फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   climbing on mountains

हिसार की बेटी रीना ने दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो की फतेह

Sat, 09 Nov 2019 12:54 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Sat, 09 Nov 2019 12:54 AM IST
विज्ञापन
climbing on mountains
किलिमंजारो पर फतेह करने वाली पर्वतारोही रीना भट्टी। - फोटो : Hisar
शहर के श्यामलाल बाग की बेटी रीना भट्टी ने दक्षिण अफ्रीका की सबसे ऊंची चोटी किलिमंजारो को फतेह किया है। रीना ने छह घंटे में यह चढ़ाई पूरी की। इस अभियान के दौरान रीना के साथ चार जर्मनी के पर्वतारोही भी थे। रीना के मुताबिक अब उसका लक्ष्य विश्व की सबसे ऊंची चोटी माउंट एवरेस्ट को फतेह करना है। बता दें कि किलिमंजारो की ऊंचाई 5895 मीटर (19341 फुट) है। यह दुनिया की सात सबसे ऊंची चोटियों में से एक है।
विज्ञापन

फिल्म से ली पर्वतारोही बनने की प्रेरणा
रीना ने बताया कि वह स्कूल के समय में कबड्डी खेलती थी। इस वजह से खेलों की तरफ उसका काफी रुझान था। शुरू में वह शौकिया तौर पर ट्रैकिंग पर जाती थी। इसी बीच उसने हॉलीवुड फिल्म एवरेस्ट देखी। वह इस फिल्म से काफी प्रभावित हुई। वह शुरू से जीवन में कुछ ऐसा करना चाहती थी, जिससे उसका व उसके परिवार का नाम रोशन हो सके। इस फिल्म के बाद उसे पर्वतारोही बनने की ठानी। परिवार वालों ने भी इस फैसले में उसका सहयोग किया। पहले उसने हिमाचल प्रदेश से पर्वतारोहण का बेसिक व एडवांस कोर्स किया। इसी बीच उसने हिमाचल प्रदेश में स्थित फ्रेंडशिप पीक (17,353 फुट) पर चढ़ाई की। इसके अलावा उसने इसी साल जनवरी-फरवरी में चादर ट्रैक पर ट्रैकिंग की। यह 65 किलोमीटर लंबा ट्रैक है और यहां का तापमान माइनस 30 डिग्री रहता है। बर्फ की 12 से 14 मीटर की परत यहां जमी रहती है।
विज्ञापन

किलिमंजारो पर चढ़ने का था सपना
रीना के मुताबिक जब से उसने पर्वतारोही बनने की ठानी, तब से उसका किलिमंजारो पर चढ़ाई करने का सपना था। रीना ने बताया कि उन्होंने पांच फरवरी की रात साढ़े 12 बजे चढ़ाई शुरू की थी और सुबह साढ़े बजे वह चोटी पर पहुंच गए थे। चढ़ाई के दौरान यहां का तापमान माइनस 10 डिग्री सेल्सियस था और ऊंचाई के साथ हवा की गति बढ़ती जा रही थी। आक्सीजन की कमी के कारण सांस लेने में परेशानी और सिर में दर्द होना आदि तकलीफों का सामना करना पड़ा। मगर उसने हिम्मत नहीं हारी। रीना के पिता बलवान सिंह की ऑटो मार्केट में वर्कशॉप है और मां बाला देवी एक गृहिणी है। रीना एक प्राइवेट कंपनी में नौकरी करती है। रीना ने बताया कि अब उसका लक्ष्य माउंट एवरेस्ट की चोटी पर झंडा फहराना है।
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed