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आम लोगों पर पड़ सकता है बोझ
Updated Tue, 09 Jan 2018 01:10 AM IST
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अमर उजाला ब्यूरो
हिसार।
प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं पर नए बिजली बिलों के साथ बोझ पड़ने वाला है। इस बार उपभोक्ताओं से बढ़े हुए एम टैक्स (म्युनिसिपल टैक्स) के हिसाब से अदायगी होगी। इतना ही नहीं बिजली निगम नवंबर और दिसंबर महीने से बढ़े हुए एम टैक्स की राशि उपभोक्ताओं से वसूलेगी। पहले एम टैक्स उपभोक्ताओं से पांच पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से लिया जा रहा था, अब यह लगभग तीन गुणा बढ़ जाएगा। यह कुल बिल की राशि का दो प्रतिशत होगा।
बिजली निगम से नगर निगम और पालिकाओं को जाने वाला एम टैक्स अब पांच पैसे के स्थान पर बिल की राशि का कुल दो प्रतिशत लिया जाएगा। बिजली निगम जितना पैसा शहर के लोगों से हर महीने बिल के रूप में ले रहा है, उस राशि का दो प्रतिशत हिस्सा अब बिजली निगम एकत्रित कर नगर निगम को देगा।
नगर निगम को एम टैक्स से होने वाली आमदनी तीन गुणा बढ़ी
प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और परिषदों की एम टैक्स से होने वाली आमदनी तीन गुणा बढ़ जाएगी। हिसार नगर निगम की बात करें तो यहां साल भर में करीब सवा तीन करोड़ रुपये से अधिक पैसा एम टैक्स के रूप में निगम में जमा होता है।
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यूं समझिए इसे
उदाहरण के तौर पर अगर किसी कॉमर्शियल साइट का बिजली बिजली बिल सात हजार रुपये प्रति महीना आ रहा है तो इस पर 140 रुपये अतिरिक्त एम टैक्स देना होगा। यह बिल में जुड़कर कुल राशि 7140 रुपये हो जाएगी। पहले यह टैक्स प्रति यूनिट पांच पैसे था। उदाहरण के तौर पर अगर हम प्रति महीना 1000 यूनिट खर्च कर रहे थे तो हमें एम टैक्स के रूप में 50 रुपये देने पड़ते थे। अब यह बढ़कर करीब तीन गुणा हो जाएगी।
अब नए बिल के साथ आएगा रिवाइज एम टैक्स
इस बार उपभोक्ता को जो बिल मिलने वाला है, उसमें रिवाइज एम टैक्स का पैसा भी जुड़कर आएगा। इतना ही नहीं यह टैक्स नवंबर से अब तक का बकाया उपभोक्ताओं से लिया जाएगा।
निगमों, पालिकाओं और परिषदों की आय बढ़ाने को लिया फैसला
सरकार ने नगर निगमों, पालिकाओं और परिषदों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए यह कदम उठाया। प्रदेश भर की नगर निगमों से पहले एम टैक्स को लेकर हाउस में प्रस्ताव रखवाया गया था। इस प्रस्ताव पर हाउस की मुहर लगने के बाद सरकार के पास प्रस्ताव भिजवाया गया। इसे सरकार ने मानते हुए सर्कुलर जारी कर दिया था।
एम टैक्स अब पांच पैसे प्रति यूनिट के स्थान पर कुल बिल का दो प्रतिशत लिया जाएगा। इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी और जिनसे मीटर रेंट लिया जाता है, उस राशि को छोड़कर बाकी कुल राशि पर एम टैक्स दो प्रतिशत के हिसाब से लिया जाएगा। इस बार नए बिल से ये टैक्स उपभोक्ताओं से लिया जाएगा। नवंबर और दिसंबर का बकाया एम टैक्स भी उपभोक्ताओं को देना होगा। -एसआर नकवी, एसई कॉमर्शियल डीएचबीवीएन
