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Hisar News: फर्जी हस्ताक्षर व मोबाइल नंबर दर्ज कर किया सीएम विंडो पर शिकायत का निपटारा
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हांसी दस्तावेज दिखाते हुए शिकायतकर्ता रिटायर्ड फौजी रामसिंह।
हांसी। तहसील कार्यालय में सीएम विंडो पर शिकायत का निपटान कैसे होता है इसको लेकर एक अजीबोगरीब मामला देखने को मिला। शिकायतकर्ता के फर्जी हस्ताक्षर कर सीएम विंडो की शिकायत का निपटान कर दिया गया। मामले का खुलासा तब हुआ जब पोर्टल पर फाइनल रिपोर्ट अपलोड की गई। इस रिपोर्ट पर शिकायतकर्ता की जगह हस्ताक्षर व मोबाइल नंबर भी किसी अन्य के मिले।
मामला अनाज मंडी के समीप 48 वर्ग गज जमीन का है। गांव जमावड़ी निवासी सेवानिवृत्त फौजी रामसिंह ने गत नवंबर महीने में एक शिकायत सीएम विंडो पर दी थी। इसमें उन्होंने कहा था कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद अनाज मंडी के समीप 48 वर्ग गज जमीन अपनी पत्नी के नाम खरीदी थी। उन्होंने 1129/2 खसरा नंबर में 4 मरले में यह जमीन खरीदी थी। इसका इंतकाल वर्ष 2018 में मंजूर हुआ। जिसके बाद उन्होंने वहां पर अपनी दुकान बना ली। बाद में मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों ने उन्हें कहा कि यह सरकारी जमीन है। यहां से दुकान हटा लें। उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड के समक्ष सारे दस्तावेज पेश किए लेकिन वह नहीं माने। उन्होंने सितंबर 2023 में इस जमीन के संबंधित निशानदेही करने की शिकायत तहसीलदार को दी। तहसीलदार ने एक बार कानूनगो व दो बार सेवानिवृत्त कानूनगो को निशानदेही के लिए कहा। लेकिन कानूनगो ने निशानदेही नहीं की। बाद में उन्होंने सीएम विंडो में शिकायत की। उन्होंने शिकायत में मांग की कि उनके द्वारा खरीदी गई जमीन कहां पर है इस बारे में उन्हें बताया जाए। उन्हें अपनी जमीन के बारे में तो पता नहीं लगा, लेकिन सीएम विंडो पर कैसे मामले का निपटान किया जाता है इसका उन्हें पता लग गया।
शिकायतकर्ता रामसिंह का कहना है कि इस शिकायत पर 8 जनवरी 2024 को फाइनल रिपोर्ट बनाकर अपलोड कर दी गई। जबकि इसके लिए उन्हें तहसील कार्यालय में बुलाया ही नहीं गया। उन्होंने रिपोर्ट देखी तो उसमें दर्ज मोबाइल नंबर चानौत गांव के किसी व्यक्ति का मिला। इस व्यक्ति द्वारा फसल के मुआवजे से संबंधित शिकायत सीएम विंडो पर की गई थी। वहीं रिपोर्ट में शिकायतकर्ता की संतुष्टि कॉलम में किसी लीलूराम के हस्ताक्षर हुए मिले। वहीं शिकायत में लिखा गया कि जमीन की फील्ड रिपोर्ट के लिए चानौत के पटवारी व कानूनगो को लगाया गया। जबकि मामला हांसी से संबंधित था। इसमें शहर के किसी पटवारी व कानूनगो से फील्ड रिपोर्ट ली जानी थी। रिपोर्ट में 148 वर्ग गज का जिक्र किया गया जबकि मामला 48 वर्ग गज का था। वहीं रिपोर्ट में लिखा गया कि उन्हें फोन करके कार्यालय में बुलाया गया। रामसिंह का कहना है कि उनके पास इस संदर्भ में कोई फोन नहीं आया था। रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि सक्षम न्यायालय द्वारा तकसीम करवाया जाए। उनका कहना है कि मामले में उच्च अधिकारियों को गलत रिपोर्ट करके गुमराह किया जा रहा है।
