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जिला अस्पताल में होने लगे दूरबीन से बच्चेदानी के ऑपरेशन
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कुलदीप जांगड़ा
हिसार। नागरिक अस्पताल में महिलाओं के लिए दूरबीन से बच्चेदानी के ऑपरेशन की सुविधा सुचारु हो गई है। इसका फायदा हिसार ही नहीं आसपास के जिले की महिलाओं को भी मिलेगा। आसपास के किसी भी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। जिला अस्पताल में यह ऑपरेशन निशुल्क होगा। महिलाओं को ट्यूब खुली या बंद होने व अंडेदानी में संक्रमण का भी दूरबीन से इलाज हो सकेगा। महिलाओं की रोहतक पीजीआई जाने की मजबूरी खत्म होगी। अब तक 15 से 20 ऑपरेशन किए जा चुके हैं।
इस साल के मार्च माह की शुरुआत में जिला अस्पताल में पहली बार दूरबीन से बच्चेदानी के ऑपरेशन शुरू हुए थे। महामारी के चलते बंद हो गए थे। कुछ उपकरण आना भी बाकी थे। उस दौरान महिला चिकित्सकों ने बाहर से उपकरण लेकर ऑपरेशन की शुरुआत तो कर दी थी। इस व्यवस्था को पूरी तरह से शुरू नहीं कर पाए थे। अब अस्पताल में सरकार से उपकरण आ गए हैं। जिसमें लिजास्यॉर, हारमोनिक स्कालपल सहित अन्य उपकरण भेजे गए हैं। जिनसे हर किसी ऑपरेशन में आसानी मिलेगी। जिला अस्पताल में दूरबीन से ऑपरेशन संबंधित जेनरेटर युक्त मशीन एवं उपकरणों का एक सेटअप है। जिसकी लागत 20 से 22 लाख के आसपास है। इस तरह का सेटअप रोहतक पीजीआई और मेडिकल कॉलेज व पंचकूला के अलावा कहीं पर भी नहीं है। (संवाद)
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ये होंगे फायदे
- इस विधि से ऑपरेशन करने पर चीरा कम लगता है, ब्लीडिंग कम होती है।
- मरीज जल्दी रिकवरी करता है।
- ऑपरेशन के बाद एक या दो दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है।
- संक्रमण या हार्निया का कम खतरा रहता है।
- मरीज को दर्द भी कम होता है।
ये चिकित्सक बधाई के पात्र
जिला अस्पताल के प्रसूति विभाग की महिला चिकित्सक डॉ. मनीषा शर्मा, डॉ. शीतल वर्मा, डॉ. मीना मलिक ने इसकी शुरूआत की है। साथ ही एनेस्थीसिया व सर्जन में वरिष्ठ विशेषज्ञ के तौर पर डॉ. विनोद तरड़, डॉ. राजीव डाबला एवं डॉ. कर्मवीर की टीम का भी योगदान है। इसके अलावा सर्जन और स्पेशलिस्ट डॉ. पोस्टमार्टम ड्यूटी भी दे रहे है।
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निजी अस्पताल में लगते हैं 40 से 50 हजार रुपये
सर्जन डॉ. विनोद तरड़ के अनुसार इस तरह के दूरबीन का निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवाने पर मरीजों करीब 40 से 50 हजार रुपये चुकाने पड़ते है। मगर जिला अस्पताल में यह सुविधा निशुल्क मिलेगी।
इन जिलों के मरीज ले सकेंगे फायदा
जिला अस्पताल में शुरू हुई इस सुविधा का लाभ हिसार के अलावा फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, जींद सहित अन्य आसपास जिलों के मरीज भी ले सकेंगे।
इसलिए जरूरी है दूरबीन इलाज
महिला चिकित्सक डॉ. मनीषा शर्मा ने बताया कि जिस महिला का दवा आदि से लंबे समय तक उपचार चलने के बाद भी रक्तस्त्राव यानी महावारी और संक्रमण खत्म नहीं होता है। ऐसे में उनकी बच्चेदानी निकालनी पड़ती है। इसके लिए दूरबीन ही एक बेहतर उपाय है। किसी महिला की बच्चेदानी की ट्यूब बंद हो गई हो, जिस कारण उसे बच्चे न हो रहे या अंदर संक्रमण फैल गया हो। उनकी दूरबीन से जांच कर पता लगाया जा सकेगा।
वर्जन
हमारे पास गायनी चिकित्सकों एवं सर्जन की अच्छी टीम है, जो इस समय बेहतर काम कर रही है। अब ऑपरेशन से संबंधित पूरा सेटअप और मशीन भी आ गई है। इसलिए फिर से दूरबीन से बच्चेदानी के ऑपरेशन शुरू हो गए है। प्रयास है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को हर संभव सुविधा मिले।
