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वकील पर जानलेवा हमला करने पर दो लोगों को 7-7 साल की कैद
amarujala/Hisar
Updated Sun, 30 Apr 2017 12:07 AM IST
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एडीजे अजय पराशर की अदालत ने साकेत कॉलोनी निवासी वकील रणबीर सैनी पर जानलेवा हमला करने के मामले में आजाद नगर निवासी शराब ठेकेदार, प्रॉपर्टी डीलर सतबीर पूनिया और खरड़ निवासी अजीत को सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई है। अदालत ने वीरवार को सतबीर को आपराधिक षड्यंत्र रचने और अजीत को हत्या प्रयास का दोषी मानते हुए बलराज और सतपाल को बरी कर दिया था।
अदालत में चले अभियोग के अनुुसार साकेत कॉलोनी निवासी वकील रणबीर सैनी 2 सितंबर 2009 की सुबह ममेरे भाई रामनिवास के साथ गंगवा रोड पर कमिश्नर हाउस के पास सैर कर रहे थे। वह लघु सचिवालय कॉलोनी की तरफ गए थे। रामनिवास किसी से बतियाने लगे और रणबीर आगे निकल गए। कुछ लोग वहां दो बाइक और एक कार में आए थे। उन्होंने कुल्हाड़ी, रॉड टज्ञेश्र डंडों से रणबीर पर हमला कर दिया था और फरार हो गए थे। वकील को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। रामनिवास ने पुलिस को शिकायत दी थी कि हांसी निवासी ओमप्रकाश सैनी के साथ रणबीर के जमीनी विवाद के केस कोर्ट में चल रहे हैं। इसी रंजिश को लेकर ओमप्रकाश, विनय, ओमप्रकाश पहाड़ी, खरड़ के अजीत और चार अन्य लड़के एक कार और दो बाइक पर आए। उन्होंने हमला कर रणबीर को गंभीर रूप से घायल कर दिया। सदर थाना पुलिस ने इस बारे में हत्या प्रयास समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
दो आरोपी पूछताछ में बोले थे, रुपये लेकर किया हमला
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पुलिस ने जांच के आधार पर नामजद हांसी के ओमप्रकाश, विनय, ओमप्रकाश पहाड़ी व अन्य को केस से निकाल दिया था। बाद में केस की जांच सदर थाना से क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी थी। क्राइम ब्रांच ने हांसी के पवन सैनी व सोनू को गिरफ्तार कर पूछताछ की थी। उन्होंने पूछताछ में बताया था कि आजाद नगर के शराब ठेकेदार सतबीर पूनिया ने 65 हजार रुपये दिए थे और हमने उनके कहने पर वकील रणबीर पर हमला किया था। सतबीर वगैरा की वकील से रंजिश है। इस पर पुलिस ने सतबीर पूनिया और अजीत को आरोपी बनाया था।
बख्शीखाने से फरार दो आरोपी नहीं लगे हाथ
पुलिस सात साल पहले जेल से आरोपियों को पेश करने के लिए कोर्ट में लाई थी। आरोपियों को वहां बख्शीखाने में बंद किया गया था। उनमें वकील पर हमला करने के दो आरोपी पवन सैनी और सोनू थे। वहां से बख्शीखाने की ग्रिल काटकर छह बंदी फरार हो गए थे। उनमें पवन व सोनू भी थे। बाकी फरार बंदी पकड़े गए। वे दोनों आरोपी आज तक पुलिस के हाथ नहीं लगे।
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अदालत में चले अभियोग के अनुुसार साकेत कॉलोनी निवासी वकील रणबीर सैनी 2 सितंबर 2009 की सुबह ममेरे भाई रामनिवास के साथ गंगवा रोड पर कमिश्नर हाउस के पास सैर कर रहे थे। वह लघु सचिवालय कॉलोनी की तरफ गए थे। रामनिवास किसी से बतियाने लगे और रणबीर आगे निकल गए। कुछ लोग वहां दो बाइक और एक कार में आए थे। उन्होंने कुल्हाड़ी, रॉड टज्ञेश्र डंडों से रणबीर पर हमला कर दिया था और फरार हो गए थे। वकील को एक निजी अस्पताल में दाखिल कराया गया था। रामनिवास ने पुलिस को शिकायत दी थी कि हांसी निवासी ओमप्रकाश सैनी के साथ रणबीर के जमीनी विवाद के केस कोर्ट में चल रहे हैं। इसी रंजिश को लेकर ओमप्रकाश, विनय, ओमप्रकाश पहाड़ी, खरड़ के अजीत और चार अन्य लड़के एक कार और दो बाइक पर आए। उन्होंने हमला कर रणबीर को गंभीर रूप से घायल कर दिया। सदर थाना पुलिस ने इस बारे में हत्या प्रयास समेत विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था।
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दो आरोपी पूछताछ में बोले थे, रुपये लेकर किया हमला
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पुलिस ने जांच के आधार पर नामजद हांसी के ओमप्रकाश, विनय, ओमप्रकाश पहाड़ी व अन्य को केस से निकाल दिया था। बाद में केस की जांच सदर थाना से क्राइम ब्रांच को स्थानांतरित कर दी थी। क्राइम ब्रांच ने हांसी के पवन सैनी व सोनू को गिरफ्तार कर पूछताछ की थी। उन्होंने पूछताछ में बताया था कि आजाद नगर के शराब ठेकेदार सतबीर पूनिया ने 65 हजार रुपये दिए थे और हमने उनके कहने पर वकील रणबीर पर हमला किया था। सतबीर वगैरा की वकील से रंजिश है। इस पर पुलिस ने सतबीर पूनिया और अजीत को आरोपी बनाया था।
बख्शीखाने से फरार दो आरोपी नहीं लगे हाथ
पुलिस सात साल पहले जेल से आरोपियों को पेश करने के लिए कोर्ट में लाई थी। आरोपियों को वहां बख्शीखाने में बंद किया गया था। उनमें वकील पर हमला करने के दो आरोपी पवन सैनी और सोनू थे। वहां से बख्शीखाने की ग्रिल काटकर छह बंदी फरार हो गए थे। उनमें पवन व सोनू भी थे। बाकी फरार बंदी पकड़े गए। वे दोनों आरोपी आज तक पुलिस के हाथ नहीं लगे।