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सीएम विंडो के इस मामले में हुई गलती की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा कुछ है तो शिकायतकर्ता मुझे आकर शिकायत दे सकते हैं। - नवजीत कौर बरार, तहसीलदार
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मामला अनाज मंडी के समीप 48 वर्ग गज जमीन का है। गांव जमावड़ी निवासी सेवानिवृत्त फौजी रामसिंह ने गत नवंबर महीने में एक शिकायत सीएम विंडो पर दी थी। इसमें उन्होंने कहा था कि सेना से सेवानिवृत्त होने के बाद अनाज मंडी के समीप 48 वर्ग गज जमीन अपनी पत्नी के नाम खरीदी थी। उन्होंने 1129/2 खसरा नंबर में 4 मरले में यह जमीन खरीदी थी। इसका इंतकाल वर्ष 2018 में मंजूर हुआ। जिसके बाद उन्होंने वहां पर अपनी दुकान बना ली। बाद में मार्केटिंग बोर्ड के अधिकारियों ने उन्हें कहा कि यह सरकारी जमीन है। यहां से दुकान हटा लें। उन्होंने मार्केटिंग बोर्ड के समक्ष सारे दस्तावेज पेश किए लेकिन वह नहीं माने। उन्होंने सितंबर 2023 में इस जमीन के संबंधित निशानदेही करने की शिकायत तहसीलदार को दी। तहसीलदार ने एक बार कानूनगो व दो बार सेवानिवृत्त कानूनगो को निशानदेही के लिए कहा। लेकिन कानूनगो ने निशानदेही नहीं की। बाद में उन्होंने सीएम विंडो में शिकायत की। उन्होंने शिकायत में मांग की कि उनके द्वारा खरीदी गई जमीन कहां पर है इस बारे में उन्हें बताया जाए। उन्हें अपनी जमीन के बारे में तो पता नहीं लगा, लेकिन सीएम विंडो पर कैसे मामले का निपटान किया जाता है इसका उन्हें पता लग गया।
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शिकायतकर्ता रामसिंह का कहना है कि इस शिकायत पर 8 जनवरी 2024 को फाइनल रिपोर्ट बनाकर अपलोड कर दी गई। जबकि इसके लिए उन्हें तहसील कार्यालय में बुलाया ही नहीं गया। उन्होंने रिपोर्ट देखी तो उसमें दर्ज मोबाइल नंबर चानौत गांव के किसी व्यक्ति का मिला। इस व्यक्ति द्वारा फसल के मुआवजे से संबंधित शिकायत सीएम विंडो पर की गई थी। वहीं रिपोर्ट में शिकायतकर्ता की संतुष्टि कॉलम में किसी लीलूराम के हस्ताक्षर हुए मिले। वहीं शिकायत में लिखा गया कि जमीन की फील्ड रिपोर्ट के लिए चानौत के पटवारी व कानूनगो को लगाया गया। जबकि मामला हांसी से संबंधित था। इसमें शहर के किसी पटवारी व कानूनगो से फील्ड रिपोर्ट ली जानी थी। रिपोर्ट में 148 वर्ग गज का जिक्र किया गया जबकि मामला 48 वर्ग गज का था। वहीं रिपोर्ट में लिखा गया कि उन्हें फोन करके कार्यालय में बुलाया गया। रामसिंह का कहना है कि उनके पास इस संदर्भ में कोई फोन नहीं आया था। रिपोर्ट में निष्कर्ष निकाला गया कि सक्षम न्यायालय द्वारा तकसीम करवाया जाए। उनका कहना है कि मामले में उच्च अधिकारियों को गलत रिपोर्ट करके गुमराह किया जा रहा है।
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सीएम विंडो के इस मामले में हुई गलती की जानकारी नहीं है। अगर ऐसा कुछ है तो शिकायतकर्ता मुझे आकर शिकायत दे सकते हैं। - नवजीत कौर बरार, तहसीलदार