{"_id":"595943634f1c1b7e678b4ae5","slug":"91499022179-hisar-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"नाबालिग की शादी रुकवाई, बिना दुल्हन के बैरंग लौटी बारात","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
नाबालिग की शादी रुकवाई, बिना दुल्हन के बैरंग लौटी बारात
Updated Mon, 03 Jul 2017 12:32 AM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
अमर उजाला न्यूज
हिसार।
महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी रविवार दोपहर पुलिस बल के साथ टिब्बा दानाशेर एरिया में पहुंची। वहां 16 साल की एक नाबालिग लड़की के फेरों की तैयारी चल रही थी। टीम ने परिजनों से बात कर नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी।
टिब्बा दानाशेर एरिया के एक परिवार ने अपनी 16 साल की बेटी की शादी तय कर रखी थी। डीजे पर तेज धुन में गाने बज रहे थे और किशोरी का दुल्हन के रूप में शृंगार किया जा रहा था। महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं। बारात आने वाली थी। कुनबे के लोग बारात का इंतजार कर रहे थे कि बारात से पहले महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी सहायक सचिन मेहता और पुलिस बल के साथ आ पहुंची। यह देखकर शामियाने में मौजूद लोग दंग रह गए। महिला अधिकारी ने किशोरी के पिता एवं कुनबे के अन्य लोगों को बुलाकर उनसे दुल्हन के बालिग होने संबंधी डॉक्यूमेंट मांगे, लेकिन वे ऐसा कोई सबूत नहीं पेश नहीं कर पाए। इसके बाद महिला अधिकारी ने उनको किशोरी की शादी रोकने की हिदायत दी। उन्होंने परिजनों से यह लिखवाया कि वे अब किशोरी की शादी उसके बालिग होने पर करेंगे। बारात आई और परिजनों ने बारातियों को खाना खिलाकर बैरंग लौटा दिया। महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी का कहना है कि नाबालिग की शादी करने पर अभिभावकों के खिलाफ केस दर्ज किया जा सकता है।
फोटो - 39
विज्ञापन
हिसार।
महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी रविवार दोपहर पुलिस बल के साथ टिब्बा दानाशेर एरिया में पहुंची। वहां 16 साल की एक नाबालिग लड़की के फेरों की तैयारी चल रही थी। टीम ने परिजनों से बात कर नाबालिग लड़की की शादी रुकवा दी।
टिब्बा दानाशेर एरिया के एक परिवार ने अपनी 16 साल की बेटी की शादी तय कर रखी थी। डीजे पर तेज धुन में गाने बज रहे थे और किशोरी का दुल्हन के रूप में शृंगार किया जा रहा था। महिलाएं मंगल गीत गा रही थीं। बारात आने वाली थी। कुनबे के लोग बारात का इंतजार कर रहे थे कि बारात से पहले महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी सहायक सचिन मेहता और पुलिस बल के साथ आ पहुंची। यह देखकर शामियाने में मौजूद लोग दंग रह गए। महिला अधिकारी ने किशोरी के पिता एवं कुनबे के अन्य लोगों को बुलाकर उनसे दुल्हन के बालिग होने संबंधी डॉक्यूमेंट मांगे, लेकिन वे ऐसा कोई सबूत नहीं पेश नहीं कर पाए। इसके बाद महिला अधिकारी ने उनको किशोरी की शादी रोकने की हिदायत दी। उन्होंने परिजनों से यह लिखवाया कि वे अब किशोरी की शादी उसके बालिग होने पर करेंगे। बारात आई और परिजनों ने बारातियों को खाना खिलाकर बैरंग लौटा दिया। महिला एवं बाल संरक्षण अधिकारी बबीता चौधरी का कहना है कि नाबालिग की शादी करने पर अभिभावकों के खिलाफ केस दर्ज किया जा सकता है।
विज्ञापन
फोटो - 39