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Hisar News: पराली जलाने पर किसान के खिलाफ केस दर्ज
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नारनौंद। धान कटाई के बाद खेतों में पराली जलाने पर प्रशासन सख्त निगरानी और कार्रवाई कर रहा है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2013 के तहत 14 अक्तूबर से जिले में फसल अवशेष जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध लागू है। 11 नवंबर को सैटेलाइट के माध्यम से प्राप्त जीपीएस लोकेशन पर पराली जलाने की घटना की पुष्टि होने पर नारनौंद क्षेत्र के एक किसान के खिलाफ पुलिस ने केस दर्ज किया है।
सूचना मिलते ही राजस्व विभाग के पटवारी, कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षक अनिल कुमार, पंचायती राज विभाग के ग्राम सचिव सहित गांव के नंबरदार की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण में पाया गया कि गांव मिलकपुर निवासी राजबीर ने अपने खेत में पराली जलाई थी।
जांच में क्षेत्र का रकबा 8 कनाल (मुरब्बा/किला नंबर 4//25) पाया गया, जहां फसल अवशेष पूरी तरह जल चुके थे। पराली जलाना भारतीय न्याय संहिता और वायु प्रदूषण (नियंत्रण एवं निवारण) अधिनियम 1981 का स्पष्ट उल्लंघन माना जाता है। इससे वायु गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए खतरा बढ़ता है। रिपोर्ट के आधार पर थाना नारनौंद में बीएनएस और प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।
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सूचना मिलते ही राजस्व विभाग के पटवारी, कृषि विभाग के कृषि पर्यवेक्षक अनिल कुमार, पंचायती राज विभाग के ग्राम सचिव सहित गांव के नंबरदार की संयुक्त टीम मौके पर पहुंची। निरीक्षण में पाया गया कि गांव मिलकपुर निवासी राजबीर ने अपने खेत में पराली जलाई थी।
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जांच में क्षेत्र का रकबा 8 कनाल (मुरब्बा/किला नंबर 4//25) पाया गया, जहां फसल अवशेष पूरी तरह जल चुके थे। पराली जलाना भारतीय न्याय संहिता और वायु प्रदूषण (नियंत्रण एवं निवारण) अधिनियम 1981 का स्पष्ट उल्लंघन माना जाता है। इससे वायु गुणवत्ता पर गंभीर प्रभाव पड़ता है। स्वास्थ्य और पर्यावरण दोनों के लिए खतरा बढ़ता है। रिपोर्ट के आधार पर थाना नारनौंद में बीएनएस और प्रदूषण नियंत्रण अधिनियम के तहत दर्ज किया गया है।
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