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Hisar News: सीएलयू सीडी कांड में सबूतों के अभाव में आरोपी कारोबारी भुवनेश बरी

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 02 Dec 2025 01:36 AM IST
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Accused businessman Bhuvnesh acquitted in CLU CD case due to lack of evidence
हिसार। बहुचर्चित सीएलयू सीडी कांड में सोमवार को अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश खत्री सौरभ की अदालत ने हांसी के कारोबारी और भाजपा विधायक विनोद भयाना के करीबी भुवनेश ऐलावादी को सभी आरोपों से बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि अभियोजन पक्ष आरोप साबित करने में पूरी तरह नाकाम रहा और पेश किए गए इलेक्ट्रॉनिक सबूत कानूनी रूप से स्वीकार्य नहीं हैं। इस मामले में तत्कालीन मुख्य संसदीय सचिव विनोद भयाना को पहले ही निर्दोष करार दिया जा चुका है।
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मामला 2013-14 के कथित स्टिंग ऑपरेशन से जुड़ा है। तब प्रदेश में कांग्रेस की सरकार थी और विनोद भयाना मुख्य संसदीय सचिव थे। धर्मेंद्र नाम के व्यक्ति ने एक स्टिंग ऑपरेशन में आरोप लगाया था कि सीएलयू (चेंज ऑफ लैंड यूज) दिलाने के लिए 2.5 करोड़ रुपये और वक्फ बोर्ड की भूमि की लीज के लिए 25-30 लाख रुपये की मांग की गई। यह वीडियो सीडी के रूप में सामने आया और उस समय राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई। हालांकि एफआईआर वर्ष 2016 में भाजपा सरकार के दौरान दर्ज की गई। इसमें भुवनेश ऐलावादी का नाम पहले और विधायक भयाना का बाद में दर्ज हुआ। सीडी कांड में कई वर्षों तक जांच चलती रही लेकिन पहली गिरफ्तारी 2022 में हुई। विजिलेंस ब्यूरो की हिसार टीम ने भुवनेश ऐलावादी को हांसी की गांधी कॉलोनी स्थित उसके घर से गिरफ्तार किया था।
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जांच में यह आया सामने
जांच के दौरान विजिलेंस ने भुवनेश की आवाज के नमूने (वॉइस सैंपल) लिए और उन्हें लैब भेजा। रिपोर्ट में कहा गया कि स्टिंग वीडियो और भुवनेश की आवाज में समानता पाई गई थी। इसी आधार पर उनके खिलाफ आरोप पत्र तैयार किया गया। मगर अदालत में मामले की तस्वीर बदल गई। न्यायालय ने कहा कि सीडी और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री की प्रामाणिकता सिद्ध नहीं की गई। धारा 65-बी का प्रमाणपत्र तकनीकी मानकों पर खरा नहीं उतरा। न तो स्टिंग की मूल मेमोरी चिप पुलिस ने कब्जे में ली और न ही रिकॉर्डिंग की प्रक्रिया स्पष्ट की गई। गवाह धर्मेंद्र ने स्टिंग को लेकर अलग-अलग बयान दिए, जिससे पूरे मामले की विश्वसनीयता पर सवाल उठे। अदालत ने कहा कि केवल विरोधाभासी बयानों और अप्रमाणिक वीडियो के आधार पर किसी को दोषी नहीं ठहराया जा सकता।
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भयाना को निर्दोष बताया गया था
हजकां से विधायक रहे और कांग्रेस सरकार को समर्थन दे रहे वर्तमान भाजपा विधायक विनोद भयाना को जांच एजेंसी ने शुरुआती जांच में ही निर्दोष करार दे दिया था। इस मामले को इंडियन नेशनल लोकदल ने इसे जोर-शोर से उठाया। विनोद भयाना के अलावा राव नरेंद्र सिंह (जो वर्तमान में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष हैं), नरेश सेलवाल, जरनैल सिंह, रामनिवास घोड़ेला व रामकिशन फौजी की भी सीडी थी
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