{"_id":"143553591b41128ac86ed08a9d131d0c","slug":"cause-notice-to-sarpanch-in-record-burn","type":"story","status":"publish","title_hn":"हरियाणा की सर्वश्रेष्ठ पंचायत कालुआना फिर विवादों में","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
हरियाणा की सर्वश्रेष्ठ पंचायत कालुआना फिर विवादों में
डबवाली (सिरसा)/ब्यूरो
Updated Thu, 28 Nov 2013 07:24 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मनरेगा और स्वच्छता के मामले में प्रदेश की सर्वश्रेष्ठ पंचायत कालुआना एक बार फिर विवादों में घिर गई है। पंचायत का रिकार्ड जलने के मामले में तीन जांच अधिकारियों ने अपनी जांच रिपोर्ट में सरपंच को दोषी माना है। रिपोर्ट के आधार पर उपायुक्त ने सरपंच को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं सरपंच ने पूरे मामले को राजनीति से प्रेरित बता रहे हैं।
गांव अबूबशहर-गंगा लिंक रोड पर 30 जून 2011 को गांव कालुआना के सरपंच जगदेव सहारण की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना में पंचायत का रिकार्ड बुरी तरह से जल गया। मामला संदिग्ध होने के कारण जांच शुरू हुई। प्रारंभिक जांच खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सतेंद्र सिवाच ने की।
बाद में तत्कालीन उपमंडलाधीश सुभाष श्योराण ने जांच कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी। मामले की तीसरी जांच अतिरिक्त उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा ने की। रिपोर्ट को आवश्यक कार्रवाई के लिए उपायुक्त को भेजा गया। रिपोर्ट के आधार पर ही उपयुक्त ने गांव कालूआना के सरपंच जगदेव सहारण को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
क्या कहा गया है रिपोर्ट में
अतिरिक्त उपायुक्त ने रिपोर्ट में कहा है कि गांव कालुआना निवासी विजेंद्र सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत पंचायत से अप्रैल 2005 से मार्च 2011 तक गांव में हुए विकास कार्यों का रिकार्ड मांगा था।
30 जून 2011 को सरपंच ने रिकार्ड को फोटो स्टेट करवाने के लिए अपने भतीजे लीलाधर पुत्र घीसाराम निवासी कालुआना और रोजगार सहायक प्रेमकुमार को अपनी कार से डबवाली भेजा था जो संदेहजनक प्रतीत होता है। चूंकि गांव कालुआना और उसके आसपास गांव गोरीवाला, बिज्जूवाली आदि में भी फोटोस्टेट की मशीन है। यह गांव लगभग 10-12 किलोमीटर की दूरी पर हैं जबकि डबवाली की दूरी करीब 30-32 किलोमीटर है।
रिकॉर्ड की फोटो स्टेट करवाने के बाद चालक कार को डबवाली से ऐलनाबाद मुख्य रोड की अपेक्षा लिंक रोड डबवाली से गांव गंगा की ओर ले गया। वाया अबूबशहर होकर जाना भी संदेहजनक है। चूंकि अबूबशहर से गंगा लिंक रोड बिल्कुल सुनसान रोड है। इस रोड पर रात के समय ट्रैफिक नहीं होता।
गैस किट नहीं है पंजीकृत
पुलिस ने अपनी रिपोर्ट नंबर 11 (30 जून 2011) की तफ्तीश में दुर्घटनाग्रस्त कार में गैस किट लगी बताई है। जबकि उक्त कार की पंजीकृत प्रमाण पत्र का अवलोकन करने से पाया गया है कि कार में गैस किट पंजीकृत नहीं है।
कार में सवार सरपंच के भतीजे लीलाधर और रोजगार सहायक प्रेम कुमार को दुर्घटना के समय चोट न आने से यह साफ होता है कि 30 जून 2011 को गांव गंगा के पास अबूबशहर-गंगा लिंक रोड पर जन सूचना अधिकार अधिनियम से वांछित ग्राम पंचायत कालुआना के रिकॉर्ड को जलाने के उद्देश्य से दुर्घटना की गई है और कार में आग लगाई गई है।
