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बलिदान दिवस पर सरकार को अल्टीमेटम...
Updated Mon, 19 Feb 2018 01:01 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव रामभगत मलिक ने सरकार को 31 मार्च तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस बार सरकार ने धोखा दिया तो आरपार की बात होगी। या तो सरकार रहेगी या हम।
रामायण रेलवे ट्रैक पर बलिदान दिवस के मौके पर महासचिव रामभगत मलिक ने संबोधित किया कि पिछले 27 सालों से हमारे साथ भेदभाव होता आ रहा है। इस भेदभाव को खत्म कर जाट समाज को उनका हक दिलाने के लिए समिति काम कर रही है। 13 राज्यों के जाटों को एक मंच पर लाने का काम किया गया है। खेती करने वाली जातियों को आरक्षण दिया गया। जाटों को दो बार आरक्षण देकर खत्म किया गया। देश में ऐसी कोई दूसरी जाति नहीं, जिसे आरक्षण देकर वापस खत्म किया गया हो। जाट समाज के साथ लगातार साजिश और षड्यंत्र किए जा रहे हैं। जब तक हम एकजुट नहीं होंगे, इस तरह की साजिश होती रहेंगी।
भाजपा सरकार ने 19 मार्च 2017 को समझौता किया था। शुरुआती दौर में कुछ काम किया, उसके बाद इस पर काम करना बंद कर दिया। अब अमित शाह की रैली से पहले सरकार ने दोबारा से हमारी मांगों को माना है। सीएम ने 31 मार्च तक मांगें पूरा करने का वादा किया है। सरकार को अल्टीमेटम दिया कि 31 मार्च तक सभी केस वापस लें। युवाओं को जेलों से बाहर निकालें। जाट समाज को आरक्षण दें। हमारी मांग पूरी नहीं की तो इस बार सरकार से आरपार हो जाएगा।
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जाट समाज सबसे बड़ा संगठन : रामभगत मलिक
रामभगत मलिक ने कहा कि 2010 में आरक्षण आंदोलन ढाई जिलों में शुरू हुआ था। अब 21 जिलों में पहुंच गया है। कांग्रेस सरकार ने तीन साल में तीन लोगों की जान ली। भाजपा ने सरकार बनने के दो साल में 18 जानें ले ली। प्रदेश महासचिव ने भाजपा सरकार को चेतावनी दी कि भाजपा आरएसएस को सबसे बड़ा संगठन बताती है। भाजपा को जान लेना चाहिए कि जाट समाज सबसे बड़ा संगठन बन चुका है। इस बार वादाखिलाफी पर चुुप नहीं रहेंगे।
23 के घेराव का न्योता द्भ भारतीय किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश कौथ ने कहा कि समाज के आंदोलन में साथ रहेंगे। हम किसान भी हैं। सरकार बनने से पहले भाजपा ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का एलान किया था। 23 फरवरी को दिल्ली घेराव करने के लिए ट्रैक्टरों में सवार होकर चलो। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अपने बिस्तर भी डाल लेना।
हिसार में भी होगा कोचिंग सेंटर
इस मौके पर प्रदेश सचिव बलवान सिंह सुंडा ने कहा कि जाट समाज के युवाओं को शिक्षा पर भी ध्यान देना होगा। जाट समाज की ओर से रोहतक में कोचिंग सेंटर की नींव रखी गई है। जल्द ही हिसार में भी इसकी ब्रांच शुरू की जाएगी। प्रदेश के हर जिले में यह कोचिंग सेंटर होगा। इस मौके पर ईश्वर मोर, जयमहेंद्र पटवारी, प्रताप सिंह, रणधीर सिंह, संतोष पानू, धर्मपाल बड़ाला, दलजीत फौजी, बिजेंद्र मलिक, राजबाला राखी, सुलतान लाडवी, बलदेव भाकर, किरोडी के सरपंच समुुद्र वाल्मीकि, अजय मलिक, नरेंद्र सिंह सहित अन्य ने संबोधित किया।
पुष्प अर्पित कर रागिनी के जरिए नमन
इस मौके पर जाट आरक्षण में मारे गए लोगों के चित्र लगाए गए। बलिदान दिवस पर पहुंचने वालों ने चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। समिति के सदस्यों ने सबसे पहले माल्यार्पण कर इसकी शुरुआत की। रागिनी के जरिये भी शहीदों को नमन किया।
शॉल भेंट कर सम्मान दिया...
