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Hisar News: कुत्तों के हमले की झूठी कहानी गढ़ने वाला शिकायतकर्ता निकला कातिल, दो दोषी करार, सजा 4 फरवरी को
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हिसार। सेशन जज अलका मलिक की अदालत ने शनिवार को हांसी क्षेत्र के गांव पेटवाड़ में हुए हत्याकांड में बौकू मुखिया उर्फ जगनारायण और संजय मुखिया को हत्या का दोषी करार दिया। अदालत ने सजा पर फैसला सुनाने की तारीख 4 फरवरी तय की है। नारनौंद थाना पुलिस ने इस मामले में 16 जनवरी 2021 को धारा 302 सहित अन्य धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की थी।
शुरुआत में बिहार के मधुबन जिला निवासी बौकू मुखिया ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके चेचेरे भाई रोघी मुखिया की मौत आवारा कुत्तों के काटने से हुई। उसने बताया कि रोघी मुखिया पेटवाड़ निवासी बृजेश के खेत में बने कमरे में अकेला रहता था और दिन में मजदूरी करने के बाद वहीं सोता था।
शिकायतकर्ता ने कहा कि सुबह करीब सात बजे वह और साथी मौके पर पहुंचे तो रोघी मुखिया का शव कमरे के बाहर बरामदे में पड़ा था। शव की गर्दन और सिर की खोपड़ी क्षत-विक्षत थी, चारों ओर खून फैला हुआ था और जमीन पर कुत्तों के पैरों के निशान दिखाई दे रहे थे। हालांकि, पुलिस जांच में मामला पूरी तरह पलट गया। गहन जांच और साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि रोघी मुखिया की हत्या कुत्तों ने नहीं, बल्कि बौकू मुखिया और संजय मुखिया ने मिलकर की थी। हत्या को छिपाने के लिए घटना को आवारा कुत्तों के हमले का रूप दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया। शनिवार को अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों को दोषी ठहराया। अब 4 फरवरी को सजा का ऐलान किया जाएगा।
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शुरुआत में बिहार के मधुबन जिला निवासी बौकू मुखिया ने पुलिस को शिकायत दी थी कि उसके चेचेरे भाई रोघी मुखिया की मौत आवारा कुत्तों के काटने से हुई। उसने बताया कि रोघी मुखिया पेटवाड़ निवासी बृजेश के खेत में बने कमरे में अकेला रहता था और दिन में मजदूरी करने के बाद वहीं सोता था।
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शिकायतकर्ता ने कहा कि सुबह करीब सात बजे वह और साथी मौके पर पहुंचे तो रोघी मुखिया का शव कमरे के बाहर बरामदे में पड़ा था। शव की गर्दन और सिर की खोपड़ी क्षत-विक्षत थी, चारों ओर खून फैला हुआ था और जमीन पर कुत्तों के पैरों के निशान दिखाई दे रहे थे। हालांकि, पुलिस जांच में मामला पूरी तरह पलट गया। गहन जांच और साक्ष्यों के आधार पर पता चला कि रोघी मुखिया की हत्या कुत्तों ने नहीं, बल्कि बौकू मुखिया और संजय मुखिया ने मिलकर की थी। हत्या को छिपाने के लिए घटना को आवारा कुत्तों के हमले का रूप दिया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर अदालत में चालान पेश किया। शनिवार को अदालत ने सभी साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर दोनों को दोषी ठहराया। अब 4 फरवरी को सजा का ऐलान किया जाएगा।
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