हिसार HAU पहुंचे सीएम नायब सैनी: पुलिस ने लापता बेटी के पिता को मिलने से रोका, दंपती ने किया सुसाइड का प्रयास
बताया जा रहा है कि पिता पिछले कई दिनों से अपनी बेटी की गुमशुदगी को लेकर पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा था, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। निराश होकर उसने मुख्यमंत्री से सीधे न्याय की मांग करने का फैसला किया।
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हिसार में लापता बेटी की खोज में परेशान एक पिता ने गुरुवार को मुख्यमंत्री नायब सैनी से मिलने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस ने सीएम के पास जाने से रोका तो दंपती ने आत्मदाह करने का प्रयास किया। घटना उस समय हुई जब मुख्यमंत्री का काफिला हिसार दौरे पर था। पिता ने खुद पर पेट्रोल डालकर आत्महत्या करने की कोशिश की। लेकिन मौके पर मौजूद सुरक्षा कर्मियों ने उसे समय रहते रोक लिया।
बताया जा रहा है कि पिता पिछले कई दिनों से अपनी बेटी की गुमशुदगी को लेकर पुलिस और प्रशासन से मदद की गुहार लगा रहा था, लेकिन उसकी कोई सुनवाई नहीं हुई। निराश होकर उसने मुख्यमंत्री से सीधे न्याय की मांग करने का फैसला किया। घटना के बाद पुलिस ने पिता को हिरासत में ले लिया और मामले की जांच शुरू कर दी है।
गीता कॉलोनी निवासी सुनील कुमार के अनुसार 29 सितंबर को उसकी 16 साल की बेटी लापता है। आजाद नगर थाने में शिकायत देकर गुमशुदगी दर्ज करवा चुके हैं। उसने बताया कि वह गाड़ी चलाता था। बेटी नौवीं कक्षा तक पढ़ी है। बताया कि 29 सितंबर की सुबह 6 बजकर 10 मिनट पर वह घर से निकली थी।
बजट 2025 को लेकर किसानों ने सीएम को दिए सुझाव
सीएम नायब सिंह सैनी ने बजट 2025 के लिए प्री बजट चर्चा के दौरान किसानों से उनके सुझाव प्राप्त किए। इस बैठक में जिले भर के प्रगतिशील किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और सुझावों को सीएम के समक्ष रखा। किसानों ने प्राकृतिक खेती के उत्पादों की बिक्री के लिए विशेष बूथों की मांग की, ताकि वे अपने उत्पादों को सही मूल्य पर बेच सकें। इसके साथ ही, किसानों ने नहरी पानी के खालों को पक्का करने की आवश्यकता जताई, ताकि पानी की बर्बादी कम हो और पानी की बचत हो सके।
इसके अलावा, किसानों ने एक खेत से दूसरे खेत तक पानी के लिए अंडरग्राउंड पाइपलाइन बिछाने में सरकार से सहायता बढ़ाने की मांग की। वर्तमान में यह सहायता 50 हजार रुपये तक सीमित है, और किसानों का कहना है कि यह राशि प्रति एकड़ के हिसाब से बढ़ाई जानी चाहिए। बागवानी को बढ़ावा देने के लिए किसानों ने प्रत्येक जिले में उस जिले के उत्पादन के हिसाब से प्रोसेसिंग यूनिट लगाने की योजना प्रस्तुत की। इसके अलावा, उन्होंने मांग की कि प्राकृतिक खेती करने वाले किसानों को उनके उत्पादों के सही मूल्य मिलें, जिसके लिए अलग से अनाज मंडी में बूथ बनाने की आवश्यकता है।
किसानों ने बंजर भूमि पर सोलर पावर प्लांट लगाने के लिए सरकार की सहायता की मांग भी की और एक ही किसान को एक से अधिक सोलर ट्यूबवैल लगाने की अनुमति देने की बात सीएम के समक्ष रखी। साथ ही, किसानों ने खेती-बाड़ी के सामूहिक कार्यों को मनरेगा से जोड़ने की भी मांग की और सेमग्रस्त भूमि को सुधारने के लिए निजी भूमि में ट्यूबवैल लगाने का प्रस्ताव रखा।