इस मौके पर जाट समाज के लिए जान देने वाले सुनील श्योराण की माता, धरने के दौरान हादसे में मारी गई राजबाला के पति को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
पुलिस टीम ने लगाए नाके
बलिदान दिवस समारोह के लिए रामायण रेलवे ट्रैक पर रेलवे पुुलिस को लगाया गया था। इसके अलावा नेशनल हाईवे के पास पुलिस बल तैनात रहा। हिसार में भानू चौक के पास भी पुुलिस की टीम रही। शाम करीब चार बजे समारोह खत्म होने पर पुलिस बल वापस लौटा।
ट्रैक के पास डटे रहे ड्यूटी मजिस्ट्रेट...
जिला राजस्व अधिकारी राजेंद्र जांगड़ा, हुडा के संपदा अधिकारी सुमित कुमार बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट रेलवे ट्रैक के पास तैनात रहे। इसके अलावा रेलवे के कुछ कर्मचारी रेलवे लाइन के पास रहे।
संख्या रही कम....
बलिदान दिवस में एक हजार लोग भी नहीं जुट सके। कम संख्या पर रामभगत मलिक ने कहा कि हमने बलिदान दिवस के लिए प्रचार-प्रसार नहीं किया था। केवल वही लोग आए हैं, जिनके दिल में दर्द था, जो अपने शहीदों को याद करना चाहते हैं।
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हिसार।
अखिल भारतीय जाट आरक्षण संघर्ष समिति के प्रदेश महासचिव रामभगत मलिक ने सरकार को 31 मार्च तक का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि इस बार सरकार ने धोखा दिया तो आरपार की बात होगी। या तो सरकार रहेगी या हम।
रामायण रेलवे ट्रैक पर बलिदान दिवस के मौके पर महासचिव रामभगत मलिक ने संबोधित किया कि पिछले 27 सालों से हमारे साथ भेदभाव होता आ रहा है। इस भेदभाव को खत्म कर जाट समाज को उनका हक दिलाने के लिए समिति काम कर रही है। 13 राज्यों के जाटों को एक मंच पर लाने का काम किया गया है। खेती करने वाली जातियों को आरक्षण दिया गया। जाटों को दो बार आरक्षण देकर खत्म किया गया। देश में ऐसी कोई दूसरी जाति नहीं, जिसे आरक्षण देकर वापस खत्म किया गया हो। जाट समाज के साथ लगातार साजिश और षड्यंत्र किए जा रहे हैं। जब तक हम एकजुट नहीं होंगे, इस तरह की साजिश होती रहेंगी।
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भाजपा सरकार ने 19 मार्च 2017 को समझौता किया था। शुरुआती दौर में कुछ काम किया, उसके बाद इस पर काम करना बंद कर दिया। अब अमित शाह की रैली से पहले सरकार ने दोबारा से हमारी मांगों को माना है। सीएम ने 31 मार्च तक मांगें पूरा करने का वादा किया है। सरकार को अल्टीमेटम दिया कि 31 मार्च तक सभी केस वापस लें। युवाओं को जेलों से बाहर निकालें। जाट समाज को आरक्षण दें। हमारी मांग पूरी नहीं की तो इस बार सरकार से आरपार हो जाएगा।
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जाट समाज सबसे बड़ा संगठन : रामभगत मलिक
