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15 साल बाद 45 किलोमीटर से अधिक की रफ्तार से चला अंधड़, भारी नुकसान

Mon, 04 May 2020 12:15 AM IST
Rohtak Bureau रोहतक ब्यूरो
Updated Mon, 04 May 2020 12:15 AM IST
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After 15 years, the speed of more than 45 km of carnage, heavy damage
रविवार शाम तूफानी हवाओं के साथ आई बारिश में ग्रीन पार्क एरिया में एक पेड़ गाड़ी के ऊपर गिर गया, जिस - फोटो : Hisar
जिले में करीब 15 साल बाद 45 किलोमीटर प्रति घंटा से अधिक रफ्तार से अंधड़ चला। पश्चिमी विक्षोभ के कारण हरियाणा और आसपास के क्षेत्र के ऊपर बने चक्रवाती सिस्टम के चलते यह अंधड़ चला और तेज बारिश आई। इसका प्रभाव पूरे दक्षिण-पश्चिमी हरियाणा में रहा। इससे जिले में भारी नुकसान हुआ है। दुकानों के आगे के होर्डिंग उखड़ गए और कई जगहों पर पेड़ों की बड़ी टहनियां टूट कर गिर गईं। घरों में छतों के ऊपर रखीं पानी की टंकियां भी अंधड़ के चलते उड़कर नीचे गिर गई। फिलहाल जिले में पेड़ या अन्य सामान गिरने से किसी के घायल होने का समाचार नहीं है।
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रविवार शाम करीब 5:30 बजे अचानक बादल छा गए। कुछ देर में ही तेज आंधी शुरू हो गई। अचानक से आए अंधड़ ने सबकुछ उथल-पुथल कर दिया। 5:40 बजे तेज अंधड़ के साथ तेज बारिश भी शुरू हो गई। अर्बन एस्टेट इलाके में मकानों पर रखीं टंकियां उड़कर नीचे आ गिरीं। पुष्पा कॉम्प्लेक्स के समीप शनि मंदिर के साथ खड़े पेड़ की टहनी टूटकर गिर गई। सड़कों पर भी कई स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूट कर गिरीं। शहर के चारों ओर जाने वाले मार्गों पर पेड़ों की टहनियां टूट कर गिर गईं। कई स्थानों पर बिजली के खंभे भी अंधड़ के कारण गिर गए। बालसमंद रोड, बरवाला रोड, तोशाम रोड, हांसी रोड आदि स्थानों पर और नारनौंद, हांसी, बरवाला, आदमपुर, सिवानी मंडी, उकलाना मंडी, अग्रोहा में भी पेड़-पौधों को भारी नुकसान की सूचना है। मित्तल नगर, चंद्रलोक कॉलोनी में बिजली के खंभे गिर गए। हालांकि अंधड़ के कारण बिजली चली गई, जिससे नुकसान होने से बच गया। अंधड़ के कारण फिलहाल कहीं से भी किसी के हताहत या घायल होने का समाचार नहीं है।
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मंडियों में भारी नुकसान
तेज अंधड़ के साथ आई बारिश ने मंडियों में खुले में पड़े अनाज को भारी नुकसान पहुंचाया। हिसार स्थित अनाज मंडी में खुले में पड़े गेहूं की फसल और बोरियां भीग गईं। उकलाना मंडी, नारनौंद मंडी, बरवाला, आदमपुर, हांसी, सिवानी मंडी की अनाज मंडियों में भी खुले में पड़ा अनाज भीग गया।
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2005 में भी आया था ऐसा अंधड़
जानकारों के अनुसार इससे पहले वर्ष 2002 और 2005 में भी ऐसा ही अंधड़ आया था और भारी नुकसान हुआ था। इसके बाद पिछले 15 सालों में इतनी तेज गति से अंधड़ या तूफान कभी नहीं आया। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अनुसार हवाओं की गति अगर 60 किलोमीटर से अधिक होती तो इसे तूफान कहा जा सकता था, लेकिन इसकी गति 45 से 50 किलोमीटर प्रति घंटा रही है, जिस कारण इसे अंधड़ कहा जा सकता है।
दिनभर तेज हवाएं चलीं, तापमान में गिरावट
रविवार को सुबह के समय आसमान में बादल छाने के साथ ही तेज हवाएं चलती रहीं, लेकिन इसके बाद कड़ी धूप निकल आई। हालांकि तेज हवाओं ने लोगों को गर्मी का अहसास नहीं होने दिया। दोपहर को अचानक फिर मौसम में परिवर्तन हुआ और बादल छा गए। इसके बाद करीब साढ़े पांच बजे घटा के साथ तेज अंधड़ शुरू हो गया और इसके बाद बारिश हुई। एचएयू कृषि मौसम विभाग के अनुसार रविवार को अधिकतम तापमान 36.5 और न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया।
पहले पहुंचा मैसेज, किसानों के लाखों बचे
एचएयू के कृषि मौसम विभाग की और से प्रदेश के नौ लाख किसानों के साथ ही प्रदेशभर के 3600 अधिकारियों के पास मौसम अलर्ट को लेकर मैसेज भेज दिया गया था। विभाग की ओर से दो दिन पहले मैसेज के माध्यम से मौसम पूर्वानुमान और किसानों से नरमे की बिजाई न करने की अपील की थी। इससे किसानों ने बिजाई नहीं की और उनका लाखों रुपये का बीज बच गया। विभाग द्वारा रविवार को भी शाम साढ़े चार बजे अगले तीन घंटे का मौसम पूर्वानुमान बताकर अलर्ट किया गया था।

तीन दिन और बारिश के आसार
चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय के कृषि मौसम विज्ञान विभाग के अध्यक्ष डॉ. मदन खिचड़ के अनुसार प्रदेश में सात मई तक मौसम परिवर्तनशील रहेगा। छह मई तक पश्चिमी विक्षोभ के आंशिक प्रभाव के कारण बूंदाबांदी या बारिश की संभावना है। इस दौरान बीच-बीच में बादल छाने, मध्यम से तेज गति से हवाएं चलने और गरज-चमक के साथ कहीं-कहीं हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है।
कृषि संबंधी सलाह
- बारिश की संभावना को देखते हुए किसान नरमा की बिजाई सात मई तक रोक लें।
- फसलों की कटाई, कढ़ाई जल्द पूरी करें और बदलते मौसम का ध्यान रखें।
- तूड़ी/भूसा को अच्छी तरह से ढकें, ताकि हवा चलने से न तो उड़े और न बारिश में भीगे।
- अनाज को पहले ही सुरक्षित स्थान पर ढककर रख लें।
- गेहूं व सरसों मंडी में ले जाते समय तिरपाल आदि का प्रबंध अपने साथ जरूर रखें।
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