{"_id":"78-61661","slug":"Hisar-61661-78","type":"story","status":"publish","title_hn":"तकनीकों के पेटेंट में मदद देगा एनआरडीसी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
तकनीकों के पेटेंट में मदद देगा एनआरडीसी
Hisar
Updated Tue, 12 Nov 2013 05:45 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिसार। चौधरी चरण सिंह हरियाणा कृषि विश्वविद्यालय में विकसित की गई तकनीकों को पेटेंट करवाने में नेशनल रिसर्च डेवलपमेंट कॉरपोरेशन मदद करेगा। इसके लिए दोनों संस्थाओं के बीच एक अनुबंध हुआ है। विश्वविद्यालय के मानव संसाधन प्रबंधन निदेशालय में आयोजित एक कार्यक्रम में विश्वविद्यालय के अनुसंधान निदेशक डॉ. एसएस सिवाच और एनआरडीसी के अध्यक्ष एवं महाप्रबंधक डॉ. राजेन्द्र डोभल ने अनुबंध पर हस्ताक्षर किए। अनुबंध के अनुसार एनआरडीसी विश्वविद्यालय की तकनीकों के व्यवसायीकरण में भी सहायता करेगा। विश्वविद्यालय के मानव संसाधन प्रबंधन निदेशक डॉ. राम सिंह ने बताया कि विश्वविद्यालय ने अपने पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप कार्यक्रम के तहत श्रीगंगानगर (राजस्थान) की प्राइवेट बीज कंपनी आईएफएसए सीड्स को राया की आरएच 0749 किस्म का बीज उत्पादन करने और उसकी मार्केटिंग करने के लिए गैर एकाधिकार लाइसेंस प्रदान किया है।
विज्ञापन