रामभगत मलिक ने कहा कि 2010 में आरक्षण आंदोलन ढाई जिलों में शुरू हुआ था। अब 21 जिलों में पहुंच गया है। कांग्रेस सरकार ने तीन साल में तीन लोगों की जान ली। भाजपा ने सरकार बनने के दो साल में 18 जानें ले ली। प्रदेश महासचिव ने भाजपा सरकार को चेतावनी दी कि भाजपा आरएसएस को सबसे बड़ा संगठन बताती है। भाजपा को जान लेना चाहिए कि जाट समाज सबसे बड़ा संगठन बन चुका है। इस बार वादाखिलाफी पर चुुप नहीं रहेंगे।
23 के घेराव का न्योता द्भ भारतीय किसान संघर्ष समिति के अध्यक्ष सुरेश कौथ ने कहा कि समाज के आंदोलन में साथ रहेंगे। हम किसान भी हैं। सरकार बनने से पहले भाजपा ने स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने का एलान किया था। 23 फरवरी को दिल्ली घेराव करने के लिए ट्रैक्टरों में सवार होकर चलो। ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में अपने बिस्तर भी डाल लेना।
हिसार में भी होगा कोचिंग सेंटर
इस मौके पर प्रदेश सचिव बलवान सिंह सुंडा ने कहा कि जाट समाज के युवाओं को शिक्षा पर भी ध्यान देना होगा। जाट समाज की ओर से रोहतक में कोचिंग सेंटर की नींव रखी गई है। जल्द ही हिसार में भी इसकी ब्रांच शुरू की जाएगी। प्रदेश के हर जिले में यह कोचिंग सेंटर होगा। इस मौके पर ईश्वर मोर, जयमहेंद्र पटवारी, प्रताप सिंह, रणधीर सिंह, संतोष पानू, धर्मपाल बड़ाला, दलजीत फौजी, बिजेंद्र मलिक, राजबाला राखी, सुलतान लाडवी, बलदेव भाकर, किरोडी के सरपंच समुुद्र वाल्मीकि, अजय मलिक, नरेंद्र सिंह सहित अन्य ने संबोधित किया।
पुष्प अर्पित कर रागिनी के जरिए नमन
इस मौके पर जाट आरक्षण में मारे गए लोगों के चित्र लगाए गए। बलिदान दिवस पर पहुंचने वालों ने चित्रों पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। समिति के सदस्यों ने सबसे पहले माल्यार्पण कर इसकी शुरुआत की। रागिनी के जरिये भी शहीदों को नमन किया।
शॉल भेंट कर सम्मान दिया...
इस मौके पर जाट समाज के लिए जान देने वाले सुनील श्योराण की माता, धरने के दौरान हादसे में मारी गई राजबाला के पति को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया।
पुलिस टीम ने लगाए नाके
बलिदान दिवस समारोह के लिए रामायण रेलवे ट्रैक पर रेलवे पुुलिस को लगाया गया था। इसके अलावा नेशनल हाईवे के पास पुलिस बल तैनात रहा। हिसार में भानू चौक के पास भी पुुलिस की टीम रही। शाम करीब चार बजे समारोह खत्म होने पर पुलिस बल वापस लौटा।
ट्रैक के पास डटे रहे ड्यूटी मजिस्ट्रेट...
जिला राजस्व अधिकारी राजेंद्र जांगड़ा, हुडा के संपदा अधिकारी सुमित कुमार बतौर ड्यूटी मजिस्ट्रेट रेलवे ट्रैक के पास तैनात रहे। इसके अलावा रेलवे के कुछ कर्मचारी रेलवे लाइन के पास रहे।
संख्या रही कम....
बलिदान दिवस में एक हजार लोग भी नहीं जुट सके। कम संख्या पर रामभगत मलिक ने कहा कि हमने बलिदान दिवस के लिए प्रचार-प्रसार नहीं किया था। केवल वही लोग आए हैं, जिनके दिल में दर्द था, जो अपने शहीदों को याद करना चाहते हैं।