दस रुपये ने अटकाया गो अभयारण्य जमीन ट्रांसफर प्रोजेक्ट, लगी ऑब्जेक्शन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
प्रदेश के पहले गो अभयारण्य प्रोजेक्ट पर डीजी पशुपालन एवं डेयरी विभाग ने ऑब्जेक्शन लगा दिया है। करोड़ों रुपये के इस प्रोजेक्ट को तैयार करने के लिए पहले ही स्टेप पर नगर निगम सही एग्रीमेंट नहीं कर पाया है। पशुधन फार्म ने डीजी पशुपालन एवं डेयरी विभाग के हवाले से निगम को लिखा है कि भेजा गया लीज डीड एग्रीमेंट सरकार द्वारा निर्धारित स्पेसीमेन लीज डीड के अनुसार नहीं है। जिस एग्रीमेंट को दस रुपये के स्टांप पर भेजा गया है उसे 20 रुपये के स्टांप पर भेजा जाए। मंगलवार को पशुधन फार्म से यह चिट्ठी नगर निगम कार्यालय में पहुंची है। इस चिट्ठी के बाद नगर निगम अधिकारियों में हड़कंप मचा हुआ है। क्योंकि इस प्रोजेक्ट को खुद सीएम मनोहर लाल खट्टर प्राथमिकता से ले रहे हैं।
33 साल के लिए मिलनी है लीज पर
गो अभयारण्य के लिए 50 एकड़ जमीन नगर निगम राजकीय पशुधन फार्म से लीज पर ले रहा है। यह जमीन 33 साल के लिए 1 रुपये प्रति एकड़ के हिसाब से नगर निगम को लीज पर जाएगी, जिसको लेकर एग्रीमेंट प्रक्रिया चल रही है। नगर निगम ने काफी समय पहले ही एग्रीमेंट भेज दिया था। यह एग्रीमेंट नगर निगम ने 10 रुपये के स्टांप पर भेजा था। जिस पर अब ऑब्जेक्शन लग गया है।
आज तक का समय
पशुधन फार्म ने तुरंत प्रभाव से लीज डीड एग्रीमेंट दोबारा भेजने के लिए लिखा है। उन्होंने इसके लिए सोमवार तक का ही समय दिया है। उन्होंने कहा है कि 26 अक्तूबर को उन्हें यह एग्रीमेंट निदेशालय पशुपालन एवं डेयरी विभाग को भेजना है। हालांकि यह बुधवार तक हो पाना मुश्किल है। दोपहर बाद पहुंचे इस पत्र ने निगम अधिकारियों की नींद उड़ा दी है।
निदेशालय से लेटर आया है। हमने नगर निगम को भेज दिया है। निदेशालय ने लिखा है कि लीज डीड एग्रीमेंट सरकार द्वारा निर्धारित स्पेसीमेन लीज डीड के अनुसार नहीं है।
- भूप सिंह, अधिकारी, राजकीय पशुधन फार्म हिसार