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एनएचएम कर्मीहड़ताल पर, सीएमओ दफ्तर पर दिया धरना
अमर उजाला ब्यूरो/हिसार
Updated Wed, 26 Oct 2016 12:23 AM IST
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civil hospital
- फोटो : Bureau
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स्वास्थ्य मंत्री की हड़ताल पर जाने पर बर्खास्तगी की चेतावनी के बावजूद नेशनल हेल्थ मिशन (एनएचएम) के कर्मी अपनी मांगों को लेकर मंगलवार को बेमियादी हड़ताल पर चले गए। नागरिक अस्पताल परिसर में सीएमओ ऑफिस के सामने धरना शुरू कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं को पटरी पर रखने के लिए पक्के स्टाफ की छुट्टियों पर रोक लगा दी है।
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मंगलवार की दोपहर हड़ताल पर गए सभी कर्मचारियों को बर्खास्तगी के आदेश आए। कुछ देर बाद ही दूसरे आदेश आ गए, जिसमें कर्मचारियों पर अनुशासनात्मक कार्यवाही के आदेश आ गए। देर रात तक कर्मचारियों की बर्खास्तगी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं हो सकी। कर्मचारियों ने बताया कि उन्हें अब तक किसी तरह के लिखित आदेश नहीं मिले हैं। मांगों को लेकर बुधवार को भी हड़ताल जारी रखेंगे।
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जिला में एनएचएम के तहत अलग-अलग कैटेगरी के 752 कर्मी कार्यरत हैं। एसोसिएशन के अनुसार स्वास्थ्य विभाग ने हड़ताली कर्मियों को टर्मिनेट कर दिया है। एनएचएम एसोसिएशन ने 500 से ज्यादा कर्मियों के हड़ताल पर जाने का दावा किया है। सीएमओ का कहना है कि विभाग ने अनुशासनात्मक कार्रवाई के आदेश दिए हैं।
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एनएचएम कर्मियों ने पक्का करने और समान काम समान वेतन की मांग को लेकर प्रदेश के हर जिला मुख्यालय पर हड़ताल कर धरना देने का एलान किया था। राज्य में ऐसे 12 हजार कर्मचारी लगे हैं। जिला में लगे काफी एनएचएम कर्मी मंगलवार को ड्यूटी का बहिष्कार कर हड़ताल पर चले गए। सरकारी अस्पताल में सीएमओ दफ्तर के सामने धरना शुरू कर दिया। हड़ताली कर्मियों ने प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। वक्ताओं के निशाने पर ज्यादातर मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और स्वास्थ्य मंत्री अनिल विज रहे। धरनास्थल पर रांड्यां की सरकार मुर्दाबाद का नारा चर्चा का विषय रहा। एनएचएम कर्मी एसोसिएशन के जिला प्रधान सुनील कुमार और सचिव प्रदीप कुमार ने बताया कि एनएचएम के तहत स्वास्थ्य विभाग में कुछ कर्मी 20 साल से भी लगे हैं। सरकार इन कर्मियों को पक्का नहीं कर रही है। उनको महंगाई के इस दौर में वेतन काफी कम मिलता है। सरकार को तुरंत प्रभाव से हड़ताली कर्मियों की मांगें मान लेनी चाहिए।
उन्होंने हड़ताली कर्मियों को संबोधित करते हुए कहा कि एनएचएम एमडी ने उनकी बर्खास्तगी के आदेश सीएमओ ऑफिस में भेजे हैं। एक वक्ता ने कहा कि वे बर्खास्तगी के आदेश आने से मायूस न हों और हौसले के साथ सरकार के खिलाफ आंदोलन करें।
एनएचएम के तहत लगे हैं कई कैटेगरी के कर्मी
एनएचएम के तहत स्वास्थ्य विभाग में जिला में 752 कर्मचारी लगे हैं। इनमें डॉक्टर, स्टाफ नर्स, फार्मासिस्ट, लैब टेक्नीशियन, सूचना सहायक, लेखा सहायक, कंप्यूटर ऑपरेटर, इएमटी, ड्राइवर और अन्य श्रेणी के कर्मचारी लगे हैं। एनएचएम के तहत लगे इन कर्मियों की ड्यूटी में प्रभावी भागेदारी है।
ये काम हुए प्रभावित
एनएचएम कर्मियों के बेमियादी हड़ताल पर जाने से सरकारी अस्पताल में काम प्रभावित हो गया है। लैब में यूरिन, ब्लड, शुगर जांच, ऑनलाइन पोर्टल सेवा, डिलीवरी, टीकाकरण का काम प्रभावित हुआ है। एनएचएम के एंबुलेंस चालक भी हड़ताल में शामिल हैं। अर्बन हेल्थ सेंटर में ज्यादा काम प्रभावित हुआ।
सीएमओ बोले
सिविल सर्जन डॉ. जेएस ग्रेवाल ने बताया कि एनएचएम के तहत लगे कर्मियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई करने के आदेश प्रदेश मुख्यालय से आए हैं। टर्मिनेशन के आदेश आए थे, कुछ देर बाद दूसरे आदेश आ गए। एनएचएम कर्मियों के हड़ताल पर जाने से कर्मियों की छुट्टियों पर रोक लगा दी है। ताकि कामकाज प्रभावित न हो।