{"_id":"6679c8541e6db7e577076564","slug":"allegation-of-using-substandard-material-in-the-boundary-wall-of-the-college-under-construction-in-mangali-je-reached-the-spot-to-investigate-hisar-news-c-21-hsr1005-408607-2024-06-25","type":"story","status":"publish","title_hn":"Hisar News: मंगाली में निर्माणाधीन महाविद्यालय की चहारदीवारी में घटिया सामग्री इस्तेमाल का आरोप, जेई जांच करने मौके पर पहुंचे","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Hisar News: मंगाली में निर्माणाधीन महाविद्यालय की चहारदीवारी में घटिया सामग्री इस्तेमाल का आरोप, जेई जांच करने मौके पर पहुंचे
विज्ञापन
निर्माण स्थल पर पड़े सरिये को दिखाते हुए।
हिसार। मंगाली में निर्माणाधीन महाविद्यालय की चहारदीवारी में ग्रामीणों ने घटिया निर्माण सामग्री का इस्तेमाल करने का आरोप लगाया है। यही नहीं ग्रामीणों ने निर्माण कार्य भी रुकवा दिया। सूचना पाकर बीएंडआर के जेई सोमवार को मौके पर पहुंचे। उन्हें ग्रामीणों की तरफ से लगाए जा रहे आरोपों का जवाब दिया। साथ ही यह कहा कि अगर उन्हें शक है कि निर्माण कार्य में घटिया सामग्री इस्तेमाल की जा रही है तो वे निर्माण सामग्री के सैंपल लेकर जांच करवा सकते हैं। हालांकि जेई के आश्वासन के बाद भी ग्रामीणों ने दोबारा से शुरू किए गए काम को बंद करवा दिया।
बता दें कि मंगाली में चल रहे महाविद्यालय के लिए भवन का निर्माण किया जा रहा है। फिलहाल महाविद्यालय की कक्षाएं एक प्राइमरी स्कूल के भवन में लग रही हैं। महाविद्यालय का परिसर 12 एकड़ 6 कनाल में बनेगा। इसकी लागत करीब 14 करोड़ रुपये है। महाविद्यालय का भवन तीन मंजिला होगा।
-- -- -- -- -- -- -- --
ग्रामीणों का आरोप-सरिया पुराना तो क्रेशर में मिला हुआ है रेत
पूर्व चेयरमैन सत्यनारायण, पूर्व सरपंच चंद्रभान, सरपंच बलवंत सिंह, पूर्व सरपंच संदीप आदि ने बताया कि महाविद्यालय की चहारदीवारी में इस्तेमाल की जा रहीं ईंटें निम्न स्तर की हैं। सरिया भी पुराना इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर रखे क्रेशर में रेत मिला हुआ है। ग्रामीणों की मानें तो वे घटिया काम नहीं होने देंगे। यह बच्चों की सुरक्षा का सवाल है। इस कारण से निर्माण कार्य रुकवा दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक सरकार ने ठेकेदार के रेट नहीं बढ़ाए, जिस कारण निर्माण कार्य में घटिया सामग्री लगाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 27 अप्रैल 2022 को इसका शिलान्यास किया था। अब इतने समय बाद यह कार्य शुरू किया गया है, वो गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे।
विज्ञापन
-- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -- -जेई ने मौके पर जाकर ग्रामीणों को समझा दिया है। सरिया पुराना नहीं है। ठेकेदार का अन्य साइट पर भी कार्य चल रहा था। वहां से बचा हुआ कुछ सरिया वह यहां ले आया। सरिया मानकों के हिसाब से एकदम सही है। निर्माण कार्य में किसी भी तरह की लापरवाही नहीं बरती जा रही है। - रजनीश, एक्सईएन, बीएंडआर
विज्ञापन
बता दें कि मंगाली में चल रहे महाविद्यालय के लिए भवन का निर्माण किया जा रहा है। फिलहाल महाविद्यालय की कक्षाएं एक प्राइमरी स्कूल के भवन में लग रही हैं। महाविद्यालय का परिसर 12 एकड़ 6 कनाल में बनेगा। इसकी लागत करीब 14 करोड़ रुपये है। महाविद्यालय का भवन तीन मंजिला होगा।
विज्ञापन
ग्रामीणों का आरोप-सरिया पुराना तो क्रेशर में मिला हुआ है रेत
पूर्व चेयरमैन सत्यनारायण, पूर्व सरपंच चंद्रभान, सरपंच बलवंत सिंह, पूर्व सरपंच संदीप आदि ने बताया कि महाविद्यालय की चहारदीवारी में इस्तेमाल की जा रहीं ईंटें निम्न स्तर की हैं। सरिया भी पुराना इस्तेमाल किया जा रहा है। निर्माण स्थल पर रखे क्रेशर में रेत मिला हुआ है। ग्रामीणों की मानें तो वे घटिया काम नहीं होने देंगे। यह बच्चों की सुरक्षा का सवाल है। इस कारण से निर्माण कार्य रुकवा दिया गया। ग्रामीणों के मुताबिक सरकार ने ठेकेदार के रेट नहीं बढ़ाए, जिस कारण निर्माण कार्य में घटिया सामग्री लगाई जा रही है। ग्रामीणों का कहना है कि पूर्व मुख्यमंत्री मनोहर लाल ने 27 अप्रैल 2022 को इसका शिलान्यास किया था। अब इतने समय बाद यह कार्य शुरू किया गया है, वो गुणवत्ता से किसी तरह का समझौता नहीं करेंगे।
विज्ञापन