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प्रभावी शिक्षक वही, जो खुद निरंतर सीखने को तैयार रहे : डॉ. स्वामीनाथन
Wed, 31 Dec 2025 01:45 AM IST
अमर उजाला ब्यूरो
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार
Updated Wed, 31 Dec 2025 01:45 AM IST
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हिसार। प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय द्वारा शिक्षकों के आत्मिक सशक्तिकरण और समग्र विकास को समर्पित ‘द इनर क्लासरूम रिट्रीट’ कार्यक्रम का आयोजन बालसमंद रोड स्थित पीस पैलेस में भव्य रूप से किया गया। विशेष रिट्रीट में जिले के लगभग 150 विद्यालयों से 700 से अधिक शिक्षकों ने उत्साहपूर्वक सहभागिता की।
मुख्य वक्ता डॉ. ईवी स्वामीनाथन ने ‘समग्र बुद्धि के माध्यम से प्रभावी शिक्षण’ और ‘ध्यान का विज्ञान’ विषयों पर प्रेरक व्याख्यान दिए। उन्होंने कहा कि एक प्रभावी शिक्षक वही होता है, जो स्वयं निरंतर सीखने के लिए तत्पर रहता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक को विद्यार्थियों की भावनात्मक नब्ज को समझने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
आज के बच्चों को असफलता को भी गरिमा के साथ स्वीकार करना सिखाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को यह समझाएं कि जीवन में सफलता से अधिक महत्वपूर्ण खुशी और संतुलन है। उन्होंने बताया कि किसी भी कार्य में सफलता के लिए एकाग्रता की अहम भूमिका होती है। एकाग्रता बढ़ाने के लिए आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग का नियमित अभ्यास आवश्यक है। इस अवसर पर शिक्षकों को राजयोग का अभ्यास भी करवाया गया। ब्रह्माकुमारीज हिसार की प्रभारी बीके रमेश कुमारी दीदी ने कहा कि वे स्वयं भी शिक्षिका रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को आत्म-सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देना होगा। इस दाैरान ओपी जिंदल मॉडर्न स्कूल के संगीत शिक्षकों द्वारा मनमोहक संगीतमय प्रस्तुति दी गई।
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मुख्य वक्ता डॉ. ईवी स्वामीनाथन ने ‘समग्र बुद्धि के माध्यम से प्रभावी शिक्षण’ और ‘ध्यान का विज्ञान’ विषयों पर प्रेरक व्याख्यान दिए। उन्होंने कहा कि एक प्रभावी शिक्षक वही होता है, जो स्वयं निरंतर सीखने के लिए तत्पर रहता है। उन्होंने कहा कि शिक्षक को विद्यार्थियों की भावनात्मक नब्ज को समझने की क्षमता विकसित करनी चाहिए।
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आज के बच्चों को असफलता को भी गरिमा के साथ स्वीकार करना सिखाना समय की आवश्यकता है। उन्होंने शिक्षकों से आग्रह किया कि वे विद्यार्थियों को यह समझाएं कि जीवन में सफलता से अधिक महत्वपूर्ण खुशी और संतुलन है। उन्होंने बताया कि किसी भी कार्य में सफलता के लिए एकाग्रता की अहम भूमिका होती है। एकाग्रता बढ़ाने के लिए आध्यात्मिक ज्ञान और राजयोग का नियमित अभ्यास आवश्यक है। इस अवसर पर शिक्षकों को राजयोग का अभ्यास भी करवाया गया। ब्रह्माकुमारीज हिसार की प्रभारी बीके रमेश कुमारी दीदी ने कहा कि वे स्वयं भी शिक्षिका रह चुकी हैं। उन्होंने कहा कि शिक्षकों को आत्म-सशक्तिकरण पर विशेष ध्यान देना होगा। इस दाैरान ओपी जिंदल मॉडर्न स्कूल के संगीत शिक्षकों द्वारा मनमोहक संगीतमय प्रस्तुति दी गई।
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