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बिश्नोई समाज में अब 16 की बजाय 12 दिन का होगा शोक
Updated Fri, 16 Feb 2018 01:33 AM IST
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हिसार (बीकानेर)। बिश्नोई समाज में अब मृत्यु होने पर 16 दिन की बजाय 12 दिन का शोक होगा। यह घोषणा वीरवार को बीकानेर के मुकाम में आयोजित फाल्गुन मेले में पूरे देश से पहुंचे बिश्नोई समाज को संबोधित करते हुए अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के संरक्षक कुलदीप बिश्नोई ने की। पूर्व मुख्यमंत्री चौ. भजनलाल ने भी बिश्नोई समाज में 29 दिन का शोक घटाकर 16 का कर दिया था और अब समय के साथ तथा समाज की मांग को देखते हुए कुलदीप बिश्नोई ने समाज के सभी संतों, प्रबुद्ध बुद्धिजीवियों और आम जनमानस के साथ विचार विमर्श करके बिश्नोई समाज में शोक के दिनों को घटाने का एलान किया। उन्होंने कहा कि वैसे तो किसी भी परिवार के लिए पारिवारिक सदस्य के जाने से आजीवन उसका शोक समाप्त नहीं होता, लेकिन समय के साथ चलना पड़ता है। पिछले कई वर्षों से यह मांग समाज की ओर से उठ रही थी, इसलिए इस दिशा में यह कदम उठाया गया है। इस दौरान गो सेवक संत गोपालदास भी उपस्थित थे। कुलदीप ने कहा कि गुरु जंभेश्वर महाराज ने 16वीं शताब्दी में मानव समाज को एक नई वैचारिक क्रांति दी थी और अपनी वाणी के द्वारा पुरातन वैदिक परंपरा को कायम किया और यज्ञ के महत्व को सार्थक करते हुए इसे पर्यावरण शुद्धि के लिए अत्यंत आवश्यक बताया था।
इस अवसर पर फलौदी के विधायक पब्बारमाम, महासभा के अध्यक्ष हीरा राम भंवाल, पूर्व विधायक हीरालाल, पूर्व संसदीय सचिव दूड़ाराम, रामस्वरूप मांझू, हुकमा राम, हनुमान गोदारा, विनोद धारणिया, रामस्वरूप धारणिया, सोम प्रकाश सिगड़, देवेंद्र बुढ़िया, सुभाष देहूडू, वेद कड़वासरा, सहदेव कालीराणा, राम सिंह कसवा, राजाराम खिचड़ सहित संत समाज उपस्थित रहा।
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इस अवसर पर फलौदी के विधायक पब्बारमाम, महासभा के अध्यक्ष हीरा राम भंवाल, पूर्व विधायक हीरालाल, पूर्व संसदीय सचिव दूड़ाराम, रामस्वरूप मांझू, हुकमा राम, हनुमान गोदारा, विनोद धारणिया, रामस्वरूप धारणिया, सोम प्रकाश सिगड़, देवेंद्र बुढ़िया, सुभाष देहूडू, वेद कड़वासरा, सहदेव कालीराणा, राम सिंह कसवा, राजाराम खिचड़ सहित संत समाज उपस्थित रहा।
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