उपायुक्त ने सरपंच को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस में गबन के एक मामले का भी जिक्र किया है। पत्र के अनुसार खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी डबवाली की जांच में पंचायत को 99 हजार रुपये गबन करने का आरोपी बनाया गया है।
विज्ञापन
गांव अबूबशहर-गंगा लिंक रोड पर 30 जून 2011 को गांव कालुआना के सरपंच जगदेव सहारण की कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। दुर्घटना में पंचायत का रिकार्ड बुरी तरह से जल गया। मामला संदिग्ध होने के कारण जांच शुरू हुई। प्रारंभिक जांच खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी सतेंद्र सिवाच ने की।
विज्ञापन
बाद में तत्कालीन उपमंडलाधीश सुभाष श्योराण ने जांच कर रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपी। मामले की तीसरी जांच अतिरिक्त उपायुक्त शिवप्रसाद शर्मा ने की। रिपोर्ट को आवश्यक कार्रवाई के लिए उपायुक्त को भेजा गया। रिपोर्ट के आधार पर ही उपयुक्त ने गांव कालूआना के सरपंच जगदेव सहारण को कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
विज्ञापन
क्या कहा गया है रिपोर्ट में
अतिरिक्त उपायुक्त ने रिपोर्ट में कहा है कि गांव कालुआना निवासी विजेंद्र सिंह ने सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत पंचायत से अप्रैल 2005 से मार्च 2011 तक गांव में हुए विकास कार्यों का रिकार्ड मांगा था।
30 जून 2011 को सरपंच ने रिकार्ड को फोटो स्टेट करवाने के लिए अपने भतीजे लीलाधर पुत्र घीसाराम निवासी कालुआना और रोजगार सहायक प्रेमकुमार को अपनी कार से डबवाली भेजा था जो संदेहजनक प्रतीत होता है। चूंकि गांव कालुआना और उसके आसपास गांव गोरीवाला, बिज्जूवाली आदि में भी फोटोस्टेट की मशीन है। यह गांव लगभग 10-12 किलोमीटर की दूरी पर हैं जबकि डबवाली की दूरी करीब 30-32 किलोमीटर है।
रिकॉर्ड की फोटो स्टेट करवाने के बाद चालक कार को डबवाली से ऐलनाबाद मुख्य रोड की अपेक्षा लिंक रोड डबवाली से गांव गंगा की ओर ले गया। वाया अबूबशहर होकर जाना भी संदेहजनक है। चूंकि अबूबशहर से गंगा लिंक रोड बिल्कुल सुनसान रोड है। इस रोड पर रात के समय ट्रैफिक नहीं होता।
गैस किट नहीं है पंजीकृत
पुलिस ने अपनी रिपोर्ट नंबर 11 (30 जून 2011) की तफ्तीश में दुर्घटनाग्रस्त कार में गैस किट लगी बताई है। जबकि उक्त कार की पंजीकृत प्रमाण पत्र का अवलोकन करने से पाया गया है कि कार में गैस किट पंजीकृत नहीं है।
कार में सवार सरपंच के भतीजे लीलाधर और रोजगार सहायक प्रेम कुमार को दुर्घटना के समय चोट न आने से यह साफ होता है कि 30 जून 2011 को गांव गंगा के पास अबूबशहर-गंगा लिंक रोड पर जन सूचना अधिकार अधिनियम से वांछित ग्राम पंचायत कालुआना के रिकॉर्ड को जलाने के उद्देश्य से दुर्घटना की गई है और कार में आग लगाई गई है।
उपायुक्त ने सरपंच को जारी किए गए कारण बताओ नोटिस में गबन के एक मामले का भी जिक्र किया है। पत्र के अनुसार खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी डबवाली की जांच में पंचायत को 99 हजार रुपये गबन करने का आरोपी बनाया गया है।