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हिसार: अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में पहुंचे ब्लैक फंगस के नौ नए मामले, सभी की हालत ठीक

Mon, 17 May 2021 12:55 AM IST
रोहतक ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा)
संवाद न्यूज एजेंसी, हिसार (हरियाणा) Published by: रोहतक ब्यूरो Updated Mon, 17 May 2021 12:55 AM IST
सार

डॉक्टरों के अनुसार, इस फंगल संक्रमण की शुरुआत नाक से ही होती है। देरी होने के बाद ही यह संक्रमण आंखों पर असर करता है। यदि समय रहते संक्रमण का पता लिया लगा लिया जाए तो जल्द ठीक होने की संभावना रहती है।
 

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Nine more cases of Black Fungus Admitted to Agroha Medical College in Hisar of Haryana
अग्रोहा मेडिकल कॉलेज। - फोटो : फाइल फोटो

विस्तार

हरियाणा में ब्लैक फंगस के केस बढ़ते जा रहे हैं। हिसार के अग्रोहा मेडिकल कॉलेज में ब्लैक फंगस के नौ नए मामले सामने आए हैं। चिकित्सकों के मुताबिक इन सभी मरीजों में अभी फंगल संक्रमण के लक्षणों की शुरुआत हुई है। ऐसे में इन मरीजों की हालत ठीक है। फिलहाल सभी मरीजों का एंटीफंगल दवा देकर उपचार शुरू कर दिया गया है और कुछ मरीजों में संक्रमण को फैलने से रोकने के लिए इंजेक्शन भी लगाए गए हैं। इससे पहले यहां आठ मरीज भर्ती थे। 

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आठ संक्रमित मरीज गंभीर हालत के चलते कोविड-19 वार्ड में दाखिल हैं और 9 मरीजों को अलग से रखा गया है। जहां पर कोरोना से रिकवर होने वाले मरीजों को रखा जाता है। इनको मिलाकर अब तक मेडिकल कॉलेज में 17 मामले आ चुके हैं।
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मेडिकल कॉलेज के आंख रोग विभाग के एचओडी डॉ. प्रवीण कुमार का कहना है कि अभी एक मरीज का ऑपरेशन किया गया है, जिसकी नाक से संक्रमण निकाला गया है। सोमवार को भी दो मरीजों का ऑपरेशन किया जाना है। फिलहाल ऑपरेशन से शुरुआत की गई है। यदि ऑपरेशन से ये सभी मरीज जल्दी ठीक होते हैं तो सभी मरीजों का नाक से फंगल का संक्रमण निकालने के लिए ऑपरेशन किया जाएगा। इसका परिणाम एक या 2 दिन में ही देखने को मिल जाएगा। फिर इसी आधार पर सभी मरीजों का उपचार करेंगे।

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इस तरह के मामले आ रहे सामने

  • मेडिकल कॉलेज में जिन मरीजों का आइसोलेशन वार्ड में उपचार चल रहा है, उनमें भी फंगल संक्रमण के लक्षण मिल रहे हैं।
  • जो मरीज कोरोना से ठीक हो कर घर जा चुके है और उनमें भी 3 से 4 सप्ताह बाद फंगल संक्रमण के लक्षण आ रहे हैं।
  • ऐसे मरीज जिन्होंने अभी तक टेस्ट नहीं करवाया है, उनमें भी यह लक्षण पाए जा रहे हैं। इनका पहले कोरोना टेस्ट किया जाएगा, ताकि पता चले कि कोरोना से आए हैं या नहीं।
फंगल कल्चर टेस्ट से मिलती है जानकारी

विशेषज्ञ के मुताबिक ब्लैक फंगस का पता लगाने के लिए कोविड से अलग केओएच यानी फंगल कल्चर टेस्ट करवाया जाता है। उसी से पता चलता है कि यह फंगल संक्रमण है या नहीं। इसके अलावा मरीज का सीटी स्कैन भी करवा लेते हैं, उससे भी संक्रमण का पता लग जाता है। यह सुविधा मेडिकल कॉलेज की माइक्रोबायोलॉजी लैब में उपलब्ध है।

अभी तक ब्लैक फंगस के 17 मरीजों का मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। मरीजों को स्वस्थ करने के लिए हर तरह का प्रयास किया जा रहा है। - डॉ. गीतिका दुग्गल, डायरेक्टर, अग्रोहा मेडिकल कॉलेज।

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