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असम की नाबालिग से हिसार में करवाई जा रही थी मजदूरी, जानकारी जुटाने पहुंची असम पुलिस

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Thu, 06 Jan 2022 11:27 PM IST
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Assam's minor girl was being paid wages in Hisar, Assam Police reached to collect information
बाल कल्याण समिति के कार्यालय में बैठे असम पुलिस के अधिकारी। - फोटो : Hisar
हिसार। असम राज्य की एक नाबालिग लड़की के आधार कार्ड में उम्र ज्यादा करके बाल श्रम के लिए हिसार भेजने का मामला सामने आया है। इस मामले को मानव तस्करी से भी जोड़कर देखा जा रहा है। मामले की जांच करने के लिए वीरवार को असम पुलिस की टीम हिसार पहुंची। असम पुलिस की टीम पहले एसपी ऑफिस गई व इसके बाद रेडक्रॉस स्थित जिला बाल संरक्षण इकाई कार्यालय में पहुंची। असम पुलिस ने बाल संरक्षण इकाई से इस मामले के संबंध जानकारी जुटाई।
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25 दिसंबर की रात 2021 को चाइल्ड हेल्प लाइन की टीम को बस स्टैंड के पास असम की पीड़ित नाबालिग लावारिस हालात में मिली थी। हेल्पलाइन टीम ने इसकी सूचना बस स्टैंड चौकी पुलिस को दी। इसके बाद सीडब्ल्यूसी को इस मामले की सूचना दी गई। फिर यह मामला बाल कल्याण समिति के पास पहुंचा। हिसार पहुंचे असम पुलिस अधिकारी ने बताया कि लड़की असम से हिसार तक कैसे पहुंची। इस मामले की गहराई से जांच की जाएगी, जो भी दोषी पाया जाएगा उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। वहीं देर शाम बाल कल्याण कमेटी ने नाबालिग को असम पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया।
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दिल्ली की एजेंसी ने लड़की को भेजा था हिसार
जिला बाल कल्याण समिति के सदस्य एडवोकेट मनोज कौशिक ने बताया कि जांच में सामने आया है कि दिल्ली की एक प्लेसमेंट एजेंसी है जिसके द्वारा नाबालिग लड़की हिसार भेजी गई। हिसार शहर में किसी के घर ये लड़की नौकरी करती थी। नाबालिग के आरोप हैं कि उस घर में उसके साथ मारपीट की गई थी। इसके कारण वह उस घर से भाग गई थी। 25 दिसंबर की रात को चाइल्ड हेल्पलाइन टीम को ये पीड़ित नाबालिग बस स्टैंड के पास घूमती हुई मिली थी। कौशिक ने बताया कि अगर इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जाए तो बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हो सकता है। इस तरह से किसी नाबालिग लड़की को इतनी दूर भेजना एक बड़े स्कैंडल की ओर इशारा कर रहा है।
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दो समिति सदस्यों ने नहीं किए हस्ताक्षर
असम पुलिस व जिला बाल कल्याण समिति ने जो रिलिज रिपोर्ट तैयार की थी। उस रिपोर्ट पर समिति के दो सदस्य एडवोकेट मनोज कौशिक व एडवोकेट विरेंद्र शर्मा ने अपने हस्ताक्षर करने से मना दिया। मनोज कौशिक ने बताया कि जो रिलिज ऑर्डर तैयार किया गया था। वह रिलीज ऑर्डर सभी सदस्यों की सहमति से नहीं बनाया गया। कौशिक ने बताया कि इस मामले की एफआईआर हिसार में ही दर्ज होनी चाहिए थी, लेकिन एफआईआर असम में दर्ज की गई। नाबालिग के रिलीज ऑर्डर तैयार करने की प्रोसेडिंग सही नहीं थी। इसलिए हमने हस्ताक्षर नहीं किए। कौशिक ने कहा कि अगर प्रोसेडिंग सही होती तो हम हस्ताक्षर कर देते।
इस मामले के संबंध में असम पुलिस वीरवार को हिसार आई थी। इस मामले से संबंधित हमने नियमानुसार उचित कानूनी कार्रवाई की है। वो सब असम पुलिस को बता दिया है। - नीना वर्मा, चेयरमैन, जिला बाल कल्याण समिति हिसार

हमारी टीम को 26 दिसंबर को यह लड़की बस स्टैंड के बाहर घूमती हुई मिली थी। इसको हमने आगामी कार्रवाई करते बस स्टैंड चौकी पुलिस को इसकी सूचना दे दी थी। अब जिला बाल समिति इस मामले की जांच कर रही है। - कुलदीप शर्मा, इंचार्ज, चाइल्ड हेल्पलाइन टीम
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