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40 से 50 साल की उम्र की महिलाओं में बढ़ रहा सर्वाइकल कैंसर
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कुलदीप जांगड़ा
हिसार। शहर के नागरिक अस्पताल में हर महीने करीब 90 महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए आ रही हैं। छंटनी करने पर जांच में करीब 16 महिलाओं में कैंसर के अंश मिल रहे हैं, जिसमें 4 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की शिकायत है। सर्वाइकल कैंसर के विकसित होने की सर्वाधिक संभावना 40 से 50 वर्ष की उम्र में होती है। अब तक दो महिलाओं का ऑपरेशन किया जा चुका हैं जबकि दो महिलाओं को रेडियोथेरेपी के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है।
सर्वाइकल कैंसर गंभीर बीमारी है। इसलिए प्रत्येक महिलाएं इसके प्रति सतर्क रहें और समय पर जांच करवाएं। रोजाना अस्पताल में 3 से 4 महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए अस्पताल आ रही हैं। कुछ महिलाएं समय पर अस्पताल पहुंच जाती है और कुछ देरी से आती हैं। देरी होने के कारण सर्वाइकल कैंसर चौथी स्टेज में पहुंच जाती है। ऐसे में महिलाओं की बच्चादानी निकालनी पड़ती है। यदि शुरुआत में ही इस बीमारी का पता चल जाए तो समय पर इलाज से इसे फैलने से रोका जा सकता है।
21 साल से अधिक आयु की महिलाओं को टेस्ट करवाना जरूरी
चिकित्सकों के मुताबिक 21 साल से ऊपर की महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए टेस्ट कराने चाहिए। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर दो या तीन साल के अंतराल में करा लें। इन टेस्ट की सुविधा जिला अस्पताल में उपलब्ध हैं। 15 साल से कम उम्र की लड़कियों को वैक्सीन लगवानी चाहिए, जो सर्वाइकल कैंसर से बचाव करती हैं।
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इनसे हो सकता हैं खतरा
- जिन महिलाओं को महावारी के समय बीच में ही ब्लीडिंग होना या दिक्कत होना।
- संभोग या सेक्स करते समय ब्लीडिंग या गंदा पानी आना।
- दंपती का एक से दूसरे के अलावा शारीरिक संबंध बनाना।
- साफ-सफाई न होना।
- उम्र से पहले या जल्दी शादी होना।
- ज्यादा बच्चे होने पर।
यह ध्यान रखें
- शाकाहारी एवं संतुलित भोजन करें।
- साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- खासतौर पर महावारी के समय ध्यान रखने की जरूरत है।
सर्वाइकल कमरे में देखी जा रही ओपीडी
अब नागरिक अस्पताल में गायनी ओपीडी के कमरे का भी निर्माण कार्य चल रहा है, जिस कारण सर्वाइकल कमरे में ही ओपीडी सेवाएं चल रही हैं। इससे संबंधित अस्पताल में जांच की सभी सुविधाएं उपलब्ध है। ऑपरेशन भी किया जा सकता है, मगर रेडियोथेरेपी के लिए रोहतक पीजीआई जाना पड़ता है।
हमारे पास आधुनिक तकनीक की कोलपोस्कॉपी मशीन है। इससे सही तरह और आसानी से बच्चादानी की जांच की सकती है। यह भी पता चल सकता है कि इस महिला को भविष्य सर्वाइकल कैंसर की शिकायत हो सकती है। इसलिए समय पर जांच करने से इस बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है। उसका उपचार समय पर ही शुरू कर दिया जाता है और बर्फ का सेक किया जाता है। यह सुविधा अस्पताल में है।
- डॉ. मनीषा शर्मा, महिला चिकित्सक
हर महीने में 3 से 4 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की शिकायत मिल रही है। अब दो महिलाओं को रेडियोथेरेपी के लिए रोहतक पीजीआई भेजा गया है और दो महिलाओं का ऑपरेशन किया गया है। सर्वाइकल कैंसर के प्रति महिलाएं सतर्कता बरतें और दिक्कत हो तो समय पर जांच करवाएं। - डॉ. मीना मलिक, प्रसूति रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, हिसार