- डॉ. गोविंद गुप्ता, पीएमओ, नागरिक अस्पताल, हिसार।
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हिसार। नागरिक अस्पताल में महिलाओं के लिए दूरबीन से बच्चेदानी के ऑपरेशन की सुविधा सुचारु हो गई है। इसका फायदा हिसार ही नहीं आसपास के जिले की महिलाओं को भी मिलेगा। आसपास के किसी भी सरकारी अस्पताल में उपलब्ध नहीं है। जिला अस्पताल में यह ऑपरेशन निशुल्क होगा। महिलाओं को ट्यूब खुली या बंद होने व अंडेदानी में संक्रमण का भी दूरबीन से इलाज हो सकेगा। महिलाओं की रोहतक पीजीआई जाने की मजबूरी खत्म होगी। अब तक 15 से 20 ऑपरेशन किए जा चुके हैं।
इस साल के मार्च माह की शुरुआत में जिला अस्पताल में पहली बार दूरबीन से बच्चेदानी के ऑपरेशन शुरू हुए थे। महामारी के चलते बंद हो गए थे। कुछ उपकरण आना भी बाकी थे। उस दौरान महिला चिकित्सकों ने बाहर से उपकरण लेकर ऑपरेशन की शुरुआत तो कर दी थी। इस व्यवस्था को पूरी तरह से शुरू नहीं कर पाए थे। अब अस्पताल में सरकार से उपकरण आ गए हैं। जिसमें लिजास्यॉर, हारमोनिक स्कालपल सहित अन्य उपकरण भेजे गए हैं। जिनसे हर किसी ऑपरेशन में आसानी मिलेगी। जिला अस्पताल में दूरबीन से ऑपरेशन संबंधित जेनरेटर युक्त मशीन एवं उपकरणों का एक सेटअप है। जिसकी लागत 20 से 22 लाख के आसपास है। इस तरह का सेटअप रोहतक पीजीआई और मेडिकल कॉलेज व पंचकूला के अलावा कहीं पर भी नहीं है। (संवाद)
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ये होंगे फायदे
- इस विधि से ऑपरेशन करने पर चीरा कम लगता है, ब्लीडिंग कम होती है।
- मरीज जल्दी रिकवरी करता है।
- ऑपरेशन के बाद एक या दो दिन में अस्पताल से छुट्टी मिल जाती है।
- संक्रमण या हार्निया का कम खतरा रहता है।
- मरीज को दर्द भी कम होता है।
ये चिकित्सक बधाई के पात्र
जिला अस्पताल के प्रसूति विभाग की महिला चिकित्सक डॉ. मनीषा शर्मा, डॉ. शीतल वर्मा, डॉ. मीना मलिक ने इसकी शुरूआत की है। साथ ही एनेस्थीसिया व सर्जन में वरिष्ठ विशेषज्ञ के तौर पर डॉ. विनोद तरड़, डॉ. राजीव डाबला एवं डॉ. कर्मवीर की टीम का भी योगदान है। इसके अलावा सर्जन और स्पेशलिस्ट डॉ. पोस्टमार्टम ड्यूटी भी दे रहे है।
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निजी अस्पताल में लगते हैं 40 से 50 हजार रुपये
सर्जन डॉ. विनोद तरड़ के अनुसार इस तरह के दूरबीन का निजी अस्पताल में ऑपरेशन करवाने पर मरीजों करीब 40 से 50 हजार रुपये चुकाने पड़ते है। मगर जिला अस्पताल में यह सुविधा निशुल्क मिलेगी।
इन जिलों के मरीज ले सकेंगे फायदा
जिला अस्पताल में शुरू हुई इस सुविधा का लाभ हिसार के अलावा फतेहाबाद, सिरसा, भिवानी, चरखी दादरी, जींद सहित अन्य आसपास जिलों के मरीज भी ले सकेंगे।
इसलिए जरूरी है दूरबीन इलाज
महिला चिकित्सक डॉ. मनीषा शर्मा ने बताया कि जिस महिला का दवा आदि से लंबे समय तक उपचार चलने के बाद भी रक्तस्त्राव यानी महावारी और संक्रमण खत्म नहीं होता है। ऐसे में उनकी बच्चेदानी निकालनी पड़ती है। इसके लिए दूरबीन ही एक बेहतर उपाय है। किसी महिला की बच्चेदानी की ट्यूब बंद हो गई हो, जिस कारण उसे बच्चे न हो रहे या अंदर संक्रमण फैल गया हो। उनकी दूरबीन से जांच कर पता लगाया जा सकेगा।
वर्जन
हमारे पास गायनी चिकित्सकों एवं सर्जन की अच्छी टीम है, जो इस समय बेहतर काम कर रही है। अब ऑपरेशन से संबंधित पूरा सेटअप और मशीन भी आ गई है। इसलिए फिर से दूरबीन से बच्चेदानी के ऑपरेशन शुरू हो गए है। प्रयास है कि अस्पताल में आने वाले मरीजों को हर संभव सुविधा मिले।
- डॉ. गोविंद गुप्ता, पीएमओ, नागरिक अस्पताल, हिसार।