Haryana: बाजरा भावांतर भरपाई के भुगतान पर रोक; 21139 किसानों का नहीं हो पाया सत्यापन, ये उठ रहा सवाल
किसानों को 300 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भावांतर भरपाई का भुगतान करना था। प्रदेश सरकार को पता लगा कि काफी संख्या में फर्जी पंजीकरण कराए गए हैं। प्रदेश सरकार ने अक्तूबर माह में इसकी जांच प्रारंभ की थी, जिसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों को लिस्ट भेजी गई।
विस्तार
प्रदेश सरकार ने मेरी फसल मेरा ब्योरा पोर्टल (एमएफएमबी) पर बाजरे की फसल के पंजीकरण कराने वालों को किए जाने वाले भुगतान पर रोक लगा दी है। अनियमितताओं की रिपोर्ट के बाद कृषि मंत्री ने यह फैसला लिया है। प्रदेश में भावांतर भरपाई योजना के तहत 21139 किसानों की 437029 एकड़ फसल का भौतिक सत्यापन नहीं हो पाया। जांच पूरी होने के बाद भी भुगतान किया जाएगा।
प्रदेश सरकार ने किसानों के लिए भावांतर भरपाई योजना शुरु की थी। इस योजना में किसान अपनी फसल बाजार मूल्य पर बेचते हैं। सरकार औसत बाजार मूल्य का हिसाब लेकर उसकी न्यूनतम समर्थन मूल्य से तुलना करती है। किसान को एमएसपी देने के लिए बाजार तथा एमएसपी के अंतर का मूल्य किसानों के खाते में डाला जाता है। कृषि विभाग के आंकड़ों के अनुसार प्रदेश में 17.70 लाख किसानों ने पंजीकरण कराया था, जिसमें 13.39 लाख किसानाें का सत्यापन ही हो सका है। सरकार ने बाजार में आए बाजरे के हिसाब भुगतान शुरू किया।
किसानों को 300 रुपये प्रति क्विंटल के हिसाब से भावांतर भरपाई का भुगतान करना था। प्रदेश सरकार को पता लगा कि काफी संख्या में फर्जी पंजीकरण कराए गए हैं। प्रदेश सरकार ने अक्तूबर माह में इसकी जांच प्रारंभ की थी, जिसमें प्रदेश के अलग-अलग जिलों को लिस्ट भेजी गई। जिला राजस्व विभाग के माध्यम से इस जांच को पूरा कराया गया। प्रदेश सरकार ने किसानों का भौतिक सत्यापन कराया। बाजरे की खरीद प्रक्रिया पूरी होने के बाद सरकार ने खरीद के आंकड़े से बाजरे के उत्पादन का मिलान किया। अब आंकड़ों के आधार पर यह पाया गया कि बाजरे के सत्यापन में भी व्यापक स्तर पर अनियमितता की गई हैं, जिसके बाद सरकार ने इस पर रोक लगा दी है।
हिसार में अमर उजाला ने उजागर किया था मामला
अमर उजाला ने 13 अक्तूबर को इस मामले को पहली बार उजागर किया था, जिसमें पाया हिसार जिले में करीब 65000 एकड़ में बाजरे का फर्जी पंजीकरण किया गया था। 2200 किसानों के नाम से यह पंजीकरण किया गया था। राजस्व विभाग की जांच में यह पंजीकरण फर्जी मिलने पर इस पंजीकरण को रद्द करा दिया गया था।
हरियाणा कृषि मंत्री के अनुसार
एमएफएमबी पोर्टल पर बाजरे की फसल के पंजीकरण में अनियमितताओं और धोखाधड़ी की शिकायतें मिली हैं। “कुछ नागरिक सेवा केंद्र (सीएससी) के मालिक और साइबर अपराधियों के साथ मिलकर इसे अंजाम दे रहे थे। कुछ किसान धोखेबाजों के इस नेटवर्क में फंस गए थे। सरकार को जो धोखा देने की कोशिश करेगा उसे देर-सबेर परिणाम भुगतना पड़ेगा। हमें बाजरा भावांतर भरपाई के भुगतान को रोकना पड़ा है। -जेपी दलाल, कृषि मंत्री, हरियाणा
अब तक 23 एफआईआर हो चुकी...
2023 में भावांतर भरपाई योजना में हुए फर्जीवाड़े के मामले में भिवानी पुलिस ने लोहारू, बहल, सिवानी, तोशाम, भिवानी के पुलिस स्टेशनों में दस एफआईआर दर्ज की थीं। इन मामलों में अब तक 23 लोगों को गिरफ्तार किया है। प्रदेश सरकार ने अब नए सिरे से पंजीकरण की प्रक्रिया शुरु की है। अब किसान के मोबाइल नंबर पर ओटीपी आएगा। उसके बाद ही पंजीकरण हो सकेगा।
जिला पंजीकृत किसान--- पंजीकृत एरिया एकड़ में----- सत्यापित किसान---- सत्यापित एरिया एकड़ में
भिवानी 48492--235358--48211---183593
चरखी दादरी 46271- 188546-44744 --153434
महेंद्रगढ़--88542-318170-87943--289838
रेवाड़ी 57608-231229-57187-211674
मेवात 33074-236637-26712-120548
हिसार 26034- 78002- 24424- 58054
झज्जर 25093-126922-21803-83238
गुरुग्राम 22553-120713-22051-106184