{"_id":"69ee59797003e75f4a05e6b7","slug":"cache-of-narcotic-pills-seized-in-adampur-hisar-news-c-21-1-noi1022-857809-2026-04-26","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: आदमपुर में नशे की गोलियों का जखीरा पकड़ा, बिना लाइसेंस बेच रहा था युवक","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: आदमपुर में नशे की गोलियों का जखीरा पकड़ा, बिना लाइसेंस बेच रहा था युवक
विज्ञापन
आदमपुर में नशे की गोलियों का जखीरा पकड़ा।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिसार। ड्रग विभाग की टीम ने शनिवार देर रात आदमपुर में कार्रवाई करते हुए नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाओं का अवैध जखीरा बरामद किया। विभाग को एंटी नारकोटिक्स सेल, हिसार से सूचना मिली थी कि एक मकान में बिना लाइसेंस दवाओं का भंडारण और बिक्री की जा रही है। सूचना पर ड्रग इंस्पेक्टर अजय लुहाच रात करीब 11 बजे टीम के साथ मौके पर पहुंचे।
जांच के दौरान टीम को मकान में प्रिंस ब्रेन नामक युवक मिला जिसके कब्जे से भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं बरामद हुईं। टीम ने मौके से टैपेंटाडोल 100 एसआर की 955 गोलियां और प्रीगैबलिन 300 एमजी के 1210 कैप्सूल जब्त किए। जब्त दवाओं की कुल कीमत 60,887 रुपये आंकी गई है। ड्रग इंस्पेक्टर अजय लुहाच ने बताया कि ये दोनों दवाएं शेड्यूल-एच श्रेणी की हैं और इनका इस्तेमाल दर्द निवारक के तौर पर होता है लेकिन युवा इन्हें नशे के लिए उपयोग कर रहे हैं।
नहीं दिखा सका प्रमाण पत्र
पूछताछ में आरोपी प्रिंस ब्रेन कोई वैध ड्रग लाइसेंस या आरएमपी प्रमाणपत्र नहीं दिखा सका। उसने कबूल किया कि वह लंबे समय से स्थानीय युवाओं को नशे के लिए ये दवाएं बेच रहा था। टीम ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत फॉर्म 17 और 17ए में दवाओं के सैंपल लेकर पूरा स्टॉक कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी ने अपना हस्तलिखित बयान भी टीम को सौंपा और पहचान के लिए आधार कार्ड की प्रति दी। ड्रग विभाग के अनुसार आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि मेडिकल नशे के खिलाफ जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और बिना लाइसेंस दवा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
जांच के दौरान टीम को मकान में प्रिंस ब्रेन नामक युवक मिला जिसके कब्जे से भारी मात्रा में एलोपैथिक दवाएं बरामद हुईं। टीम ने मौके से टैपेंटाडोल 100 एसआर की 955 गोलियां और प्रीगैबलिन 300 एमजी के 1210 कैप्सूल जब्त किए। जब्त दवाओं की कुल कीमत 60,887 रुपये आंकी गई है। ड्रग इंस्पेक्टर अजय लुहाच ने बताया कि ये दोनों दवाएं शेड्यूल-एच श्रेणी की हैं और इनका इस्तेमाल दर्द निवारक के तौर पर होता है लेकिन युवा इन्हें नशे के लिए उपयोग कर रहे हैं।
विज्ञापन
नहीं दिखा सका प्रमाण पत्र
पूछताछ में आरोपी प्रिंस ब्रेन कोई वैध ड्रग लाइसेंस या आरएमपी प्रमाणपत्र नहीं दिखा सका। उसने कबूल किया कि वह लंबे समय से स्थानीय युवाओं को नशे के लिए ये दवाएं बेच रहा था। टीम ने ड्रग्स एंड कॉस्मेटिक्स एक्ट के तहत फॉर्म 17 और 17ए में दवाओं के सैंपल लेकर पूरा स्टॉक कब्जे में ले लिया। कार्रवाई के दौरान आरोपी ने अपना हस्तलिखित बयान भी टीम को सौंपा और पहचान के लिए आधार कार्ड की प्रति दी। ड्रग विभाग के अनुसार आरोपी के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ड्रग इंस्पेक्टर ने बताया कि मेडिकल नशे के खिलाफ जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है और बिना लाइसेंस दवा बेचने वालों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
विज्ञापन