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Hisar News: डिजिटल नवाचार से निखरेगी सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई

Thu, 10 Sep 2026 12:29 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार Updated Thu, 10 Sep 2026 12:29 AM IST
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Digital innovation will enhance the study of social sciences.
हिसार। स्कूलों में सामाजिक विज्ञान की पढ़ाई अब केवल अध्याय, तारीखें और नक्शे याद कराने तक सीमित नहीं रहेगी। विद्यार्थियों में विषय के प्रति रुचि बढ़ाने और कठिन अवधारणाओं को आसानी से समझाने के लिए राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान एवं प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने पहली बार सामाजिक विज्ञान शिक्षकों के लिए विशेष प्रमाणपत्र पाठ्यक्रम तैयार किया है।
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इसमें शिक्षकों को डिजिटल माध्यमों, गतिविधि आधारित शिक्षण और नवाचारपूर्ण तरीकों से पढ़ाने का प्रशिक्षण दिया जाएगा। 20 क्रेडिट के इस प्रमाणपत्र कार्यक्रम को चार मुख्य पाठ्यक्रमों में बांटा गया है। प्रत्येक पाठ्यक्रम पांच क्रेडिट का होगा। इसमें सामाजिक विज्ञान शिक्षा के बदलते स्वरूप, ज्ञान की संरचना, पाठ्यपुस्तकों में तस्वीरों का महत्व, डिजिटल सामग्री और मूल्यांकन की नई तकनीकों जैसे विषय शामिल हैं। शिक्षकों को केवल रटाने के बजाय डिजिटल सामग्री, वीडियो और ग्राफिक्स के माध्यम से समझाने पर जोर रहेगा।
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इतिहास में तारीखों और घटनाओं को केवल रटाने के बजाय डिजिटल सामग्री, वीडियो और ग्राफिक्स के माध्यम से समझाने पर जोर रहेगा। भूगोल में भी नक्शों को किताब तक सीमित रखने के बजाय डिजिटल माध्यमों से समझाने की तकनीक सिखाई जाएगी। प्रशिक्षण में नवाचार आधारित वर्कशीट और स्मार्ट प्रश्नपत्र तैयार करने पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा।
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तीन चरणों में पूरी होगी पढ़ाई :

पहला चरण सितंबर-अक्टूबर में पूरी तरह ऑनलाइन रहेगा। दूसरा चरण नवंबर-दिसंबर और तीसरा चरण जनवरी-फरवरी में ऑनलाइन कराया जाएगा। इस दौरान शिक्षकों को पाठ्य सामग्री तैयार करने और डिजिटल संसाधनों के प्रभावी इस्तेमाल का प्रशिक्षण मिलेगा। पाठ्यक्रम में निजी स्कूलों की पुस्तकों में मौजूद तथ्यात्मक और प्रस्तुतीकरण संबंधी कमियों को पहचानने तथा बेहतर अध्ययन सामग्री तैयार करने के पहलू भी शामिल किए गए हैं।


सरकारी और निजी स्कूलों के शिक्षक होंगे पात्र :

इस कार्यक्रम में सरकारी और निजी दोनों स्कूलों के शिक्षक शामिल हो सकेंगे। आवेदन के लिए सामाजिक विज्ञान में स्नातक या स्नातकोत्तर स्तर की पढ़ाई जरूरी है। स्कूल, कॉलेज या विश्वविद्यालय में सामाजिक विज्ञान पढ़ाने का कम से कम दो वर्ष का अनुभव होना चाहिए। सामाजिक विज्ञान के क्षेत्र में पांच वर्ष का अनुभव रखने वाले शिक्षक भी आवेदन कर सकेंगे। पाठ्यपुस्तक और अन्य अध्ययन सामग्री तैयार करने वाले लोगों के लिए भी यह प्रशिक्षण उपयोगी रहेगा। प्रशिक्षण प्राप्त पेशेवर सरकारी एजेंसियों और निजी प्रकाशन क्षेत्र के लिए डिजिटल सामग्री, वर्कशीट और अन्य शिक्षण संसाधन तैयार करने में योगदान दे सकेंगे।
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