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हिसार। शहर के नागरिक अस्पताल में हर महीने करीब 90 महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए आ रही हैं। छंटनी करने पर जांच में करीब 16 महिलाओं में कैंसर के अंश मिल रहे हैं, जिसमें 4 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की शिकायत है। सर्वाइकल कैंसर के विकसित होने की सर्वाधिक संभावना 40 से 50 वर्ष की उम्र में होती है। अब तक दो महिलाओं का ऑपरेशन किया जा चुका हैं जबकि दो महिलाओं को रेडियोथेरेपी के लिए रोहतक पीजीआई रेफर किया गया है।
सर्वाइकल कैंसर गंभीर बीमारी है। इसलिए प्रत्येक महिलाएं इसके प्रति सतर्क रहें और समय पर जांच करवाएं। रोजाना अस्पताल में 3 से 4 महिलाएं सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए अस्पताल आ रही हैं। कुछ महिलाएं समय पर अस्पताल पहुंच जाती है और कुछ देरी से आती हैं। देरी होने के कारण सर्वाइकल कैंसर चौथी स्टेज में पहुंच जाती है। ऐसे में महिलाओं की बच्चादानी निकालनी पड़ती है। यदि शुरुआत में ही इस बीमारी का पता चल जाए तो समय पर इलाज से इसे फैलने से रोका जा सकता है।
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21 साल से अधिक आयु की महिलाओं को टेस्ट करवाना जरूरी
चिकित्सकों के मुताबिक 21 साल से ऊपर की महिलाओं को सर्वाइकल कैंसर की जांच के लिए टेस्ट कराने चाहिए। इसके बाद रिपोर्ट के आधार पर दो या तीन साल के अंतराल में करा लें। इन टेस्ट की सुविधा जिला अस्पताल में उपलब्ध हैं। 15 साल से कम उम्र की लड़कियों को वैक्सीन लगवानी चाहिए, जो सर्वाइकल कैंसर से बचाव करती हैं।
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इनसे हो सकता हैं खतरा
- जिन महिलाओं को महावारी के समय बीच में ही ब्लीडिंग होना या दिक्कत होना।
- संभोग या सेक्स करते समय ब्लीडिंग या गंदा पानी आना।
- दंपती का एक से दूसरे के अलावा शारीरिक संबंध बनाना।
- साफ-सफाई न होना।
- उम्र से पहले या जल्दी शादी होना।
- ज्यादा बच्चे होने पर।
यह ध्यान रखें
- शाकाहारी एवं संतुलित भोजन करें।
- साफ-सफाई का ध्यान रखें।
- खासतौर पर महावारी के समय ध्यान रखने की जरूरत है।
सर्वाइकल कमरे में देखी जा रही ओपीडी
अब नागरिक अस्पताल में गायनी ओपीडी के कमरे का भी निर्माण कार्य चल रहा है, जिस कारण सर्वाइकल कमरे में ही ओपीडी सेवाएं चल रही हैं। इससे संबंधित अस्पताल में जांच की सभी सुविधाएं उपलब्ध है। ऑपरेशन भी किया जा सकता है, मगर रेडियोथेरेपी के लिए रोहतक पीजीआई जाना पड़ता है।
हमारे पास आधुनिक तकनीक की कोलपोस्कॉपी मशीन है। इससे सही तरह और आसानी से बच्चादानी की जांच की सकती है। यह भी पता चल सकता है कि इस महिला को भविष्य सर्वाइकल कैंसर की शिकायत हो सकती है। इसलिए समय पर जांच करने से इस बीमारी को फैलने से रोका जा सकता है। उसका उपचार समय पर ही शुरू कर दिया जाता है और बर्फ का सेक किया जाता है। यह सुविधा अस्पताल में है।
- डॉ. मनीषा शर्मा, महिला चिकित्सक
हर महीने में 3 से 4 महिलाओं में सर्वाइकल कैंसर की शिकायत मिल रही है। अब दो महिलाओं को रेडियोथेरेपी के लिए रोहतक पीजीआई भेजा गया है और दो महिलाओं का ऑपरेशन किया गया है। सर्वाइकल कैंसर के प्रति महिलाएं सतर्कता बरतें और दिक्कत हो तो समय पर जांच करवाएं। - डॉ. मीना मलिक, प्रसूति रोग विशेषज्ञ, नागरिक अस्पताल, हिसार