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तहसीलदार कार्यालय में जबरदस्ती हस्ताक्षर मामले की रिपोर्ट सीएम सेल को भेजी

Sun, 24 Sep 2017 12:44 AM IST
Updated Sun, 24 Sep 2017 12:44 AM IST
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तहसीलदार कार्यालय में जबरदस्ती हस्ताक्षर मामले की रिपोर्ट सीएम सेल को भेजी
अमर उजाला ब्यूरो
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हिसार।
तहसीलदार कार्यालय में सीएम विंडो की शिकायत पर जबरदस्ती हस्ताक्षर कराने के मामले में मिलगेट संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल शनिवार को भाजपा निगरानी समिति के लोकसभा संयोजक मनदीप मलिक, बरवाला विधानसभा संयोजक अनिल ग्रेवाल, हिसार विधानसभा संयोजक हनुमान से मिला। पूरी जानकारी लेने के बाद निगरानी समिति ने इस बारे में पूरी रिपोर्ट सीएम सेल को भेजकर उच्चस्तरीय जांच की मांग की है।
सीएम विंडो की शिकायत वापस लेने के लिए जबरदस्ती हस्ताक्षर कराने का मामला सीएम सेल तक पहुंच गया है। मिलगेट संघर्ष समिति का प्रतिनिधिमंडल शनिवार दोपहर पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में पहुंचा। प्रतिनिधिमंडल ने निगरानी समिति के लोकसभा संयोजक मनदीप मलिक, बरवाला विधानसभा संयोजक अनिल ग्रेवाल, हिसार विधानसभा संयोजक हनुमान को अपनी शिकायत सौंपी। इसमें बताया कि मिलगेट निवासी सुखदेव चहल पैैमाइश कराने की मांग को लेकर तहसील कार्यालय गए थे। यहां तहसीलदार कणब लाकड़ा ने कहा कि आप लोगों ने सीएम विंडो में शिकायत डाल रखी है। आरटीआई भी मांग रखी है। पहले अपनी सीएम विंडो की शिकायत वापस ले लो। तहसीलदार ने मौके पर ही अपने कानूनगो को बुला लिया। तहसीलदार ने कहा कि इन लोगों से लिखवा लो कि मौके पर पैमाइश हो चुकी है। हम प्रशासन की कार्रवाई से संतुष्ट हैं। प्रधान सुुखदेव ने कहा कि मौके पर पैमाइश नहीं है। इस पर तहसीलदार बोले, पैमाइश का काम हम सोमवार या मंगलवार को कर देंगे। कानूनगो ने अपने हाथ से यह लेटर लिखकर प्रदीप और सुखदेव को हस्ताक्षर के लिए दे दिया। जानकारी मिलने पर निगरानी समिति संयोजक मनदीप मलिक मौके पर पहुंचे थे। मिलगेट के लोगों ने इस मामले में एचसीएस अधिकारी से जांच कराने की मांग की है।
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बिना काम पूरा कराए इस तरह से हस्ताक्षर कराना पूरी तरह से गलत है। कुछ अधिकारी सीएम विंडो को गंभीरता से नहीं ले रहे। निगरानी समिति के सदस्यों की मौजूदगी के बिना शिकायत का निपटारा नहीं किया जा सकता। सीएम के भ्रष्टाचार पर जीरो टोलरेंस की नीति को कहीं पर भी विफल नहीं होने देंगे।
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-मनदीप मलिक, संयोजक, लोकसभा निगरानी समिति, हिसार।

पैमाइश के लिए सेटेलाइट मशीन का खर्च समिति को देना है। इस कारण सेटेलाइट पैमाइश अटकी हुई है। शुक्रवार को इन लोगों को यही कहा था कि पैसा नहीं दे रहे तो अपनी शिकायत वापस ले लो। कोई जबरदस्ती नहीं की गई। अगर शिकायत वापस नहीं लेना चाहते तो काई बात नहीं। अगले सप्ताह में पैमाइश कराने का प्रोग्राम तय किया हुआ है।
-कणब लाकड़ा, तहसीलदार हिसार

शिकायत ऐसे वापस करा सकते हैं अधिकारी
नियमों के अनुसार जब तक निगरानी समिति के विधानसभा संयोजक और उनकी टीम के सदस्य मौके पर नहीं होते तब तक सीएम विंडो की शिकायत को वापस नहीं लिया जा सकता। सीएम विंडो की शिकायतों को हल करने के समय भी इन लोगों की मौजूदगी अनिवार्य की गई है।

संघर्ष समिति के सदस्यों ने पूरी जानकारी दी है। हमें लिखित में शिकायत भी दी है। मैंने इस बारे में सीएम सेल को पूरा केस भेज दिया है। इसमें मामले की उच्च स्तरीय कमेटी से जांच की मांग की है।

-अनिल ग्रेवाल, संयोजक, बरवाला विधानसभा हिसार

यहां से जानिए पूरा मामला
डीसीएम की 13 कनाल जमीन पर कब्जा था। हाईकोर्ट के आदेश पर पिछले साल यहां 120 मकान ध्वस्त कर कब्जे छुड़ाए गए थे। मौके पर 29 कनाल जमीन खाली कराई गई है। लोगों का आरोप है कि डीसीएम की ओर से पूरी जमीन पर दीवार खींचने का प्रयास किया जा रहा है। मिलगेट संघर्ष समिति लगातार इसका विरोध कर रही है। इस मामले में संघर्ष समिति के सदस्यों ने सीएम विंडो पर भी पैमाइश के लिए शिकायत दी हुई है।
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