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44 मिनट में जनपरिवाद खत्म, 14 में से 9 शिकायतकर्ता आए ही नहीं

Sat, 30 Jun 2018 01:20 AM IST
Updated Sat, 30 Jun 2018 01:20 AM IST
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44 मिनट में जनपरिवाद खत्म, 14 में से 9 शिकायतकर्ता आए ही नहीं
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार। इस बार की जनपरिवाद समिति की बैठक महज 44 मिनट में खत्म हो गई। 14 शिकायतों में से 9 शिकायतकर्ता तो अपना पक्ष रखने ही नहीं आए। विभागों के अधिकारियों ने मंत्री के सामने जवाब दिया कि संबंधित पक्ष ने समझौता कर लिया है। संतुष्ट होने के कारण नहीं आए। पुलिस के खिलाफ पांच शिकायतें थी। जिसमें एक भी व्यक्ति शिकायत के बारे में अपना पक्ष रखने नहीं आया।
जनपरिवाद समिति की पिछली बैठक में मंत्री डॉ. बनवारीलाल ने कैमरी के स्कूल में बिजली कनेक्शन तीन दिन में जुड़वाने के आदेश दिए थे। मंत्री के यह आदेश महीना भर से ज्यादा होने पर भी पूरे नहीं हुए। मंत्री ने रिपोर्ट मांगी तो शिक्षा अधिकारी जवाब नहीं दे सके। डीसी ने कहा कि सात दिन में कनेक्शन नहीं किया तो बिजली निगम तथा शिक्षा विभाग दोनों पर कार्रवाई करेंगे।
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डॉ. बनवारी लाल ने जिला शिक्षा अधिकारी बलजीत सहरावत को कैमरी स्कूल में कनेक्शन दोबारा जुड़वाने के आदेश दिए थे। एक माह बीत जाने के बावजूद इन आदेशों की कोई पालना नहीं हुई। मंत्री ने बैठक में अधिकारी से जवाब मांगा तो बजट का बहाना बनाकर पल्ला झाड़ लिया। मंत्री डॉ. बनवारी लाल और डीसी अशोक कुमार मीणा ने जिला शिक्षा अधिकारी को फटकार लगाई। साथ ही जिला शिक्षा अधिकारी और स्कूल प्रिंसिपल से जवाब मांगा। राज्यमंत्री डॉ. बनवारी लाल ने ये भी कहा कि अगली बैठक में पिछली मीटिंग में दिए निर्देशों की अनुपालना में की गई कार्रवाई की रिपोर्ट भी पेश की जाए। 14 फरवरी 2015 को बिल न भरने पर स्कूल का कनेक्शन काट दिया था। समिति सदस्य प्रवीण जैन ने स्कूल का कनेक्शन आदेश देने के बावजूद न जोड़े जाने का मुद्दा उठाया था।
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इस पर मंत्री डॉ. बनवारी लाल ने जिला शिक्षा अधिकारी बलजीत सहरावत से जवाब मांगा। जिला शिक्षा अधिकारी सहरावत ने जवाब दिया कि विभाग के पास बिल भरने के लिए फंड नहीं है। यह जवाब सुनकर डीसी भड़क गए। डीसी ने जिला शिक्षा अधिकारी से सवाल किया कि अभी तक स्कूल का 33 हजार रुपये का बिल अदा क्यों नहीं किया गया और यदि कोई दिक्कत थी तो उनके संज्ञान में क्यों नहीं लाई गई।
फौजी एनक्लेव के निवासियों ने उनकी कालोनी को पीने के पानी की आपूर्ति करवाने की मांग रखी जिस पर सुनवाई करते हुए राज्यमंत्री ने कहा कि किसी कालोनी को सुविधाएं तभी दी जा सकती हैं जब उसमें 50 प्रतिशत बसासत होगी तब पेयजल उपलब्ध करवाया जाएगा।
जन परिवाद समिति की बैठक में जातिवाद का मुद्दा भी उठा। बरवाला के लीलाराम की शिकायत का मामला जब मंत्री के सामने रखा गया तो भाजपा के पूर्व जिलाध्यक्ष प्रो. केएल रिणवा ने शिकायत में ठेकेदार की जाति साथ में लिखे जाने पर आपत्ति जताई। एक तरफ तो सरकार कह रही है कि जातिवाद में विश्वास नहीं रखते। दूसरी तरफ ऐसी बैठकों में शिकायतें आती है तो संबंधित व्यक्ति की जाति लिख दी जाती।

रीडिंग न लेने पर फटकार
हांसी के गांव बास बादशाहपुर के महेंद्र सिंह ने शिकायत रखी थी कि उसका बिजली कनेक्शन बीपीएल योजना के तहत लगा हुआ है। बकाया बिजली बिल 32674 है। उसने कहा कि वह 10 हजार रुपये जमा करवा देगा लेकिन बाकि राशि माफ की जाए। कार्यकारी अभियंता ने बताया कि फरियादी ने 2011 के बाद बिजली बिल नहीं भरा है। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसे पहले बिल नहीं मिलते थे। जो बिल भेजे गए वह रीडिंग आधार की बजाय औसत आधार पर भेजे गए। राज्यमंत्री ने बिजली निगम के एक्सईन बिजेंद्र लांबा को फटकार लगाते हुए कहा कि बिजली निगम उपभोक्ताओं के मीटरों की रीडिंग क्यों नहीं लेता और बिल औसत आधार पर क्यों भेजे जाते हैं।

मोटर 2 घंटे से ज्यादा खराब हुई तो एसई होंगे जिम्मेदार
हांसी के गांव मसूदपुर की सरपंच पूजा व ग्रामीणों कुलदीप, धर्मवीर आदि ने शिकायत रखी कि सूक्ष्म सिंचाई परियोजना के 2 ब्लॉक की पाइप लाइन लीक हो गई। मोटर खराब हो गई, जिससे उनके खेतों में सिंचाई नहीं हो पा रही है। विभाग के अधीक्षक अभियंता ने बताया कि पाइपों की लीकेज व मोटर को ठीक करवा दिया गया है। विधायक डॉ. कमल गुप्ता के सुझाव पर राज्यमंत्री ने निर्देश दिए कि यदि भविष्य में यह मोटर 2 घंटे खराब होने के बावजूद बदली नहीं जाती है तो इसके लिए अधीक्षक अभियंता को जिम्मेदार मानते हुए उन्हें सस्पेंड किया जाएगा।


बैंक लोन मामले की एडीसी करेंगे जांच
बरवाला के गांव बधावड़ के कुलदीप ने शिकायत रखी थी कि उसने पीएमईजीपी (प्रधानमंत्री रोजगार सृजन कार्यक्रम) के तहत स्वरोजगार के लिए 10 लाख के ऋण के लिए आवेदन किया था लेकिन एसबीआई ने उसे बैंक लोन डिफॉल्टर कहते हुए ऋण देने से मना कर दिया। अतिरिक्त उपायुक्त अमरजीत सिंह मान को इस मामले की जांच के आदेश दिए।
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