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Haryana: 12वीं के बाद एचएयू में कृषि क्षेत्र में कॅरिअर के बेहतर मौके, पढ़ाई के साथ मिलेगा स्वरोजगार
Tue, 28 Mar 2023 12:53 AM IST
भूपेंद्र सिंह
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
अमर उजाला ब्यूरो, हिसार (हरियाणा)
Published by: भूपेंद्र सिंह
Updated Tue, 28 Mar 2023 12:53 AM IST
सार
अगले महीने नामांकन प्रक्रिया शुरू होगी। कृषि में स्नातक, तकनीकी शिक्षा के साथ-साथ कृषि प्रबंधन की पढ़ाई कर सकते हैं। हरियाणा प्रदेश कृषि प्रधान है। करीब 55 फीसदी आबादी खेती पर ही निर्भर है।
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हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय
- फोटो : Demo
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विस्तार
आपने 12वीं की परीक्षा दे दी है और कृषि क्षेत्र में भविष्य की राह तलाशने के इच्छुक हैं तो हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय (एचएयू), हिसार आप के लिए एक बेहतर विकल्प हो सकता है। इस विश्वविद्यालय के कैंपस में स्थित कॉलेजों में कृषि की सामान्य पढ़ाई के साथ-साथ कृषि इंजीनियरिंग, मत्स्य विज्ञान और कृषि प्रबंधन की भी पढ़ाई होती है। इसके अलावा विश्व विद्यालय हर साल अपने छात्रों-प्रशिक्षुओं के साथ-साथ कृषि संबंधी नवीन स्टार्टअप भी शुरू करता है, जिससे रोजगार के अवसर बढ़ रहे हैं।
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हरियाणा प्रदेश कृषि प्रधान है। करीब 55 फीसदी आबादी खेती पर ही निर्भर है। किसानों ने खेती की नई विधियों व तकनीकों को अपनाकर इस क्षेत्र में भी परिवर्तन लाया है। बागवानी व सब्जी की खेती से किसानों की आय बढ़ी है। तमाम ऐसे नौजवान सामने आए हैं, जिन्होंने कोरोना संकट के दौरान नौकरी छोड़ने के बाद कृषि क्षेत्र में नए प्रयोग कर सफलता की कहानी लिखी है। इसलिए अब कृषि क्षेत्र में भी रोजगार के नए अवसर बढ़ रहे हैं।
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अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के बाद विदेश में शोध के खुले दरवाजे
विश्व विद्यालय के कुलपति प्रो. बीआर कांबोज ने बताया कि कृषि क्षेत्र में शोध के अवसर बढ़े हैं। संस्थान के वैज्ञानिकाें ने गेहूं, सरसों, ज्वार, बाजरा, मक्का आदि फसलों की नवीन और उन्नतशील प्रजातियों की खोज की है, जिससे किसानों को सीधा लाभ मिल रहा है। फलों व सब्जियों की नवीन प्रजातियां व बीमारियों का उपचार खोजने में भी इस संस्थान के वैज्ञानिकों को सफलता मिली है।
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बीते फरवरी में जलवायु परिवर्तन पर अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन के बाद अब दुनिया के कई देशों में होने वाले शोध का आदान-प्रदान भी होने लगा है। बदली हुई परिस्थितियां कृषि क्षेत्र में पढ़ाई व शोध करने वालों के लिए और बेहतर हुई हैं।
12वीं के बाद इन कोर्सेज में लें एडमिशन
बीएससी आनर्स एग्री कल्चर, बीएफएससी (बैचलर ऑफ फिशरीज साइंस), बीएससी कम्युनिटी साइंस, बीएससी आनर्स, एग्री बिजनेस मैनेजमेंट में इंट्रेंस टेस्ट की मेरिट के आधार पर नामांकन होगा। बीटेक (एग्रीकल्चर इंजीनियरिंग) में दाखिले हरियाणा राज्य काउंसिलिंग सोसायटी की तरफ से आयोजित ज्वाइंट इंट्रेंस टेस्ट के आधार पर होते हैं।
स्नातकोत्तर व पीएचडी में भी होते हैं दाखिले
एचएयू के कृषि विश्वविद्यालय में एग्रीकल्चर इकनॉमिक्स एग्रोनामी, इंटोमोलॉजी, हार्टीकल्चर, जेनेटिक्स एंड प्लांट ब्रीडिंग, प्लांट पैथालॉजी आदि कोर्स में नामांकन होता है। इसके अलावा संस्थान के डिपार्टमेंट ऑफ बिजनेस मैनेजमेंट में एमबीए (जनरल) के अलावा एमबीए (एग्री बिजनेस) की भी पढ़ाई होती है।