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हिसार।
प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं पर नए बिजली बिलों के साथ बोझ पड़ने वाला है। इस बार उपभोक्ताओं से बढ़े हुए एम टैक्स (म्युनिसिपल टैक्स) के हिसाब से अदायगी होगी। इतना ही नहीं बिजली निगम नवंबर और दिसंबर महीने से बढ़े हुए एम टैक्स की राशि उपभोक्ताओं से वसूलेगी। पहले एम टैक्स उपभोक्ताओं से पांच पैसे प्रति यूनिट के हिसाब से लिया जा रहा था, अब यह लगभग तीन गुणा बढ़ जाएगा। यह कुल बिल की राशि का दो प्रतिशत होगा।
बिजली निगम से नगर निगम और पालिकाओं को जाने वाला एम टैक्स अब पांच पैसे के स्थान पर बिल की राशि का कुल दो प्रतिशत लिया जाएगा। बिजली निगम जितना पैसा शहर के लोगों से हर महीने बिल के रूप में ले रहा है, उस राशि का दो प्रतिशत हिस्सा अब बिजली निगम एकत्रित कर नगर निगम को देगा।
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नगर निगम को एम टैक्स से होने वाली आमदनी तीन गुणा बढ़ी
प्रदेश के नगर निगमों, नगर पालिकाओं और परिषदों की एम टैक्स से होने वाली आमदनी तीन गुणा बढ़ जाएगी। हिसार नगर निगम की बात करें तो यहां साल भर में करीब सवा तीन करोड़ रुपये से अधिक पैसा एम टैक्स के रूप में निगम में जमा होता है।
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यूं समझिए इसे
उदाहरण के तौर पर अगर किसी कॉमर्शियल साइट का बिजली बिजली बिल सात हजार रुपये प्रति महीना आ रहा है तो इस पर 140 रुपये अतिरिक्त एम टैक्स देना होगा। यह बिल में जुड़कर कुल राशि 7140 रुपये हो जाएगी। पहले यह टैक्स प्रति यूनिट पांच पैसे था। उदाहरण के तौर पर अगर हम प्रति महीना 1000 यूनिट खर्च कर रहे थे तो हमें एम टैक्स के रूप में 50 रुपये देने पड़ते थे। अब यह बढ़कर करीब तीन गुणा हो जाएगी।
अब नए बिल के साथ आएगा रिवाइज एम टैक्स
इस बार उपभोक्ता को जो बिल मिलने वाला है, उसमें रिवाइज एम टैक्स का पैसा भी जुड़कर आएगा। इतना ही नहीं यह टैक्स नवंबर से अब तक का बकाया उपभोक्ताओं से लिया जाएगा।
निगमों, पालिकाओं और परिषदों की आय बढ़ाने को लिया फैसला
सरकार ने नगर निगमों, पालिकाओं और परिषदों की आर्थिक हालत सुधारने के लिए यह कदम उठाया। प्रदेश भर की नगर निगमों से पहले एम टैक्स को लेकर हाउस में प्रस्ताव रखवाया गया था। इस प्रस्ताव पर हाउस की मुहर लगने के बाद सरकार के पास प्रस्ताव भिजवाया गया। इसे सरकार ने मानते हुए सर्कुलर जारी कर दिया था।
एम टैक्स अब पांच पैसे प्रति यूनिट के स्थान पर कुल बिल का दो प्रतिशत लिया जाएगा। इलेक्ट्रिसिटी ड्यूटी और जिनसे मीटर रेंट लिया जाता है, उस राशि को छोड़कर बाकी कुल राशि पर एम टैक्स दो प्रतिशत के हिसाब से लिया जाएगा। इस बार नए बिल से ये टैक्स उपभोक्ताओं से लिया जाएगा। नवंबर और दिसंबर का बकाया एम टैक्स भी उपभोक्ताओं को देना होगा। -एसआर नकवी, एसई कॉमर्शियल डीएचबीवीएन