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बॉक्सिंग करेगी तो नाक टूट जाएगी, तब तुझसे शादी कौन करेगा
ब्यूरो/अमर उजाला हिसार
Updated Mon, 12 Dec 2016 12:08 AM IST
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हिसार। वर्ष 2007 में उसने बॉक्सिंग चैंपियनशिप में लड़कियों को बॉक्सिंग करते देखा। मन में बॉक्सर बनने की इच्छा जागी। घरवालों को बताया तो उन्होंने यह कहकर मना कर दिया कि घर संभालना ही तेरा भविष्य है। बॉक्सिंग करेगी तो नाक टूट जाएगी, फिर तुझसे शादी कौन करेगा... । लेकिन बुलंद इरादों वाली प्रियंका चौधरी ने हिम्मत नहीं हारी। ऐसे में अपने पिता विजय चौधरी का साथ मिला। पिता की सहमति मिलने पर प्रियंका ने बॉक्सिंग में उतरने का फैसला किया। घरवालों के विरोध के बाद उसने इस खेल में अपनी अमित छाप छोड़ी। सीनियर चैंपियनशिप में बेस्ट बॉक्सर बन अपने हुनर का लोहा मनवाया। खेल के बलबूते रेलवे में सरकारी नौकरी हासिल कर घरवालों की चहेती भी बन गई। प्रियंका ने हाल ही में हरिद्वार में आयोजित सीनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल भी जीता है। प्रियंका एशियन चैंपियनशिप व वर्ल्ड वूमेन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भाग ले चुकी हैं। वहीं सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में 2014 से 2016 तक लगातार तीन साल तक गोल्ड मेडल जीतते हुए बेस्ट बॉक्सर का खिताब भी जीत चुकी हैं। फिलहाल वह नेशनल कैंप में भाग ले रही है तथा ओलंपिक व एशियन गेम्स की तैयारियों में व्यस्त है।
बॉक्सिंग के लिए उत्तराखंड छोड़ हरियाणा पहुंची
अंतर्राष्ट्ररीय बॉक्सर प्रियंका मूल रूप से उत्तराखंड के काशीपुर की रहने वाली है। लगन को देखते हुए पिता ने उत्तराखंड के साईं सेंटर में प्रशिक्षण लेने के लिए भेजा। उच्च स्तर के प्रशिक्षण के लिए वो उत्तराखंड छोड़ हिसार के साईं सेंटर में आ गईं।
खेल के साथ-साथ पढ़ाई भी
प्रियंका ने खेल में आने के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी और उत्तराखंड के कुमाऊं यूनिवर्सिटी से बीए की डिग्री हासिल की। वहीं प्रियंका ने फिजिकल एजूकेशन में भी स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की है।
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प्रियंका चौधरी की उपलब्धियां
- वर्ष 2004 से 2007 तक सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल
- वर्ष 2007 में नैनीताल में ऑल इंडिया इंवीटेशनल नेशनल में गोल्ड मेडल
- वर्ष 2008 में केनेडा में ट्रेनिंग कम कंपिटिशन में गोल्ड मेडल
- वर्ष 2009 में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल
- वर्ष 2010 में कजाखिस्तान में एशियन वूमैन चैपियनशिप में गोल्ड मेडल
- वर्ष 2014 में रायपुर में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड व बेस्ट बॉक्सर बनी
- वर्ष 2015 में आसाम में सीनियर वूमेन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल
- वर्ष 2015 में चाईना में एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भाग लिया।
- वर्ष 2016 में हरिद्वार में सीनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल
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बॉक्सिंग के लिए उत्तराखंड छोड़ हरियाणा पहुंची
अंतर्राष्ट्ररीय बॉक्सर प्रियंका मूल रूप से उत्तराखंड के काशीपुर की रहने वाली है। लगन को देखते हुए पिता ने उत्तराखंड के साईं सेंटर में प्रशिक्षण लेने के लिए भेजा। उच्च स्तर के प्रशिक्षण के लिए वो उत्तराखंड छोड़ हिसार के साईं सेंटर में आ गईं।
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खेल के साथ-साथ पढ़ाई भी
प्रियंका ने खेल में आने के बावजूद अपनी पढ़ाई जारी रखी और उत्तराखंड के कुमाऊं यूनिवर्सिटी से बीए की डिग्री हासिल की। वहीं प्रियंका ने फिजिकल एजूकेशन में भी स्नातकोत्तर की डिग्री हासिल की है।
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प्रियंका चौधरी की उपलब्धियां
- वर्ष 2004 से 2007 तक सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में ब्रांज मेडल
- वर्ष 2007 में नैनीताल में ऑल इंडिया इंवीटेशनल नेशनल में गोल्ड मेडल
- वर्ष 2008 में केनेडा में ट्रेनिंग कम कंपिटिशन में गोल्ड मेडल
- वर्ष 2009 में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल
- वर्ष 2010 में कजाखिस्तान में एशियन वूमैन चैपियनशिप में गोल्ड मेडल
- वर्ष 2014 में रायपुर में सीनियर नेशनल चैंपियनशिप में गोल्ड व बेस्ट बॉक्सर बनी
- वर्ष 2015 में आसाम में सीनियर वूमेन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल
- वर्ष 2015 में चाईना में एशियन बॉक्सिंग चैंपियनशिप में भाग लिया।
- वर्ष 2016 में हरिद्वार में सीनियर नेशनल बॉक्सिंग चैंपियनशिप में गोल्ड मेडल