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9 माह बीते, मिड डे मील के तहत बच्चों को नहीं मिल रहा दूध

Amar Ujala Bureau अमर उजाला ब्यूरो
Updated Tue, 03 Aug 2021 01:36 AM IST
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9 months passed, children are not getting milk under mid day meal
हिसार। निदेशालय ने भुगतान नहीं किया तो मिल्क प्लांट ने दूध की आपूर्ति रोक दी, जिसके बाद पिछले 9 माह से मिड-डे-मील के तहत सरकारी स्कूलों के 106348 विद्यार्थियों को दूध नहीं मिल पा रहा है। मिड-डे-मील के तहत सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को दूूध देने की योजना शुरू की गई थी। कोरोना काल में शिक्षा निदेशालय की ओर से सरकारी स्कूलों में सूखा राशन देने के आदेश जारी हुए थे। जिसमें केवल गेहूं व चावल विद्यार्थियों को वितरित किए जाते हैं।
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सरकारी स्कूलों में पहली से 8वीं कक्षा तक के विद्यार्थियों को मिड-डे-मील के तहत पांच फ्लेवर में दूध दिया जाता है। जिसमें प्रति विद्यार्थी को 200 मिली लीटर दूध मिलता था। जिसमें गुलाब, इलायची, वनीला, चॉकलेट और बटर स्कॉच फ्लेवर शामिल है।
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जिले में ये है पहली से 8वीं कक्षा के विद्यार्थियों की संख्या
कक्षा विद्यार्थियों की संख्या
पहली 11386
दूसरी 13575
तीसरी 13521
चौथी 13295
पांचवीं 14071
छठी 13667
सातवीं 13218
आठवीं 13615
कुल जोड़ 106348
बीते त्रिमासिक में दिया जाने वाला सूखा राशन
पहली से 5वीं कक्षा में मिलने वाले गेहूं क्विंटल में
अप्रैल से जून 103.5
जुलाई से सितंबर 155.25
अक्टूबर से दिसंबर 130.50
जनवरी से मार्च 130.50
पहली से 5वीं कक्षा में मिलने वाले चावल क्विंटल में
अप्रैल से जून 126.5
जुलाई से सितंबर 189.75
अक्टूबर से दिसंबर 159.50
जनवरी से मार्च 159.50
5वीं से 8वीं कक्षा में मिलने वाले गेहूं क्विंटल में
अप्रैल से जून 117.9
जुलाई से सितंबर 171.00
अक्टूबर से दिसंबर 126.88
जनवरी से मार्च 126.88
5वीं से 8वीं कक्षा में मिलने वाले चावल क्विंटल में
अप्रैल से जून 144.1
जुलाई से सितंबर 209.00
अक्टूबर से दिसंबर 163.12
जनवरी से मार्च 163.12
मिड-डे-मील के तहत अक्टूबर से विद्यार्थियों को दूध नहीं मिला है, जबकि कोरोना काल में विद्यार्थियों के मानसिक स्तर को देखते हुए दूध मिलना चाहिए था। शिक्षा निदेशालय से संपर्क किया जा रहा है। जैसे आदेश होंगे, वैसे लागू किया जाएगा।
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-धनपत राम, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी, हिसार।
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