाल और हॉकी के करीब 300 खिलाड़ी तैयार कर लिए हैं। इनमें 130 के करीब लड़कियां भी शामिल हैं।
ग्रामीणों की बात का हुआ असर तो क्रिकेट छोड़ पकड़ी फुटबाल
संदीप और वीर को ग्रामीणों द्वारा गांव में फुटबाल मैच के दौरान क्रिकेट को लेकर कही गई ये बात की तुम तो क्रिकेटर हो, फुटबाल क्या खेलोगे, अखर गई तथा दोनों ने इसे चैलेंज के तौर पर लिया। इसी का परिणाम है कि गांव में फुटबाल को बढ़ावा देने के लिए दोनों ने 2010 में आजाद युवा क्लब के नाम से फुटबाल क्लब का गठन किया। इसके तहत दोनों ने गांव के युवाओं को फुटबाल के प्रति जागरूक किया। देखते ही देखते सिर्फ पांच सालों के दौरान आजाद युवा क्लब की फुटबाल टीम जिला स्तर व ब्लॉक स्तर पर काफी प्रतियोगिताएं जीत चुकी हैं।
राष्ट्रीय स्तर के कोच से सीखे गुर
बच्चों को फुटबाल का प्रशिक्षण देने के लिए संदीप व वीर ने गांव के राष्ट्रीय स्तर के कोच मदन सिंह राठौड़ से फुटबाल के गुर सीखे। हालांकि मदन सिंह राठौड़ भी गांव के बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं।
अब गांव की लड़कियों का सिखा रहे हॉकी
संदीव व वीर ने बताया कि गांव के लड़कों को फुटबाल में आगे बढ़ाने के बाद अब गांव की लड़कियों को हॉकी के खेल का प्रशिक्षण देना आरंभ किया है। गांव की करीब 130 लड़कियां है जो हॉकी का प्रशिक्षण ले रही हैं।
मैदान और आर्थिक समस्या आ रही आड़े
संदीप और वीर का कहना है कि गांव में बच्चों को खेलों में आगे बढ़ाने के लिए आर्थिक समस्या आड़े आ रही है। वहीं गांव में राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय के मैदान पर ही प्रशिक्षण देते हैं, जिसके चलते स्कूल के बरामदे में अभ्यास करवाना पड़ता है। क्योंकि स्कूल के मैदान का लेवल एक समान नहीं है। संदीप और वीर के अनुसार खिलाड़ियों की स्पोर्ट्स किट, प्रतियोगिताओं में आने-जाने का किराया व अन्य सुविधाएं वो अपने दम ही मुहैया करवाते आ रहे हैं। लेकिन न तो सरकार की ओर से ओर न ही गांव के प्रबुद्ध लोगों से किसी प्रकार की कोई मदद मिल पा रही है।
आजाद युवा क्लब की फुटबाल टीम की उपलब्धियां
- वर्ष 2012 में अंडर 16 की टीम गांव में ही खंड स्तर पर आयोजित प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया।
- वर्ष 2011-2012 में अंडर 16 में जिला स्तरीय प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया।
- वर्ष 2016 में मुकलान में आयोजित फुटबाल प्रतियोगिता में अंडर 16 में पहला स्थान हासिल किया।
- वर्ष 2016 में ही बरवाला में ब्लॉक स्तरीय प्रतियोगिता में दूसरा स्थान हासिल किया।
- पायका प्रतियोगिता में लगातार पांच साल 2011 से 2016 से अंडर 16 में फुटबाल में प्रथम स्थान हासिल किया।