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Hindi News ›   Haryana ›   Hisar News ›   Achievement: Female boxer Pranjal Singhwa selected in Asian Youth Boxing Championship, father is posted as ASI in Panchkula CID

उपलब्धि : महिला बॉक्सर प्रांजल सिंघवा का एशियन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप में चयन, पिता पंचकूला सीआईडी में एएसआई के पद पर हैं तैनात

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Sun, 09 Jan 2022 11:39 PM IST
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Achievement: Female boxer Pranjal Singhwa selected in Asian Youth Boxing Championship, father is posted as ASI in Panchkula CID
प्रांजल सिंघवा। - फोटो : Hisar
बास (हिसार)। क्षेत्र के गांव सिंघवा खास की बेटी प्रांजल सिंघवा का नेशन कप व एशियन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप के लिए चयन हुआ है। रोहतक की नेशनल बॉक्सिंग अकादमी में 3 से 8 जनवरी तक ट्रायल हुआ। ट्रायल में प्रांजल सिंघवा का (70 किलो भारवर्ग में) दो प्रतियोगिताओं के लिए चयन हुआ। पहली नेशन कप प्रतियोगिता 22 से 30 जनवरी के बीच सर्बिया में होगी। वहीं दूसरी एशियन यूथ बॉक्सिंग चैंपियनशिप का आयोजन 22 फरवरी से 15 मार्च तक जॉर्डन के ओमान में होगी। प्रांजल सिंघवा स्कूल नेशनल और नेशनल चैंपियनशिप में 2017 से लगातार स्वर्ण पदक जीतकर नेशनल चैंपियन है। इसके अलावा खेलो इंडिया में दो बार रजत और एक बार कांस्य पदक जीत चुकी हैं। प्रांजल का अगला लक्ष्य विश्व चैंपियनशिप है।
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प्रांजल के पिता संदीप कुमार पंचकूला सीआईडी में एएसआई के पद पर तैनात हैं, जबकि मां सुदेश गृहिणी हैं। दोनों ने बेटी को इस मुकाम तक पहुंचाने में उसका पूरा सहयोग किया। वह सुबह चार बजे उसे अभ्यास के लिए बॉक्सिंग रिंग में पहुंच जाते हैं। प्रांजल सिंघवा ने इसका श्रेय अपने कोच वीरेंद्र डांगी के साथ-साथ अपने माता-पिता व दादा-दादी को भी दिया है। कोच वीरेंद्र डांगी ने बताया कि प्रांजल सिंघवा में गजब की प्रतिभा है। वह रोहतक के ताऊ देवी लाल खेल नर्सरी में वह महज आठ साल की उम्र से बॉक्सिंग के गुर सीख रही है और लगातार कठिन परिश्रम कर अभ्यास कर रही है। अगर वह इसी प्रकार कठिन परिश्रम करती है तो वह दिन दूर नहीं जब वह ओलंपिक में भी पदक अपने नाम करेगी।
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दादा-दादी बोले-हम पोती पर गर्व
प्रांजल सिंघवा के दादा रामफल व दादी सुमाती देवी ने कहा पोती पर उन्हें बहुत गर्व है। आज बेटियों ने बेटों से भी ज्यादा पदक जीतकर देश का मान बढ़ाया है। उसकी प्रेरणा उसके चाचा विकास यादव हैं। वह तीन बार के ओलंपियन हैं। उनसे ही उसे बॉक्सिंग की प्रेरणा मिली। हमारी इच्छा है कि हमारी पोती वर्ल्ड चैंपियनशिप और ओलंपिक में देश के लिए स्वर्ण पदक जीतकर लाए।
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